अजित डोभाल ने वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम से की मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी के 10 साल पर बड़ी चर्चा

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अजित डोभाल ने वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम से की मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी के 10 साल पर बड़ी चर्चा

सारांश

वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत की पहली राजकीय यात्रा महज़ औपचारिकता नहीं — यह भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 साल पूरे होने का मील का पत्थर है। NSA डोभाल से लेकर PM मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु तक की बैठकें, और मुंबई में NSE दौरा — यह यात्रा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक रिश्तों की नई इबारत लिखने की कोशिश है।

मुख्य बातें

NSA अजित डोभाल ने 5 मई 2025 को नई दिल्ली में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम से मुलाकात कर रणनीतिक साझेदारी मज़बूत करने पर चर्चा की।
राष्ट्रपति तो लाम भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं और 7 मई 2025 तक भारत में रहेंगे।
6 मई को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से द्विपक्षीय बैठकें निर्धारित हैं।
इस वर्ष भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
तो लाम मुंबई में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का दौरा करेंगे और एक व्यापार मंच में भाग लेंगे।
यात्रा से पहले राष्ट्रपति तो लाम ने बिहार के महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने 5 मई 2025 को नई दिल्ली में वियतनाम के राष्ट्रपति एवं वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव तो लाम से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच बहुआयामी एवं व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक अवसर है।

राजकीय यात्रा का आगाज़

राष्ट्रपति तो लाम मंगलवार को भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुँचे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा,

संपादकीय दृष्टिकोण

व्यापार और समुद्री सुरक्षा में ठोस सहयोग को संस्थागत रूप देने का है। हालाँकि 10 साल की 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के बावजूद द्विपक्षीय व्यापार अपनी पूरी क्षमता से काफी नीचे रहा है। मुंबई में NSE दौरा और व्यापार मंच इस खाई को पाटने की दिशा में सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन असली परीक्षा ठोस समझौतों और उनके क्रियान्वयन में होगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजित डोभाल और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की मुलाकात में क्या चर्चा हुई?
NSA अजित डोभाल और राष्ट्रपति तो लाम ने 5 मई 2025 को नई दिल्ली में मुलाकात कर भारत-वियतनाम बहुआयामी एवं व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बैठक की पुष्टि की।
वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा का कार्यक्रम क्या है?
राष्ट्रपति तो लाम 5 से 7 मई 2025 तक भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं। 6 मई को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत, PM मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से बैठकें, तथा मुंबई में NSE दौरा और व्यापार मंच में भागीदारी कार्यक्रम में शामिल है।
भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी क्या है और यह कब स्थापित हुई?
भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी एक बहुआयामी द्विपक्षीय ढाँचा है जो रक्षा, व्यापार, सांस्कृतिक और कूटनीतिक सहयोग को समेटता है। इस वर्ष इस साझेदारी के 10 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिसे इस यात्रा के केंद्रीय विषय के रूप में रेखांकित किया जा रहा है।
तो लाम की यह यात्रा भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह राष्ट्रपति चुने जाने के बाद तो लाम की भारत की पहली राजकीय यात्रा है, जो भारत-वियतनाम साझेदारी की 10वीं वर्षगाँठ पर हो रही है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने का अवसर है।
राष्ट्रपति तो लाम ने महाबोधि मंदिर का दौरा क्यों किया?
राष्ट्रपति तो लाम ने अपनी भारत यात्रा के दौरान बिहार के महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की, जहाँ बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका स्वागत किया। यह दौरा भारत और वियतनाम के बीच ऐतिहासिक बौद्ध सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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