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वियतनाम ने भारत को बताया 'भरोसेमंद और पुराना मित्र', एनहांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को और गहरा करने पर जोर

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वियतनाम ने भारत को बताया 'भरोसेमंद और पुराना मित्र', एनहांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को और गहरा करने पर जोर

सारांश

वियतनाम की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष ट्रान थान मैन ने भारत को 'वफादार और भरोसेमंद मित्र' बताते हुए ECSP को और गहरा करने का आह्वान किया। राष्ट्रपति टो लाम की मई यात्रा के बाद यह बैठक दोनों देशों के संसदीय और रणनीतिक रिश्तों में नई ऊर्जा का संकेत है।

मुख्य बातें

वियतनाम की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष ट्रान थान मैन ने 24 जून 2025 को हनोई में भारतीय राजदूत शेरिंग वांगचुक शेरपा से मुलाकात की।
मैन ने भारत को 'वफादार, भरोसेमंद और लंबे समय से चला आ रहा मित्र' बताया और द्विपक्षीय संबंधों को प्राथमिकता देने की बात दोहराई।
वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम की मई 2025 की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंधों को एनहांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप (ECSP) का दर्जा दिया गया।
राजदूत शेरपा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से ट्रान थान मैन को भारत आने का औपचारिक निमंत्रण सौंपा।
रक्षा, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति।

वियतनाम की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष ट्रान थान मैन ने 24 जून 2025 को हनोई में भारत के राजदूत शेरिंग वांगचुक शेरपा से मुलाकात के दौरान भारत को 'वफादार, भरोसेमंद और लंबे समय से चला आ रहा मित्र' बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वियतनाम अपनी विदेश नीति की प्राथमिकताओं में भारत के साथ संबंधों को सर्वोच्च स्थान देता है। इस बैठक को दोनों देशों के बीच बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

बैठक का मुख्य घटनाक्रम

ट्रान थान मैन ने राजदूत शेरपा की उन विशेष प्रयासों के लिए सराहना की जो उन्होंने वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम की हाल की भारत यात्रा के दौरान समन्वय और व्यवस्थाओं में निभाई। उन्होंने भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को शुभकामनाएं भेजीं। साथ ही उन्होंने कहा कि वह निकट भविष्य में भारतीय संसदीय नेताओं का वियतनाम में स्वागत करना चाहते हैं।

एनहांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि राष्ट्रपति टो लाम की मई 2025 में भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंधों को एनहांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप (ECSP) के स्तर तक पहुँचाया गया। यह ऐसे समय में आया है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत और वियतनाम दोनों अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने में लगे हैं। दोनों देशों के बीच लंबे समय से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं, जिनकी जड़ें साझा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत में हैं।

संसदीय सहयोग पर जोर

ट्रान थान मैन ने कहा कि वियतनाम की नेशनल असेंबली भारत की संसद के साथ मिलकर दोनों देशों के नेताओं के बीच हुए समझौतों और साझा समझ को लागू करने के लिए काम करेगी। उन्होंने रक्षा और सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति तथा लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक के दौरान राजदूत शेरपा ने ओम बिरला की ओर से ट्रान थान मैन को भारत आने का औपचारिक निमंत्रण सौंपा।

भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया

वियतनाम में स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि 'लोग किसी भी साझेदारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं' और वियतनाम की नेशनल असेंबली तथा भारत की संसद के बीच करीबी संबंध दोनों देशों के लोगों के गहरे जुड़ाव को दर्शाते हैं। दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार इस यात्रा को बहुत महत्व देती है और दोनों संसदों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

आगे की राह

इस बैठक के बाद दोनों देशों के बीच संसदीय आदान-प्रदान और बढ़ने की उम्मीद है। ट्रान थान मैन का भारत दौरा निकट भविष्य में संभावित है, जो ECSP के तहत तय किए गए सहयोग के एजेंडे को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग की गति आने वाले महीनों में और तेज होने के संकेत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ चीन के बढ़ते दबाव के बीच हनोई नई दिल्ली को एक विश्वसनीय संतुलनकारी शक्ति के रूप में देख रहा है। ECSP का दर्जा मिलना महत्वपूर्ण है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि रक्षा और व्यापार में ठोस परिणाम कब और कितने आते हैं। संसदीय कूटनीति को गति देना सही कदम है, पर बिना क्रियान्वयन की समयसीमा के ये घोषणाएं केवल इरादों की सूची बनकर रह सकती हैं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वियतनाम और भारत के बीच एनहांस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप (ECSP) क्या है?
ECSP भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय संबंधों का सर्वोच्च स्तर है, जिसे वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम की मई 2025 की भारत यात्रा के दौरान औपचारिक रूप दिया गया। इसमें रक्षा, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक सहयोग शामिल हैं।
ट्रान थान मैन और भारतीय राजदूत की बैठक में क्या हुआ?
24 जून 2025 को हनोई में हुई इस बैठक में वियतनाम की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष ट्रान थान मैन ने भारत को 'वफादार और भरोसेमंद मित्र' बताया। राजदूत शेरिंग वांगचुक शेरपा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से मैन को भारत आने का निमंत्रण भी सौंपा।
वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम की भारत यात्रा का क्या महत्व था?
मई 2025 में हुई राष्ट्रपति टो लाम की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को ECSP स्तर तक उन्नत किया गया। इस यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा और गति दी, जिसकी सराहना वियतनाम की नेशनल असेंबली ने भी की।
भारत और वियतनाम के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है?
दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। वियतनाम की नेशनल असेंबली और भारत की संसद मिलकर नेताओं के बीच हुए समझौतों को लागू करने के लिए काम करेंगी।
क्या ट्रान थान मैन जल्द भारत आ सकते हैं?
हाँ, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर से ट्रान थान मैन को भारत आने का औपचारिक निमंत्रण दिया गया है। मैन ने स्वयं कहा है कि वह निकट भविष्य में भारतीय संसदीय नेताओं का वियतनाम में भी स्वागत करना चाहते हैं, जिससे संसदीय आदान-प्रदान दोनों दिशाओं में बढ़ने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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