वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत, मोदी-मुर्मु से होंगी अहम बैठकें

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वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत, मोदी-मुर्मु से होंगी अहम बैठकें

सारांश

वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम की भारत यात्रा महज़ एक राजनयिक औपचारिकता नहीं — यह उस साझेदारी की परीक्षा है जो 10 साल पहले मोदी की वियतनाम यात्रा से उपजी थी। बोधगया से लेकर NSE तक का एजेंडा बताता है कि दोनों देश आध्यात्मिक सूत्र से आगे बढ़कर रणनीतिक और आर्थिक धरातल पर रिश्ते मज़बूत करना चाहते हैं।

मुख्य बातें

वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम को 6 मई को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया।
भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने का उत्सव इस यात्रा के केंद्र में है।
NSA अजित डोभाल ने मंगलवार को टो लाम से मुलाकात कर रणनीतिक सहयोग पर चर्चा की।
राष्ट्रपति 7 मई तक भारत में रहेंगे और मुंबई में NSE दौरे व बिजनेस फोरम में भाग लेंगे।
राष्ट्रपति बनने के बाद यह टो लाम की पहली भारत यात्रा है।

वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम को बुधवार, 6 मई को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर के साथ भव्य स्वागत दिया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका अभिनंदन किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने वियतनाम और भारत के राष्ट्रीय ध्वज लहराकर मेहमान नेता का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

गया और दिल्ली में स्वागत का क्रम

राष्ट्रपति टो लाम मंगलवार को बिहार के गया पहुँचे, जहाँ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका स्वागत किया। इसके पश्चात उन्होंने बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की — यह यात्रा का एक महत्त्वपूर्ण आध्यात्मिक पड़ाव रहा। दिल्ली पहुँचने पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।

NSA डोभाल से रणनीतिक चर्चा

मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने राष्ट्रपति टो लाम से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस बैठक में भारत-वियतनाम संबंधों को और सशक्त बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।

व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा देगी। गौरतलब है कि इस वर्ष भारत और वियतनाम अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं, जो 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान स्थापित हुई थी। यह साझेदारी रक्षा, व्यापार, सांस्कृतिक और डिजिटल सहयोग के क्षेत्रों में निरंतर विस्तारित हो रही है।

आज की प्रमुख बैठकें और कार्यक्रम

राष्ट्रपति टो लाम — जो वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव भी हैं — 7 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। आज प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति टो लाम के बीच द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। राष्ट्रपति मुर्मु भी उनसे मुलाकात करेंगी, जबकि अन्य वरिष्ठ नेता भी भेंट कर सकते हैं।

मुंबई दौरा और व्यापारिक एजेंडा

दिल्ली के बाद राष्ट्रपति टो लाम मुंबई भी जाएंगे, जहाँ वह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का दौरा करेंगे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात करेंगे तथा एक बिजनेस फोरम में भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलने और संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और असली कसौटी यह होगी कि मुंबई का बिजनेस फोरम और दिल्ली की बैठकें कितने ठोस समझौतों में तब्दील होती हैं। बोधगया की यात्रा सांस्कृतिक सेतु को पुख्ता करती है, लेकिन NSE दौरा संकेत देता है कि वियतनाम भारतीय पूँजी बाज़ारों में दिलचस्पी रखता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम की भारत यात्रा का उद्देश्य क्या है?
राष्ट्रपति टो लाम की यह यात्रा भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रही है, जो 2016 में स्थापित हुई थी। इस यात्रा में द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ व्यापारिक सहयोग को नई दिशा देने का लक्ष्य है।
टो लाम भारत में कितने दिन रहेंगे और कहाँ-कहाँ जाएंगे?
राष्ट्रपति टो लाम 7 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे। उन्होंने गया में महाबोधि मंदिर का दौरा किया, नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में स्वागत हुआ, और मुंबई में NSE दौरे व बिजनेस फोरम में भाग लेंगे।
भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी क्या है?
यह साझेदारी 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान स्थापित हुई थी और इस वर्ष अपने 10 वर्ष पूरे कर रही है। इसमें रक्षा, व्यापार, सांस्कृतिक और डिजिटल सहयोग के क्षेत्र शामिल हैं।
NSA अजित डोभाल और टो लाम की बैठक में क्या हुआ?
मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने राष्ट्रपति टो लाम से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसकी पुष्टि की।
क्या यह टो लाम की पहली भारत यात्रा है?
हाँ, राष्ट्रपति बनने के बाद यह टो लाम की पहली भारत यात्रा है। वे वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव भी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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