राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के सम्मान में भोज दिया, भारत-वियतनाम 'विस्तारित रणनीतिक साझेदारी' पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 6 मई 2025 को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन किया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भी उपस्थित रहे। राष्ट्रपति मुर्मु ने भारत-वियतनाम संबंधों को 'विस्तारित व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक ले जाने पर विशेष बल दिया।
भोज और द्विपक्षीय संवाद
राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी पोस्ट के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति तो लाम का औपचारिक स्वागत करते हुए कहा कि यह साझेदारी न केवल दोनों देशों के द्विपक्षीय सहयोग को नई गति देगी, बल्कि इस क्षेत्र में शांति और समृद्धि में भी योगदान करेगी। यह यात्रा भारत-वियतनाम कूटनीतिक संबंधों के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग की नई राहें
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता के बाद जारी आधिकारिक बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति तो लाम ने भारतीय दवा उद्योग की प्रगति की सराहना की। दोनों देशों ने सहमति जताई कि 2027 से वियतनाम के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए दवाओं की खरीद में भारतीय कंपनियों की संभावित भागीदारी के रास्ते तलाशे जाएंगे। इसके साथ ही, स्वास्थ्य क्षेत्र के डिजिटल परिवर्तन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।
गौरतलब है कि दोनों देशों में पारंपरिक चिकित्सा की समृद्ध विरासत को देखते हुए नेताओं ने ज्ञान, शोध और सर्वोत्तम तरीकों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर सहमति जताई। पारंपरिक चिकित्सा पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति का स्वागत किया गया और वियतनाम में आयुर्वेद के लिए अकादमिक चेयर स्थापित करने के प्रस्ताव को भी सराहा गया।
डिजिटल भुगतान और तकनीकी सहयोग
तकनीकी क्षेत्र में दोनों देशों ने UPI आधारित डिजिटल भुगतान को जोड़ने के महत्व पर विशेष बल दिया। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम के बीच वित्तीय नवाचार और डिजिटल भुगतान पर हुए समझौते का दोनों पक्षों ने स्वागत किया। QR कोड के माध्यम से खुदरा भुगतान प्लेटफॉर्म को जोड़ने पर भी सहमति बनी, जिससे पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
उभरती प्रौद्योगिकियों में साझेदारी
आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, परमाणु तकनीक, समुद्री विज्ञान, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स, उन्नत सामग्री और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यह ऐसे समय में आया है जब भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति मज़बूत करने में जुटा है।
आगे की राह
यह राजकीय यात्रा भारत और वियतनाम के बीच बहुआयामी सहयोग की नींव को और मज़बूत करती है। स्वास्थ्य, डिजिटल तकनीक और उभरती प्रौद्योगिकियों में हुई सहमतियाँ दोनों देशों के संबंधों को एक नया आयाम देती हैं। अब देखना यह होगा कि ये घोषणाएँ ज़मीनी स्तर पर किस रफ्तार से क्रियान्वित होती हैं।