भारत-वियतनाम: UPI डिजिटल पेमेंट और स्वास्थ्य सहयोग पर बड़ा समझौता, 2027 से दवा खरीद में भारतीय कंपनियाँ

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भारत-वियतनाम: UPI डिजिटल पेमेंट और स्वास्थ्य सहयोग पर बड़ा समझौता, 2027 से दवा खरीद में भारतीय कंपनियाँ

सारांश

भारत और वियतनाम ने नई दिल्ली में UPI आधारित डिजिटल पेमेंट लिंकेज, 2027 से दवा खरीद में भारतीय कंपनियों की संभावित भागीदारी और दुर्लभ खनिज समझौते पर सहमति जताई। यह बैठक दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की तकनीकी और आर्थिक पहुँच को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने 6 मई 2026 को नई दिल्ली में संयुक्त बयान जारी किया।
RBI और स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम के बीच डिजिटल भुगतान समझौता; QR कोड के ज़रिए खुदरा प्लेटफॉर्म जोड़े जाएँगे।
2027 से वियतनाम के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भारतीय दवा कंपनियों की संभावित भागीदारी के रास्ते तलाशे जाएँगे।
पारंपरिक चिकित्सा पर MOU को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति; वियतनाम में आयुर्वेद अकादमिक चेयर स्थापित करने का प्रस्ताव।
IREL (India) Limited और वियतनाम के संस्थान के बीच दुर्लभ खनिज सहयोग समझौते का स्वागत।
वियतनाम की ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस (GBA) में शामिल होने की रुचि का भारत ने स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने 6 मई 2026 को नई दिल्ली में संयुक्त प्रेस वार्ता के बाद जारी आधिकारिक बयान में UPI आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली को जोड़ने और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों ने 2027 से वियतनाम के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए दवा खरीद में भारतीय कंपनियों की संभावित भागीदारी के रास्ते तलाशने पर सहमति जताई। यह द्विपक्षीय बैठक भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

डिजिटल भुगतान में सहयोग का नया अध्याय

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम के बीच वित्तीय नवाचार और डिजिटल भुगतान पर हुए समझौते का दोनों नेताओं ने स्वागत किया। दोनों देशों ने QR कोड के माध्यम से खुदरा भुगतान प्लेटफॉर्म को जोड़ने पर सहमति जताई, जिससे पर्यटन और व्यापार दोनों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि भारत पहले ही सिंगापुर, UAE और श्रीलंका जैसे देशों के साथ UPI लिंकेज स्थापित कर चुका है — वियतनाम के साथ यह कदम दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की डिजिटल वित्तीय पहुँच को और विस्तार देगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र: दवा उद्योग और पारंपरिक चिकित्सा

दोनों नेताओं ने भारतीय दवा उद्योग की प्रगति की सराहना की और 2027 से वियतनाम के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में भारतीय कंपनियों की संभावित भागीदारी के अवसर तलाशने पर सहमति जताई। स्वास्थ्य क्षेत्र के डिजिटल परिवर्तन में सहयोग बढ़ाने और विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। पारंपरिक चिकित्सा पर समझौता ज्ञापन (MOU) को अंतिम रूप देने की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया गया और वियतनाम में आयुर्वेद के लिए अकादमिक चेयर स्थापित करने के प्रस्ताव को भी सराहा गया।

प्रौद्योगिकी और ऊर्जा में व्यापक साझेदारी

आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 6G, AI, अंतरिक्ष और परमाणु तकनीक, समुद्री विज्ञान, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स, उन्नत सामग्री और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यह सहयोग संयुक्त शोध, अनुसंधान एवं विकास केंद्र और उत्पाद विकास जैसी व्यावहारिक पहलों पर केंद्रित होगा। दोनों नेताओं ने दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ) के क्षेत्र में IREL (India) Limited और वियतनाम के संस्थान के बीच हुए समझौते का स्वागत किया और इसके शीघ्र क्रियान्वयन पर जोर दिया।

परमाणु ऊर्जा और पर्यावरण सहयोग

दोनों नेताओं ने परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग में जारी सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। भारत ने वियतनाम द्वारा अपने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भागीदारी के निमंत्रण की सराहना की। पर्यावरण के मोर्चे पर नेताओं ने मिशन लाइफ और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) के महत्व को स्वीकार किया। भारत ने वियतनाम की ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस (GBA) में शामिल होने की रुचि का स्वागत किया और कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI) की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।

आगे की राह

दोनों देशों ने समुद्री अवलोकन, डेटा प्रबंधन, पूर्वानुमान सेवाएँ, क्षमता निर्माण और समुद्री वैज्ञानिक अनुसंधान सहित समुद्री विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। स्मार्ट कृषि, जल प्रबंधन और वायु प्रदूषण नियंत्रण में डिजिटल तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। इस व्यापक साझेदारी की सफलता अब क्रियान्वयन की गति और दोनों देशों की संस्थागत क्षमता पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो चीन के डिजिटल प्रभाव को संतुलित करने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। दुर्लभ खनिज समझौता सबसे ठोस कदम लगता है — वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में वियतनाम की स्थिति को देखते हुए यह भारत के लिए रणनीतिक रूप से सबसे मूल्यवान हो सकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और वियतनाम के बीच UPI डिजिटल पेमेंट समझौता क्या है?
6 मई 2026 को नई दिल्ली में RBI और स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम के बीच वित्तीय नवाचार और डिजिटल भुगतान पर समझौता हुआ। दोनों देश QR कोड के माध्यम से खुदरा भुगतान प्लेटफॉर्म जोड़ेंगे, जिससे पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
2027 से वियतनाम में भारतीय दवा कंपनियों की क्या भूमिका होगी?
दोनों देशों ने सहमति जताई कि 2027 से वियतनाम के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए दवा खरीद में भारतीय कंपनियों की संभावित भागीदारी के रास्ते तलाशे जाएँगे। यह अभी अन्वेषण के चरण में है और अंतिम व्यवस्था बाद में तय होगी।
भारत-वियतनाम दुर्लभ खनिज समझौता किसके बीच हुआ?
IREL (India) Limited और वियतनाम के संबंधित संस्थान के बीच दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ) के क्षेत्र में सहयोग समझौता हुआ। दोनों नेताओं ने इसके शीघ्र क्रियान्वयन पर जोर दिया।
वियतनाम में आयुर्वेद अकादमिक चेयर का प्रस्ताव क्या है?
दोनों नेताओं ने वियतनाम में आयुर्वेद के लिए अकादमिक चेयर स्थापित करने के प्रस्ताव की सराहना की। यह पारंपरिक चिकित्सा पर हो रहे MOU के व्यापक ढाँचे का हिस्सा है, जिसमें ज्ञान, शोध और सर्वोत्तम तरीकों का आदान-प्रदान शामिल है।
भारत-वियतनाम ने किन अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग पर सहमति जताई?
दोनों देशों ने 6G, AI, अंतरिक्ष, परमाणु तकनीक, समुद्री विज्ञान, बायोटेक्नोलॉजी, उन्नत सामग्री और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। वियतनाम की ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस में शामिल होने की रुचि का भारत ने स्वागत किया।
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