PM मोदी और वियतनाम राष्ट्रपति तो लाम की साझा प्रेस वार्ता: व्यापार ₹25 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य, रक्षा सहयोग पर भी सहमति

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PM मोदी और वियतनाम राष्ट्रपति तो लाम की साझा प्रेस वार्ता: व्यापार ₹25 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य, रक्षा सहयोग पर भी सहमति

सारांश

भारत और वियतनाम ने 6 मई को हैदराबाद हाउस में कई अहम MoU पर हस्ताक्षर किए। PM मोदी ने व्यापार को 2030 तक 25 बिलियन डॉलर पहुँचाने, चम्पा मंदिरों के जीर्णोद्धार और रक्षा सहयोग को मज़बूत करने की बात कही। यह वार्ता भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के लिए एक अहम कड़ी है।

मुख्य बातें

PM मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने 6 मई 2025 को हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की।
भारत-वियतनाम द्विपक्षीय व्यापार पिछले एक दशक में दोगुना होकर 16 बिलियन डॉलर पहुँचा; 2030 तक 25 बिलियन डॉलर का लक्ष्य।
पिछले वर्ष भारत से भेजे गए बौद्ध अवशेषों के दर्शन वियतनाम में 1.5 करोड़ से अधिक लोगों ने किए — देश की कुल जनसंख्या का 15% ।
वियतनाम की चम्पा सभ्यता के मी सॉन और न्हान टवर मंदिरों का जीर्णोद्धार और पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जाएगा।
ड्रग अथॉरिटी MoU से भारतीय दवाइयों की वियतनाम में पहुँच बढ़ेगी; कृषि, मत्स्य और पशु उत्पादों का निर्यात भी सुगम होगा।
वियतनाम को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और विज़न महासागर का मुख्य स्तंभ बताया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के बीच 6 मई 2025 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद आयोजित साझा प्रेस वार्ता में मोदी ने कहा कि भारत और वियतनाम अपने संबंधों को ठोस परिणामों में बदल रहे हैं। दोनों देशों के बीच 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 25 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया।

बोधगया से शुरू हुई यात्रा और आध्यात्मिक विरासत

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति तो लाम का स्वागत करते हुए कहा कि उनका उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल और बिजनेस लीडर्स के साथ आना यह दर्शाता है कि वियतनाम भारत को कितनी प्राथमिकता देता है। मोदी ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके लिए ठोस बाज़ार-पहुँच समझौतों और गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाने की ज़रूरत होगी — जिनका उल्लेख इस वार्ता में स्पष्ट रूप से नहीं हुआ। चम्पा सभ्यता के संरक्षण और बौद्ध विरासत की साझेदारी एक नरम शक्ति (soft power) रणनीति के रूप में प्रभावशाली है, लेकिन रक्षा सहयोग के ब्यौरे — विशेषकर समुद्री सुरक्षा के संदर्भ में — सार्वजनिक रूप से अस्पष्ट रहे, जो एक महत्वपूर्ण चूक है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की वार्ता में क्या हुआ?
6 मई 2025 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय वार्ता की और कई MoU पर हस्ताक्षर किए। इसमें व्यापार, रक्षा, दवा, कृषि और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
भारत और वियतनाम का 2030 तक व्यापार लक्ष्य क्या है?
दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 25 बिलियन डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल यह व्यापार पिछले एक दशक में दोगुना होकर 16 बिलियन डॉलर तक पहुँच चुका है।
चम्पा सभ्यता के मंदिरों के जीर्णोद्धार में भारत की क्या भूमिका है?
भारत, वियतनाम की प्राचीन चम्पा सभ्यता के मी सॉन और न्हान टवर मंदिरों का जीर्णोद्धार कर रहा है। इसके अलावा चम्पा पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में संरक्षित करने की भी योजना है।
वियतनाम में भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का क्या महत्व है?
PM मोदी ने वियतनाम को भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और विज़न महासागर का मुख्य स्तंभ बताया। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों की साझा समझ और रक्षा-सुरक्षा सहयोग इस नीति को व्यावहारिक रूप देते हैं।
भारत-वियतनाम के बीच ड्रग अथॉरिटी MoU से क्या बदलेगा?
दोनों देशों की ड्रग अथॉरिटीज के बीच हुए MoU से भारतीय दवाइयों की वियतनाम में पहुँच और आसान होगी। साथ ही कृषि, मत्स्य और पशु उत्पादों के निर्यात की प्रक्रिया भी सुगम होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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