निर्मला सीतारमण और वियतनाम के वित्त मंत्री की नई दिल्ली में बैठक, 10 साल पुरानी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मिली नई मजबूती

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
निर्मला सीतारमण और वियतनाम के वित्त मंत्री की नई दिल्ली में बैठक, 10 साल पुरानी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मिली नई मजबूती

सारांश

भारत और वियतनाम के वित्त मंत्रियों की नई दिल्ली में हुई बैठक महज औपचारिकता नहीं थी — यह 10 साल पुरानी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की कोशिश थी। टेक्नोलॉजी, फार्मा, ऊर्जा और एमएसएमई सहयोग पर वियतनाम की गहरी रुचि बताती है कि एशिया-प्रशांत में भारत की आर्थिक साख बढ़ रही है।

मुख्य बातें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 6 मई 2026 को नई दिल्ली में वियतनाम के वित्त मंत्री न्गो वान तुआन से मुलाकात की।
दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
वियतनाम ने टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, ऊर्जा और फार्मा सेक्टर में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने में विशेष रुचि जताई।
भारत ने फेसलेस असेसमेंट , एमएसएमई योजनाएँ , एआई स्किलिंग और पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म की जानकारी वियतनाम के साथ साझा की।
वियतनाम के वित्त मंत्री ने भारत के टैक्स सुधार और सार्वजनिक निवेश मॉडल को समझने में रुचि व्यक्त की।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 6 मई 2026 को नई दिल्ली में वियतनाम के वित्त मंत्री न्गो वान तुआन से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच 10 वर्ष पूरे कर चुकी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर जोर दिया। इस बैठक में वैश्विक अर्थव्यवस्था, बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और आपसी सहयोग के नए अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बैठक की जानकारी साझा की।

बैठक के मुख्य बिंदु

दोनों वित्त मंत्रियों ने वैश्विक आर्थिक स्थिरता और मौजूदा भू-राजनीतिक चुनौतियों पर अपने-अपने दृष्टिकोण रखे। मंत्रालय के अनुसार, बैठक में आर्थिक लचीलापन बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने के तरीकों पर विशेष ध्यान दिया गया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ पुनर्गठित हो रही हैं और दोनों देश अपनी-अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने में जुटे हैं।

वियतनाम की प्राथमिकताएँ और भारतीय मॉडल में रुचि

वियतनाम ने विशेष रूप से टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, ऊर्जा और फार्मा सेक्टर में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने में गहरी रुचि जताई। वियतनाम के वित्त मंत्री न्गो वान तुआन ने भारत की आर्थिक नीतियों की सराहना की और खासतौर पर टैक्स सुधार, एमएसएमई सेक्टर के विकास तथा सार्वजनिक निवेश के जरिए आर्थिक वृद्धि के मॉडल को समझने में रुचि व्यक्त की। गौरतलब है कि भारत का एमएसएमई क्षेत्र देश की GDP में महत्वपूर्ण योगदान देता है और रोज़गार सृजन का प्रमुख स्तंभ है।

भारत की ओर से साझा की गई पहलें

बैठक में भारत की ओर से एमएसएमई सेक्टर को समर्थन देने वाली कई योजनाओं की जानकारी दी गई, जिनमें ब्याज सब्सिडी, सरकारी खरीद नीतियाँ और वर्कफोर्स के लिए एआई स्किलिंग जैसी पहल शामिल हैं। इसके अलावा, कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए अपनाए गए 'फेसलेस असेसमेंट' और प्रौद्योगिकी-आधारित कर प्रबंधन प्रणाली का भी उल्लेख किया गया। वित्त मंत्री सीतारमण ने पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी, जो इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए एक आधुनिक और तकनीक-संचालित व्यवस्था है — और जिसमें वियतनाम ने भी विशेष रुचि दिखाई।

द्विपक्षीय संबंधों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

वित्त मंत्री सीतारमण ने रक्षा मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान वियतनाम की अपनी यात्रा को भी स्मरण किया, जो दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक और सौहार्दपूर्ण संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने वियतनाम की मजबूत आर्थिक नीतियों और सुधारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन सुधारों के चलते वियतनाम की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और वह ग्लोबल वैल्यू चेन में बेहतर तरीके से एकीकृत हो रहा है। यह दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने का अवसर भी है।

आगे की राह

बैठक के अंत में भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने की साझा प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की गई। दोनों देशों के बीच यह उच्च-स्तरीय संवाद भविष्य में और ठोस आर्थिक सहयोग की नींव रखता है, विशेषकर ऐसे समय में जब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में नई आर्थिक साझेदारियाँ आकार ले रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो वियतनाम और भारत दोनों इस पुनर्गठन के प्रमुख लाभार्थी बनने की होड़ में हैं। लेकिन यह साझेदारी प्रतिस्पर्धी भी है और पूरक भी — दोनों देश कई वैश्विक निवेशकों के लिए एक-दूसरे के विकल्प के रूप में देखे जाते हैं। टेक्नोलॉजी और फार्मा में वियतनाम की रुचि भारत के लिए एक अवसर है, लेकिन यह तभी ठोस फल देगी जब इसे केवल घोषणाओं से आगे बढ़कर निवेश समझौतों और संयुक्त उद्यमों में बदला जाए। पिछले एक दशक में भारत-आसियान व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में नहीं रहा है, और इस बैठक से यह उम्मीद है कि दोनों देश उस असंतुलन को दूर करने की दिशा में ठोस कदम उठाएँगे।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निर्मला सीतारमण और वियतनाम के वित्त मंत्री की बैठक में क्या हुआ?
6 मई 2026 को नई दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वियतनाम के वित्त मंत्री न्गो वान तुआन के बीच बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों की 10 साल पुरानी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया। बैठक में वैश्विक अर्थव्यवस्था, भू-राजनीतिक चुनौतियाँ और आर्थिक सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
वियतनाम ने किन क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग में रुचि दिखाई?
वियतनाम ने विशेष रूप से टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, ऊर्जा और फार्मा सेक्टर में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने में गहरी रुचि जताई। इसके अलावा, वियतनाम के वित्त मंत्री ने भारत के टैक्स सुधार मॉडल और एमएसएमई विकास नीतियों को भी समझने की इच्छा व्यक्त की।
भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी क्या है?
भारत और वियतनाम के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी एक उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय ढाँचा है जो राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा और सांस्कृतिक सहयोग को समाहित करता है। यह साझेदारी अब 10 वर्ष पूरे कर चुकी है और दोनों देशों ने इसे और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई है।
पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म क्या है और वियतनाम को इसमें क्यों रुचि है?
पीएम गति शक्ति एक तकनीक-आधारित राष्ट्रीय मास्टर प्लान है जो इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करता है। वियतनाम ने इस मॉडल में रुचि दिखाई है क्योंकि वह भी अपने बुनियादी ढाँचे के विकास को तेज़ और समन्वित बनाना चाहता है।
भारत ने एमएसएमई सेक्टर से जुड़ी कौन-सी पहलें वियतनाम के साथ साझा कीं?
भारत ने बैठक में एमएसएमई सेक्टर को समर्थन देने वाली कई योजनाओं की जानकारी दी, जिनमें ब्याज सब्सिडी, सरकारी खरीद नीतियाँ, वर्कफोर्स के लिए एआई स्किलिंग और फेसलेस असेसमेंट जैसी पारदर्शी कर प्रणाली शामिल हैं। ये पहलें वियतनाम के अपने एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने की नीतिगत जरूरतों के अनुकूल हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले