वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम को भेंट हुआ नमोह 108 और पीतल का बोधि वृक्ष, डिनर में बिहार-महाराष्ट्र के GI उत्पादों की छटा
सारांश
मुख्य बातें
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 7 मई 2025 को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम की भव्य मेजबानी की। यह वियतनामी राष्ट्रपति की भारत की पहली आधिकारिक राजकीय यात्रा थी, जिसमें दोनों देशों के बीच गहरी होती रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत किया गया। राजकीय दावत में बिहार और महाराष्ट्र के विशिष्ट भौगोलिक संकेत (GI) प्राप्त उत्पादों का स्वाद परोसा गया, साथ ही अतिथि को अत्यंत सांस्कृतिक महत्व के उपहार भी भेंट किए गए।
राजनयिक संदेश और रणनीतिक महत्व
राष्ट्रपति मुर्मू ने टो लैम के सम्मान में आयोजित दावत में कहा कि भारत और वियतनाम के बीच गहरे ऐतिहासिक, सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंध हैं जो दोनों देशों के आपसी रिश्तों को निरंतर मज़बूत करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और इंडो-पैसिफिक विजन के अंतर्गत आसियान के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी के ढाँचे में वियतनाम की अहम भूमिका है। यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब भारत दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ अपने आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को नई ऊँचाई देने में जुटा है।
डिनर में बिहार के GI उत्पादों की विशेष उपस्थिति
राजकीय भोज में बिहार के चार विशिष्ट उत्पाद परोसे गए। सिलाओ खाजा — नालंदा जिले के सिलाओ की परंपरागत GI-टैग प्राप्त मिठाई — मैदा, चीनी और घी से पुराने तरीकों से बनाई जाती है और अपनी बहुपरती कुरकुरी बनावट के लिए प्रसिद्ध है। गया अनरसा, जो भीगे चावल के आटे और गुड़ से फर्मेंट कर बनाया जाता है और तिल से कोट किया जाता है, गया की समृद्ध पाक विरासत का प्रतीक है।
मिथिला मखाना — जिसे फॉक्स नट्स या कमल के बीज भी कहते हैं — बिहार के मिथिला क्षेत्र का GI-टैग प्राप्त प्रीमियम उत्पाद है, जो प्रोटीन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है। हाजीपुर मालभोग केला, हाजीपुर के उपजाऊ मैदानों में उगाई जाने वाली यह प्रीमियम किस्म अपनी तेज खुशबू, कुदरती मिठास और मुलायम क्रीमी बनावट के लिए जानी जाती है।
महाराष्ट्र के स्वाद और मिलेट की ताकत
महाराष्ट्र की ओर से दावत में रत्नागिरी अल्फांसो आम (हापुस) और हेल्दी मिलेट बार शामिल किए गए। GI-टैग प्राप्त रत्नागिरी आम अपनी तेज खुशबू, चमकीले सुनहरे रंग और जबरदस्त मिठास के लिए विश्वप्रसिद्ध हैं। मिलेट बार सोलापुर, अहमदनगर और मराठवाड़ा की कृषि विरासत को आधुनिक पोषण के साथ जोड़ते हैं — डाइटरी फाइबर, प्रोटीन और जरूरी मिनरल से भरपूर ये बार परंपरा और नवाचार का संगम हैं। गौरतलब है कि मिलेट को लेकर भारत की वैश्विक पहल के तहत इसे राजनयिक अवसरों पर भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया जा रहा है।
उपहारों में भारतीय सभ्यता और कारीगरी का संदेश
राष्ट्रपति टो लैम को तीन विशेष उपहार भेंट किए गए। नमोह 108 कमल — राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (NBRI), लखनऊ द्वारा विकसित राष्ट्रीय पुष्प की एक अनूठी प्रजाति — में ठीक 108 पंखुड़ियाँ हैं। यह संख्या हिंदू, बौद्ध और जैन परंपराओं में पवित्र मानी जाती है और ध्यान माला के मोतियों, वैदिक ब्रह्मांड गणनाओं और उपमहाद्वीप के पवित्र स्थलों से मेल खाती है।