वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम ने राजघाट पर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की, भारत-वियतनाम साझेदारी के 10 वर्ष पूरे

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वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम ने राजघाट पर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की, भारत-वियतनाम साझेदारी के 10 वर्ष पूरे

सारांश

वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम की भारत यात्रा महज़ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं — यह उस साझेदारी का उत्सव है जो 10 साल में रणनीतिक गहराई तक पहुँची है। राजघाट से बोधगया, राष्ट्रपति भवन से NSE तक का यह सफर दोनों देशों के सांस्कृतिक, सुरक्षा और व्यापारिक रिश्तों की बहुआयामी मज़बूती को दर्शाता है।

मुख्य बातें

वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम ने 6 मई 2025 को राजघाट , नई दिल्ली पर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका स्वागत किया।
NSA अजित डोभाल ने टो लाम से मुलाकात कर व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की।
इस वर्ष भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जो 2016 में स्थापित हुई थी।
टो लाम मुंबई में NSE का दौरा करेंगे और एक बिजनेस फोरम में भाग लेंगे।

वियतनाम के राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव टो लाम ने अपनी भारत यात्रा के दौरान बुधवार, 7 मई 2025 को नई दिल्ली स्थित राजघाट पहुँचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने बापू के सिद्धांतों और विचारों को नमन किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि महात्मा गांधी के आदर्श आज भी भारत-वियतनाम संबंधों को प्रेरित करते हैं।

राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत

राजघाट से पहले, राष्ट्रपति टो लाम को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर के साथ भव्य स्वागत दिया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने भारत और वियतनाम के राष्ट्रीय ध्वज लहराकर अतिथि नेता का अभिनंदन किया।

बोधगया और दिल्ली आगमन

राष्ट्रपति टो लाम मंगलवार को बिहार के गया पहुँचे, जहाँ बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की — यह कदम भारत और वियतनाम के साझा बौद्ध सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करता है। नई दिल्ली पहुँचने पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया।

रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने राष्ट्रपति टो लाम से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने पर विस्तृत चर्चा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत-वियतनाम संबंधों को नई दिशा और ऊर्जा देने वाली साबित होगी। गौरतलब है कि इस वर्ष दोनों देश अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं, जिसकी नींव 2016 में प्रधानमंत्री मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान रखी गई थी।

PM मोदी से वार्ता और मुंबई दौरा

राष्ट्रपति टो लाम अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे शामिल होंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी उनसे मुलाकात करेंगी। इसके अतिरिक्त, टो लाम मुंबई का भी दौरा करेंगे, जहाँ वे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का भ्रमण करेंगे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मिलेंगे तथा एक बिजनेस फोरम में भाग लेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के व्यापारिक और निवेश संबंधों को नई गति देने का अवसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दोनों देशों के बौद्ध सभ्यतागत सूत्र को उजागर करता है। हालाँकि, असली परीक्षा यह होगी कि PM मोदी के साथ होने वाली वार्ता में रक्षा, व्यापार और दक्षिण चीन सागर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कितने ठोस समझौते सामने आते हैं — क्योंकि 10 साल की साझेदारी के बाद अब घोषणाओं से अधिक परिणामों की दरकार है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम की भारत यात्रा का उद्देश्य क्या है?
राष्ट्रपति टो लाम की यह यात्रा भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रही है। इस दौरान PM मोदी के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक वार्ता होगी।
टो लाम ने राजघाट पर क्यों गए?
वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम ने राजघाट पर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, महात्मा गांधी के आदर्श आज भी भारत-वियतनाम संबंधों को प्रेरित करते हैं।
भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी कब स्थापित हुई थी?
भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान हुई थी। इस वर्ष दोनों देश इस साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं।
टो लाम भारत में और कहाँ-कहाँ जाएंगे?
राष्ट्रपति टो लाम नई दिल्ली के अलावा मुंबई भी जाएंगे, जहाँ वे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का दौरा करेंगे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मिलेंगे तथा एक बिजनेस फोरम में भाग लेंगे। इससे पहले वे बिहार के बोधगया में महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना भी कर चुके हैं।
NSA अजित डोभाल और टो लाम की मुलाकात में क्या हुआ?
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने राष्ट्रपति टो लाम से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत-वियतनाम संबंधों को नई दिशा देने वाली साबित होगी।
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