10 अगस्त 2026
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कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का साजिद रशीदी पर हमला: 'मौलाना नहीं, दलाली करते हैं'

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कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का साजिद रशीदी पर हमला: 'मौलाना नहीं, दलाली करते हैं'

सारांश

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने साजिद रशीदी को 'मौलाना' कहलाने का अधिकार ही नकार दिया — यह बयान उसी समुदाय के भीतर से आया जिसे रशीदी प्रतिनिधित्व का दावा करते हैं। रशीदी के खिलाफ मुजफ्फरनगर में FIR दर्ज हो चुकी है और सावन के बीच यह विवाद राजनीतिक और धार्मिक दोनों मोर्चों पर गरमाया हुआ है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 10 अगस्त को साजिद रशीदी को 'मौलाना' मानने से इनकार किया और उन पर 'दलाली' व नफरत फैलाने का आरोप लगाया।
साजिद रशीदी ने कांवड़ यात्रा में कुछ प्रतिभागियों को 'आतंकवादी' कहा था, जिससे व्यापक आक्रोश फैला।
रशीदी के खिलाफ मुजफ्फरनगर के सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
मसूद ने सहारनपुर में एक कांवड़ सेवा शिविर में श्रद्धालुओं का स्वागत कर सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया।
यह विवाद पवित्र सावन माह के दौरान सामने आया जब पूरे देश में कांवड़ यात्राएँ जारी हैं।

सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 10 अगस्त को ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष साजिद रशीदी पर तीखा हमला बोला, जिन्होंने कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को लेकर विवादित बयान दिया था। मसूद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रशीदी को 'मौलाना' कहलाने का कोई अधिकार नहीं है और उन पर आर्थिक लाभ के लिए 'दलाली' करने का आरोप लगाया।

रशीदी का विवादित बयान

रशीदी ने कांवड़ यात्रा को लेकर जो टिप्पणी की, उसने देशभर में आक्रोश की लहर पैदा कर दी। उन्होंने कहा था, 'आप उन लोगों को भगवान शिव का भक्त कहते हैं जो सड़कों पर बैठकर शराब और नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं? आप उन लोगों को शिव भक्त कहते हैं जो वर्दी में पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करते हैं? आप उन लोगों को शिव भक्त कहते हैं जो स्कूल वैन की खिड़कियाँ तोड़ते हैं और बच्चों को घायल करते हैं? आप उन लोगों को भी शिव भक्त कहते हैं जो मरीज को ले जा रही एंबुलेंस को रोकते हैं और लोगों को 'जय श्री राम' का नारा लगाने के लिए मजबूर करते हैं? वे शिव भक्त नहीं हैं; वे आतंकवादी हैं।'

रशीदी का यह बयान ऐसे समय में आया जब पूरे देश में पवित्र सावन माह के दौरान लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में हिस्सा ले रहे हैं और भगवान शिव की आराधना में लीन हैं।

मसूद की कड़ी प्रतिक्रिया

रशीदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा, 'वह मौलाना नहीं हैं। पहले मैं यह स्पष्ट कर दूं। उन्हें मौलाना नहीं कहा जा सकता। वह इस तरह की दलाली में शामिल रहते हैं। वह टीआरपी के खेल में शामिल हैं, चैनलों से पैसे लेते हैं या टेलीविजन चैनलों पर आने के लिए भुगतान किया जाता है। उनका इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है। वह नफरत का एजेंडा फैलाने की कोशिश करते हैं।'

गौरतलब है कि मसूद स्वयं मुस्लिम समुदाय से आते हैं और उनकी यह टिप्पणी रशीदी के बयान की न केवल राजनीतिक बल्कि धार्मिक आधार पर भी निंदा करती है।

कानूनी कार्रवाई और व्यापक आलोचना

रशीदी की आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर मुजफ्फरनगर जिले के सिविल लाइंस थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने भी उनके बयान की आलोचना की है। यह ऐसे समय में हुआ है जब सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर संवेदनशीलता चरम पर है।

सहारनपुर में सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश

मसूद ने इस विवाद के बीच सहारनपुर में एकता का संदेश देने की कोशिश की। उन्होंने एक कांवड़ सेवा शिविर में श्रद्धालुओं का फूल बरसाकर स्वागत किया और उनके बीच 'प्रसाद' वितरित किया।

उन्होंने कहा, 'यही सहारनपुर की संस्कृति है और यह हमारी परंपरा का हिस्सा है कि हम सभी त्योहारों को मिलकर मनाते हैं। हर साल की तरह इस साल भी हमारे सहयोगियों ने कई कांवड़ शिविर लगाए हैं। ऐसे शिविर पूरे सहारनपुर में आयोजित किए जाते हैं।'

आगे क्या

रशीदी के खिलाफ दर्ज मामले में अब जाँच जारी है। रशीदी के बयान पर विभिन्न पक्षों की ओर से आलोचना का सिलसिला जारी है और यह विवाद सावन माह के समापन तक राजनीतिक चर्चा में बना रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पूरी यात्रा और करोड़ों श्रद्धालुओं पर यह लेबल चिपकाना तथ्यात्मक रूप से अनुचित और सामाजिक रूप से विस्फोटक है। सावन जैसे संवेदनशील समय में ऐसे बयान सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को हवा देते हैं — और मसूद का कांवड़ शिविर में उपस्थित होना इसी को काटने की कोशिश है, भले ही इसमें चुनावी गणित भी हो।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साजिद रशीदी ने कांवड़ियों के बारे में क्या कहा था?
साजिद रशीदी ने कहा था कि कांवड़ यात्रा में शामिल कुछ लोग नशे में उपद्रव करते हैं, पुलिसकर्मियों से मारपीट करते हैं, स्कूल वैन तोड़ते हैं और एंबुलेंस रोकते हैं — और उन्होंने ऐसे लोगों को 'आतंकवादी' करार दिया। इस बयान पर व्यापक आक्रोश के बाद मुजफ्फरनगर में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई।
इमरान मसूद ने साजिद रशीदी को 'मौलाना' क्यों नहीं माना?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि रशीदी टीआरपी के लिए काम करते हैं, चैनलों से पैसे लेते हैं और नफरत का एजेंडा फैलाते हैं — इसलिए उनका इस्लाम से कोई वास्तविक संबंध नहीं है। मसूद के अनुसार, 'मौलाना' की उपाधि केवल धार्मिक ज्ञान और आचरण के आधार पर दी जाती है, न कि मीडिया उपस्थिति के आधार पर।
साजिद रशीदी के खिलाफ कहाँ और किस आधार पर मामला दर्ज हुआ?
रशीदी के खिलाफ मुजफ्फरनगर जिले के सिविल लाइंस थाने में कांवड़ियों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। जाँच जारी है।
इमरान मसूद ने सहारनपुर में क्या किया?
मसूद ने सहारनपुर में एक कांवड़ सेवा शिविर में श्रद्धालुओं का फूल बरसाकर स्वागत किया और उनके बीच प्रसाद वितरित किया। उन्होंने कहा कि यह सहारनपुर की परंपरा है और हर साल उनके सहयोगी ऐसे शिविर आयोजित करते हैं।
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन क्या है?
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन एक संगठन है जो देशभर के मस्जिदों के इमामों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है। साजिद रशीदी इस संगठन के अध्यक्ष हैं और अक्सर मीडिया में बयान देते रहते हैं, हालाँकि उनकी प्रतिनिधित्व क्षमता पर विभिन्न पक्षों ने सवाल उठाए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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