कांवड़ यात्रियों पर विवादित बयान: BJP नेता बोले — मौलाना रशीदी का आदर्श ओसामा बिन लादेन रहा होगा
सारांश
मुख्य बातें
पटना में 6 अगस्त 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने मौलाना साजिद रशीदी की उस कथित टिप्पणी की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने कांवड़ यात्रियों की तुलना आतंकवादियों से की थी। नेताओं ने इस बयान को भक्तों का घोर अपमान और समाज में विद्वेष फैलाने का प्रयास बताया।
मंत्री मिथिलेश तिवारी की तीखी प्रतिक्रिया
बिहार के मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि मौलाना साजिद रशीदी का आदर्श ओसामा बिन लादेन रहा होगा, इसीलिए वह इस प्रकार की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की भाषा देश में किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। तिवारी ने कहा, रामभक्तों और शिवभक्तों पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले को दोजख में भी जगह नहीं मिलेगी।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवभक्तों पर फूलों की वर्षा करते हैं, जबकि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कांवड़ यात्रियों के लिए मार्ग को सुगम बनाने हेतु बालू बिछाई है।
मंत्री दिलीप जायसवाल का बयान
बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि समाज के सभी धर्मों में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो विक्षिप्त होते हैं। उनके अनुसार, इस प्रकार के लोगों के पास कोई सार्थक कार्य न होने के कारण वे भड़काऊ बयान देते रहते हैं और सुर्खियों में बने रहते हैं।
BJP नेता पवन जायसवाल की माँग
BJP नेता पवन जायसवाल ने कहा कि मौलाना की शिवभक्तों के प्रति यह भाषा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने माँग की कि ऐसे लोगों को राष्ट्रद्रोह के मामले में जेल भेजा जाना चाहिए। जायसवाल ने आरोप लगाया कि मौलाना रशीदी FCRA कानून के तहत फर्जी मदरसों की फंडिंग पर रोक लगाए जाने से बौखलाए हुए हैं और द्वेष फैलाकर समाज को बाँटना चाहते हैं। उन्होंने सरकार से इस बयान पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की अपील की।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि हर धर्मावलंबी की अपनी आस्था होती है और किसी को भी दूसरे धर्म के मानने वालों के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह के लोग खुद के धर्म के भी नहीं होते और समाज में नफरत फैलाते हैं।
आगे क्या होगा
यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब कांवड़ यात्रा का मौसम अपने चरम पर है और सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर राजनीतिक संवेदनशीलता बढ़ी हुई है। BJP नेताओं की माँग के बाद अब देखना होगा कि प्रशासन मौलाना रशीदी के कथित बयान पर कोई कानूनी कदम उठाता है या नहीं।