24 सितंबर 2026
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पीडीए में 'पी' का अर्थ पंडित बताना जनता को गुमराह करना: मंत्री मनोज पांडे का विपक्ष पर हमला

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पीडीए में 'पी' का अर्थ पंडित बताना जनता को गुमराह करना: मंत्री मनोज पांडे का विपक्ष पर हमला

सारांश

यूपी में सपा की पीडीए रथ यात्रा ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। भाजपा मंत्री मनोज पांडे ने विपक्ष पर ब्राह्मण-विरोधी बयानों के बाद अब 'पी को पंडित' बताने का आरोप लगाया। रथ पर धार्मिक प्रतीकों के विवाद के बीच आरएलडी ने भी धर्म-आधारित प्रचार पर चिंता जताई।

मुख्य बातें

यूपी कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडे ने 24 सितंबर 2026 को सपा की पीडीए रथ यात्रा पर कड़ा हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने पहले ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, वे अब पीडीए में 'पी' का अर्थ 'पंडित' बता रहे हैं।
अखिलेश यादव की रथ यात्रा के बैनरों में उन्हें भगवान राम और भगवान कृष्ण के रूप में दिखाए जाने पर भी सवाल उठाए गए।
RLD नेता केसी त्यागी ने चुनावी प्रचार में धर्म को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति को देश के लिए उचित नहीं बताया।
सपा विधायक आशु मलिक ने दावा किया कि रथ यात्रा में जनता की भीड़ लगातार बढ़ रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडे ने 24 सितंबर 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) की पीडीए रथ यात्रा पर तीखी प्रतिक्रिया दी और विपक्ष पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कुछ समय पहले ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की थीं, वही आज पीडीए में 'पी' का अर्थ 'पंडित' बताकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।

मंत्री पांडे का सीधा आरोप

मंत्री मनोज पांडे ने कहा कि किसी भी रथ यात्रा या वरिष्ठ नेता के दौरे पर आपत्ति नहीं हो सकती, क्योंकि यह लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि पीडीए के अर्थ और विपक्षी नेताओं के बयानों को लेकर सवाल उठाना भी उतना ही ज़रूरी है। उनके अनुसार, ऐसे बयान स्वाभाविक रूप से संदेह उत्पन्न करते हैं।

बैनरों पर धार्मिक प्रतीकों का विवाद

मंत्री पांडे ने अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा से जुड़े उन बैनरों का भी उल्लेख किया, जिनमें कथित तौर पर उन्हें भगवान राम और भगवान कृष्ण के रूप में दर्शाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में विपक्षी नेता धार्मिक प्रतीकों और धार्मिक हस्तियों का सहारा ले रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में चुनावी गतिविधियाँ तेज़ होती जा रही हैं।

आरएलडी नेता का चुनावी प्रचार पर बयान

राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के नेता केसी त्यागी ने चुनाव प्रचार के बदलते स्वरूप पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले चुनावी पोस्टरों और अभियानों में गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई और आम जनता की समस्याओं पर ज़ोर दिया जाता था। उनके अनुसार, अब चुनावी प्रचार में धर्म को प्राथमिकता मिलने लगी है, जो देश के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता अब सब कुछ समझ रही है और इससे कोई विशेष फर्क नहीं पड़ेगा।

सपा विधायक ने बताया — बढ़ रही है भीड़

समाजवादी पार्टी के विधायक आशु मलिक ने पीडीए रथ यात्रा का बचाव करते हुए कहा कि यात्रा शुरू होने के बाद कार्यकर्ताओं और जनता में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उनके मुताबिक, जैसे-जैसे रथ यात्रा आगे बढ़ रही है, सड़कों पर भीड़ भी बढ़ती जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कई स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग लाल झंडे और टोपी के साथ यात्रा में शामिल हो रहे हैं।

कांग्रेस की यात्रा की चर्चा पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता असीम वकार द्वारा आज़मगढ़ या कन्नौज से इसी तरह की यात्रा शुरू करने की चर्चाओं पर विधायक आशु मलिक ने कहा कि सड़कों पर जुट रही भीड़ ही जनता के असली रुझान का प्रमाण है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों से पहले विभिन्न दलों द्वारा इस तरह की यात्राओं और जनसंपर्क अभियानों का दौर तेज़ हो गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष की यह बयानबाज़ी ज़मीनी समीकरणों को किस दिशा में ले जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं खुद भी धर्म-जाति के समीकरणों पर ही चुनावी गणित बिठाता रहा है। मुख्यधारा की कवरेज इस बहस को सिर्फ बयानबाज़ी के रूप में पेश करती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या कोई भी दल गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई के ठोस मुद्दों को केंद्र में लाने की राजनीतिक इच्छाशक्ति रखता है।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीडीए रथ यात्रा क्या है और इसे किसने शुरू किया?
पीडीए रथ यात्रा समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव द्वारा उत्तर प्रदेश में शुरू की गई एक चुनावी जनसंपर्क यात्रा है। पीडीए (PDA) एक राजनीतिक समीकरण का संक्षिप्त रूप है जिसे सपा अपने गठबंधन या सामाजिक आधार के लिए प्रयोग करती है।
मनोज पांडे ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
यूपी कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडे ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने पहले ब्राह्मणों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, वे अब पीडीए में 'पी' का अर्थ 'पंडित' बताकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने रथ यात्रा के बैनरों में धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए।
अखिलेश यादव के बैनरों पर क्या विवाद है?
मंत्री मनोज पांडे के अनुसार, पीडीए रथ यात्रा के कुछ बैनरों में अखिलेश यादव को भगवान राम और भगवान कृष्ण के रूप में कथित तौर पर दर्शाया गया है। उन्होंने इसे चुनाव के दौरान धार्मिक प्रतीकों के राजनीतिक दुरुपयोग के रूप में आलोचना का विषय बनाया।
आरएलडी नेता केसी त्यागी ने चुनावी प्रचार पर क्या कहा?
RLD नेता केसी त्यागी ने कहा कि पहले चुनावी प्रचार में गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दे प्रमुख होते थे, लेकिन अब धर्म को प्राथमिकता दी जाने लगी है। उन्होंने इसे देश के लिए सही नहीं बताया और कहा कि जनता अब हर बात समझ रही है।
सपा विधायक आशु मलिक का पीडीए रथ यात्रा पर क्या कहना है?
सपा विधायक आशु मलिक ने दावा किया कि पीडीए रथ यात्रा को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है और यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सड़कों पर भीड़ बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर लोग लाल झंडे और टोपी के साथ उत्साहपूर्वक यात्रा में शामिल हो रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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