यूपी कैबिनेट विभाग बंटवारे पर सपा के तंज का मनोज कुमार पांडेय ने दिया करारा जवाब

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यूपी कैबिनेट विभाग बंटवारे पर सपा के तंज का मनोज कुमार पांडेय ने दिया करारा जवाब

सारांश

यूपी कैबिनेट विस्तार के बाद विभाग-आवंटन में देरी पर सपा के तंज का BJP मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने करारा जवाब दिया। साथ ही अखिलेश यादव पर काफिले और जातीय अपमान के आरोप भी लगाए — यह टकराव आगामी चुनावी माहौल की झलक देता है।

मुख्य बातें

मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने 17 मई 2025 को कहा कि विभाग बंटवारे का निर्णय BJP और यूपी सरकार का है, सपा का नहीं।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर तंज कसा था कि मंत्रियों के विभागों की 'पर्ची' भी 'ऊपर से' आएगी।
पांडेय ने सपा पर आरोप लगाया कि वह पटेल और ब्राह्मण समाज का अपमान कर रही है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा — देरी का जवाब केवल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दे सकते हैं।
विवाद ऐसे समय में उभरा है जब यूपी में अगले विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार के हालिया कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों के विभागों के आवंटन में हो रही देरी को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधा है। इसके जवाब में प्रदेश के मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने 17 मई 2025 को लखनऊ में स्पष्ट किया कि विभागों के बंटवारे का निर्णय भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उत्तर प्रदेश सरकार का विशेषाधिकार है — इसमें सपा की कोई भूमिका नहीं।

मनोज कुमार पांडेय का पलटवार

मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने सपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पार्टी को पहले अपने 'खुले में घूम रहे सांडों' पर लगाम लगानी चाहिए, जो कथित तौर पर आम नागरिकों के मकानों और ज़मीनों पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा पहले पटेल समाज को अपमानित कर चुकी है और अब ब्राह्मण समाज का भी अनादर कर रही है।

साइकिल-प्रतीक को लेकर उठे विवाद पर पांडेय ने कहा कि साइकिल चलाना उनकी व्यक्तिगत और सांस्कृतिक परंपरा है, इसका सपा के चुनाव-चिह्न या उसके प्रति समर्थन से कोई संबंध नहीं। उन्होंने कहा, 'हम भी साइकिल चलाते हैं, अधिकारी भी चलाते हैं — इसका अर्थ यह नहीं कि हम सपा में हैं या उन्हें वोट देना चाहते हैं।'

काफिले में गाड़ियों की संख्या के मुद्दे पर पांडेय ने कहा कि सरकार के मंत्रियों ने अपने काफिले पहले ही छोटे कर लिए हैं, और उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से सीधा सवाल पूछा कि वे अपने काफिले में कटौती कब करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री और देश किसी एक व्यक्ति की संपत्ति नहीं हैं और जहाँ राष्ट्रीय हित का प्रश्न हो, वहाँ सबको देश के साथ खड़ा होना चाहिए।

अखिलेश यादव का मूल तंज

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विभाग बंटवारे में देरी को लेकर सरकार पर कटाक्ष किया था। उन्होंने लिखा था कि मंत्रियों के नामों के बाद अब उनके विभागों की 'पर्ची' भी 'ऊपर से' आएगी क्या। यादव ने आरोप लगाया कि देरी की असली वजह 'कमीशन-कमाई' के बंटवारे को लेकर 'डबल इंजन' के भीतर चल रही खींचतान है, और नए मंत्री महज 'दर्शक दीर्घा' में बैठे हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि BJP सरकार को अहसास है कि यह उसका अंतिम कार्यकाल है, इसलिए 'दसों हाथों से' संसाधन बटोरे जा रहे हैं। यादव ने दावा किया कि जागरूक जनता इन 'मंसूबों' को कामयाब नहीं होने देगी।

सपा सांसद अवधेश प्रसाद की प्रतिक्रिया

सपा के अयोध्या से सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि विभागों के बंटवारे में देरी का जवाब केवल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला दिल्ली में अटका है या लखनऊ में, यह भी योगी सरकार को ही स्पष्ट करना होगा। प्रसाद ने दावा किया कि यदि सपा की सरकार बनती है तो अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनते ही विभागों का आवंटन तत्काल हो जाएगा।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में शुरू हो चुकी हैं और सत्तारूढ़ BJP तथा विपक्षी सपा के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि कैबिनेट विस्तार के बाद विभागों का त्वरित आवंटन न होना प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से विभाग-आवंटन की आधिकारिक घोषणा इस विवाद को विराम दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सपा आक्रामक। लेकिन असली सवाल यह है कि कैबिनेट विस्तार के बाद भी मंत्रियों को विभाग न मिलना शासन की दक्षता पर क्या संदेश देता है। पांडेय का सपा पर जातीय अपमान का आरोप चुनावी ध्रुवीकरण की उस रणनीति का हिस्सा लगता है जो यूपी की राजनीति में बार-बार आज़माई जाती है। मुख्यधारा की कवरेज इस राजनीतिक तीखेपन पर केंद्रित है, जबकि प्रशासनिक जवाबदेही का प्रश्न पीछे रह जाता है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी में कैबिनेट विभाग बंटवारे में देरी क्यों हो रही है?
अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। सपा का आरोप है कि 'डबल इंजन' के भीतर मंत्रालयों की 'कमाई' को लेकर खींचतान चल रही है, जबकि BJP मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि यह निर्णय BJP और यूपी सरकार का विशेषाधिकार है।
अखिलेश यादव ने एक्स पर क्या लिखा था?
अखिलेश यादव ने एक्स पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि मंत्रियों के नामों के बाद उनके विभागों की 'पर्ची' भी 'ऊपर से' आएगी। उन्होंने देरी को 'कमीशन-कमाई' के बंटवारे से जोड़ा और नए मंत्रियों को 'दर्शक दीर्घा में बैठे' बताया।
मनोज कुमार पांडेय ने सपा पर क्या आरोप लगाए?
पांडेय ने आरोप लगाया कि सपा के 'खुले में घूम रहे सांड' लोगों की ज़मीन और मकान पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सपा पहले पटेल समाज और अब ब्राह्मण समाज का अपमान कर रही है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने इस मामले पर क्या कहा?
अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि विभाग बंटवारे में देरी का जवाब केवल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सपा की सरकार बनती है तो अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनते ही विभागों का आवंटन तुरंत कर दिया जाएगा।
क्या यूपी में कैबिनेट विस्तार हाल ही में हुआ है?
हाँ, उत्तर प्रदेश में हाल ही में कैबिनेट विस्तार हुआ है जिसके बाद नए मंत्रियों को विभागों का आवंटन अभी तक नहीं हुआ है। यही देरी मौजूदा राजनीतिक विवाद की जड़ है।
राष्ट्र प्रेस
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