सपा सांसद अवधेश प्रसाद बोले — रायबरेली में 'पीडीए' रथ यात्रा से सत्ता परिवर्तन की बयार शुरू
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 25 सितंबर 2026 को अयोध्या में कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में रायबरेली से शुरू हुई 'पीडीए' रथ यात्रा सत्ता परिवर्तन की शुरुआत का संकेत है। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक गढ़ स्थायी नहीं होता और यात्रा में उमड़ा जनसैलाब यही संदेश देता है।
रायबरेली में रथ यात्रा और जनसमर्थन
अवधेश प्रसाद ने कहा, 'गढ़ किसी का नहीं होता, यह जनता की कृपा होती है।' उनके अनुसार गुरुवार को रायबरेली में निकाली गई समाजवादी पार्टी की रथ यात्रा में इतनी भारी भीड़ उमड़ी कि लोग आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने कहा कि यह जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि 'सत्ता परिवर्तन की बयार बह चुकी है।'
उन्होंने दावा किया कि 'विकास रथ' आने वाले दिनों में आंधी का रूप लेगा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का सफाया होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस यात्रा ने भाजपा समर्थकों के मनोबल को तोड़ा है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर प्रतिक्रिया
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में चार्जशीट दाखिल होने पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि मुख्य आरोपियों का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं है और 'बड़ी मछली को बचाने का काम किया जा रहा है।' उनके अनुसार सरकार इन लोगों को संरक्षण दे रही है, लेकिन उन्होंने धार्मिक आस्था का हवाला देते हुए कहा कि 'प्रभु श्री राम के मंदिर की डकैती करने वाले बच नहीं पाएंगे।'
भाजपा के आरोपों पर सपा का पलटवार
भाजपा की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अवधेश प्रसाद ने कहा कि 'अब जनता की ही बोली चलेगी' और भाजपा की बातें सुनने को जनता तैयार नहीं है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त और छात्र आंदोलन पर बयान
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को 48 घंटे में इस्तीफा देने के अल्टीमेटम पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन में सपा का पूर्ण समर्थन था। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव को भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन एक घंटे के भीतर भारी भीड़ जमा होने के कारण सरकार को उन्हें रिहा करना पड़ा।
उन्होंने यह भी कहा कि सपा सांसदों ने संसद में इस मुद्दे पर सवाल उठाए, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह सदन में उपस्थित नहीं हुए और कोई जवाब नहीं दे सके।
'पीडीए' पर चंद्रशेखर और मायावती के बयान पर रुख
'पीडीए' को लेकर चंद्रशेखर और बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती के बयानों पर अवधेश प्रसाद ने परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि 'चंद्रशेखर और मायावती किसके द्वारा गाइडेड हैं, यह बताने की जरूरत नहीं।' यह टिप्पणी इस राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को नया आयाम देती है जहाँ दलित और पिछड़े वर्गों के मतों पर कई दलों की नजर है।
गौरतलब है कि 'पीडीए' यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक — अखिलेश यादव के इस सामाजिक गठबंधन के फार्मूले को अब रथ यात्रा के जरिए जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश हो रही है। आने वाले दिनों में यह यात्रा उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकती है।