25 सितंबर 2026
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सपा सांसद अवधेश प्रसाद बोले — रायबरेली में 'पीडीए' रथ यात्रा से सत्ता परिवर्तन की बयार शुरू

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सपा सांसद अवधेश प्रसाद बोले — रायबरेली में 'पीडीए' रथ यात्रा से सत्ता परिवर्तन की बयार शुरू

सारांश

अखिलेश यादव की 'पीडीए' रथ यात्रा रायबरेली — कांग्रेस के परंपरागत गढ़ — से शुरू हुई और सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने उमड़े जनसैलाब को 'सत्ता परिवर्तन की बयार' करार दिया। यात्रा ने उत्तर प्रदेश में दलित-पिछड़े समीकरण को नए सिरे से परिभाषित करने की कोशिश शुरू कर दी है।

मुख्य बातें

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने 25 सितंबर 2026 को अयोध्या में कहा कि 'पीडीए' रथ यात्रा सत्ता परिवर्तन की शुरुआत है।
अखिलेश यादव के नेतृत्व में रायबरेली से रथ यात्रा निकाली गई; भारी जनसमर्थन का दावा।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी चार्जशीट पर सपा का आरोप — मुख्य आरोपियों का नाम नदारद, 'बड़ी मछली' बचाई जा रही है।
गृह मंत्री अमित शाह संसद में जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन पर सवालों का जवाब नहीं दे सके — अवधेश प्रसाद।
चंद्रशेखर और मायावती पर परोक्ष निशाना — 'किसके द्वारा गाइडेड हैं, बताने की जरूरत नहीं।'

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने 25 सितंबर 2026 को अयोध्या में कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में रायबरेली से शुरू हुई 'पीडीए' रथ यात्रा सत्ता परिवर्तन की शुरुआत का संकेत है। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक गढ़ स्थायी नहीं होता और यात्रा में उमड़ा जनसैलाब यही संदेश देता है।

रायबरेली में रथ यात्रा और जनसमर्थन

अवधेश प्रसाद ने कहा, 'गढ़ किसी का नहीं होता, यह जनता की कृपा होती है।' उनके अनुसार गुरुवार को रायबरेली में निकाली गई समाजवादी पार्टी की रथ यात्रा में इतनी भारी भीड़ उमड़ी कि लोग आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने कहा कि यह जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि 'सत्ता परिवर्तन की बयार बह चुकी है।'

उन्होंने दावा किया कि 'विकास रथ' आने वाले दिनों में आंधी का रूप लेगा और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का सफाया होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस यात्रा ने भाजपा समर्थकों के मनोबल को तोड़ा है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर प्रतिक्रिया

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में चार्जशीट दाखिल होने पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि मुख्य आरोपियों का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं है और 'बड़ी मछली को बचाने का काम किया जा रहा है।' उनके अनुसार सरकार इन लोगों को संरक्षण दे रही है, लेकिन उन्होंने धार्मिक आस्था का हवाला देते हुए कहा कि 'प्रभु श्री राम के मंदिर की डकैती करने वाले बच नहीं पाएंगे।'

भाजपा के आरोपों पर सपा का पलटवार

भाजपा की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अवधेश प्रसाद ने कहा कि 'अब जनता की ही बोली चलेगी' और भाजपा की बातें सुनने को जनता तैयार नहीं है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो रही हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त और छात्र आंदोलन पर बयान

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को 48 घंटे में इस्तीफा देने के अल्टीमेटम पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन में सपा का पूर्ण समर्थन था। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव को भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन एक घंटे के भीतर भारी भीड़ जमा होने के कारण सरकार को उन्हें रिहा करना पड़ा।

उन्होंने यह भी कहा कि सपा सांसदों ने संसद में इस मुद्दे पर सवाल उठाए, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह सदन में उपस्थित नहीं हुए और कोई जवाब नहीं दे सके।

'पीडीए' पर चंद्रशेखर और मायावती के बयान पर रुख

'पीडीए' को लेकर चंद्रशेखर और बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती के बयानों पर अवधेश प्रसाद ने परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि 'चंद्रशेखर और मायावती किसके द्वारा गाइडेड हैं, यह बताने की जरूरत नहीं।' यह टिप्पणी इस राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को नया आयाम देती है जहाँ दलित और पिछड़े वर्गों के मतों पर कई दलों की नजर है।

गौरतलब है कि 'पीडीए' यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक — अखिलेश यादव के इस सामाजिक गठबंधन के फार्मूले को अब रथ यात्रा के जरिए जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश हो रही है। आने वाले दिनों में यह यात्रा उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इंडिया गठबंधन के भीतर सीट-साझेदारी की खींचतान को और जटिल बना सकती है। अवधेश प्रसाद के बयान राजनीतिक रूप से आक्रामक हैं, लेकिन ज़मीनी आँकड़े यह नहीं बताते कि रथ यात्रा की भीड़ वोट में तब्दील होगी — 2022 के उत्तर प्रदेश चुनाव में भी सपा की बड़ी रैलियाँ हुईं, फिर भी नतीजे अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहे। राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर 'बड़ी मछली' वाला बयान गंभीर आरोप है, लेकिन बिना साक्ष्य के यह केवल राजनीतिक नैरेटिव है। असली सवाल यह है कि पीडीए फार्मूला इस बार चंद्रशेखर और मायावती के वोट बैंक को किस हद तक समेट पाएगा।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव की 'पीडीए' रथ यात्रा क्या है?
'पीडीए' यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक — समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के इस सामाजिक गठबंधन फार्मूले को जन-जन तक पहुँचाने के लिए रथ यात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा रायबरेली से शुरू की गई और उत्तर प्रदेश में राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास है।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने रथ यात्रा पर क्या कहा?
अवधेश प्रसाद ने कहा कि रायबरेली में उमड़ा जनसैलाब 'सत्ता परिवर्तन की बयार' का प्रमाण है और 'विकास रथ' आने वाले दिनों में आंधी बन जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी राजनीतिक गढ़ स्थायी नहीं होता।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर सपा का क्या रुख है?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि चार्जशीट में मुख्य आरोपियों के नाम शामिल नहीं हैं और सरकार 'बड़ी मछली' को बचा रही है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की 'डकैती' करने वाले आखिरकार बचेंगे नहीं।
जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन में सपा की क्या भूमिका रही?
अवधेश प्रसाद के अनुसार जंतर-मंतर के छात्र प्रदर्शन में सपा का पूरा समर्थन था और अखिलेश यादव को हिरासत में भी लिया गया था। एक घंटे में भारी भीड़ जमा होने पर सरकार को उन्हें रिहा करना पड़ा।
चंद्रशेखर और मायावती के 'पीडीए' विरोध पर सपा का क्या कहना है?
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने परोक्ष रूप से कहा कि 'चंद्रशेखर और मायावती किसके द्वारा गाइडेड हैं, यह बताने की जरूरत नहीं।' यह बयान दलित-पिछड़े मतदाताओं पर कई दलों की प्रतिस्पर्धा की ओर इशारा करता है।
राष्ट्र प्रेस
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