रायबरेली से अखिलेश यादव की पीडीए यात्रा शुरू, BJP ने साधा निशाना, कांग्रेस ने दी शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 24 सितंबर 2026 को रायबरेली से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) यात्रा की औपचारिक शुरुआत की, जिसे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। इस यात्रा के साथ ही प्रदेश की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है — सत्तापक्ष ने इसे जनता को भ्रमित करने की कोशिश बताया, जबकि कांग्रेस ने समर्थन का संकेत देते हुए शुभकामनाएं दीं।
सत्तापक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के मंत्री संदीप सिंह ने पीडीए यात्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव को रायबरेली तक के रास्ते में सड़कों की स्थिति खुद देखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल के दौरान प्रदेश की सड़कों को बेहतर बताते रहे, जबकि हकीकत यह नहीं थी। मंत्री संदीप सिंह ने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने और बुनियादी ढाँचे को सुधारने में उल्लेखनीय काम किया है।
यात्रा के दौरान संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाए जाने पर भी मंत्री ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए अंबेडकर की तस्वीर लगाकर एक विशेष वर्ग को साधने की कोशिश की जा रही है, और जब तक उनकी विचारधारा और सिद्धांतों का वास्तविक पालन नहीं किया जाता, तब तक किसी भी वर्ग का वास्तविक समर्थन नहीं मिल सकता।
निषाद का कांग्रेस-कनेक्शन पर बयान
मंत्री संजय निषाद ने पीडीए यात्रा को अलग नज़रिए से देखते हुए कहा कि अखिलेश यादव इस यात्रा के ज़रिए कांग्रेस को राजनीतिक असुविधा में डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि मुलायम सिंह यादव के समय में भी कांग्रेस को इसी प्रकार की राजनीतिक चुनौती मिली थी। निषाद के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली से ही यात्रा शुरू करना एक सुनियोजित राजनीतिक संदेश है।
कांग्रेस का रुख: शुभकामनाएं और अपनी तैयारी
कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि अखिलेश यादव चुनाव की तैयारी में लगे हैं और कांग्रेस भी उससे पीछे नहीं है। उन्होंने जानकारी दी कि कांग्रेस का 'संगठन सृजन अभियान' उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सक्रिय है और पार्टी की कई यात्राएं जल्द शुरू होने वाली हैं। गौरतलब है कि गठबंधन में दरारों की चर्चाओं के बावजूद कांग्रेस ने सपा के प्रति सीधे टकराव से परहेज़ किया।
कांग्रेस नेता उदित राज ने अखिलेश यादव को खुलकर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें रायबरेली या कहीं से भी यात्रा शुरू करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने रेखांकित किया कि कांग्रेस और सपा का एजेंडा सामाजिक न्याय सहित कई मुद्दों पर मिलता-जुलता है, और दोनों दलों के लिए यह विषय प्राथमिकता में है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और सभी प्रमुख दल अपनी ज़मीन पक्की करने में जुटे हैं। रायबरेली का प्रतीकात्मक महत्व भी कम नहीं — यह कांग्रेस का परंपरागत गढ़ रहा है और राहुल गांधी का मौजूदा संसदीय क्षेत्र है। पीडीए फ्रेमवर्क — पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक — को 2024 लोकसभा चुनाव में सपा की बेहतर प्रदर्शन की रणनीतिक धुरी माना गया था, और अब अखिलेश इसी ब्रांड को विधानसभा चुनाव में भुनाने की कोशिश में हैं। आने वाले हफ्तों में यात्रा का विस्तार और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।