अखिलेश यादव का दशहरे पर BJP पर प्रहार: 'बुराई की शुरुआत यूपी से खत्म हो', PDA रथ रवाना
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 20 अक्टूबर 2026 को दशहरे के मौके पर लखनऊ स्थित सपा कार्यालय से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) यात्रा रथों को हरी झंडी दिखाते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बुराई को खत्म करने की शुरुआत उत्तर प्रदेश से होनी चाहिए और आगामी विधानसभा चुनाव को उन्होंने 'राजनीतिक महाभारत' की संज्ञा दी।
पीडीए रथ रवानगी और सियासी संदेश
अखिलेश यादव ने नारियल फोड़कर और हरी झंडी दिखाकर पीडीए यात्रा रथों को रवाना किया। इस अवसर पर शंखनाद और मंत्रोच्चारण भी हुआ। पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया कि इन रथों के माध्यम से युवाओं, पीड़ितों और पिछड़े वर्गों तक संपर्क साधा जाएगा। सपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि आने वाली राजनीतिक लड़ाई 'बेहद कठिन' होगी और देश का भविष्य इसी पर निर्भर करता है।
अखिलेश ने कहा, 'आज के दिन हम लोग संकल्प लें कि इस धरती से हमेशा के लिए बुराई को खत्म कर देना है। इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश से हो।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि उत्तर प्रदेश ही देश को बचाएगा और समाजवादियों को यह जिम्मेदारी उठानी होगी।
रामराज्य, समाजवाद और सनातन पर अखिलेश का रुख
सपा अध्यक्ष ने प्रभु श्रीराम के रामराज्य और समाजवाद को एक-दूसरे का पूरक बताया — एक तर्क जो सपा पहले भी देती रही है। उन्होंने कहा, 'धरती पर अच्छाई को लाने वाले सनातनी हैं और जो बुराई करे, वो नकली सनातनी हैं।' इस बयान को BJP की 'सनातन धर्म' की राजनीति पर सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज हो रही हैं और सभी दल अपनी सामाजिक-धार्मिक पहचान को मजबूत करने में जुटे हैं।
AI दुरुपयोग और मतदाता सूची पर आरोप
अखिलेश यादव ने BJP पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सुबह उठते ही BJP के लोगों ने उनका 'रावण वाला वीडियो' प्रसारित कर दिया। उनका आरोप है कि AI का इस्तेमाल अच्छाई के लिए होना चाहिए, लेकिन BJP इसे राजनीतिक दुष्प्रचार के लिए उपयोग कर रही है।
मतदाता सूची के मुद्दे पर अखिलेश ने कार्यकर्ताओं को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा, 'अगर हम मतदाता सूची को ठीक करने में विफल रहे, तो हम यह लड़ाई नहीं जीत सकते।' उन्होंने एसएसआर (Special Summary Revision) प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके बाद मतदाता सूची में कोई और संशोधन संभव नहीं होगा। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि डुप्लीकेट वोट मिलने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
गिरफ्तारियों पर विरोध और स्थानीय मुद्दे
सपा प्रमुख ने सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य लोगों की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाते हुए उनकी तत्काल रिहाई की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP दबाव बनाकर इन लोगों को 'अनावश्यक रूप से सलाखों के पीछे' रख रही है, जबकि न कानून और न ही संविधान इसकी अनुमति देता है।
अखिलेश ने लखनऊ में जलभराव, शिक्षा व्यवस्था की खामियों और खाद्य पदार्थों में मिलावट का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने BJP पर समाज को बाँटने की राजनीति का आरोप भी लगाया।
26 नवंबर को घोषणापत्र और आगामी चुनाव की तैयारी
अखिलेश यादव ने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी 26 नवंबर 2026 को संविधान दिवस के अवसर पर अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करेगी। इस तारीख का चुनाव राजनीतिक दृष्टि से सांकेतिक माना जा रहा है — संविधान और सामाजिक न्याय को पार्टी के केंद्रीय आख्यान के रूप में स्थापित करने की कोशिश के रूप में।
BJP के सीट-बंटवारे को लेकर भी उन्होंने तंज कसा और सवाल किया कि BJP अपने सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल (RLD) को कितनी सीटें देगी। उन्होंने कहा कि BJP को खुद डर है कि कहीं वह उत्तर प्रदेश से ही 'खत्म' न हो जाए। पीडीए रथों की रवानगी, मतदाता सूची अभियान और घोषणापत्र की तिथि — तीनों मिलकर सपा की विधानसभा चुनाव रणनीति की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करते हैं।