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यूपी में सपा का माहौल नहीं, 2027 में भाजपा की प्रचंड जीत होगी: मोहसिन रजा

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यूपी में सपा का माहौल नहीं, 2027 में भाजपा की प्रचंड जीत होगी: मोहसिन रजा

सारांश

यूपी अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष मोहसिन रजा ने सपा की पीडीए रथ यात्रा को 'अंतिम यात्रा' करार दिया और दावा किया कि मुस्लिम समुदाय भी अब सपा से दूर है। 2027 में भाजपा की प्रचंड जीत का ऐलान करते हुए उन्होंने अखिलेश यादव की रणनीति को सीधे चुनौती दी।

मुख्य बातें

मोहसिन रजा ने 24 सितंबर 2026 को दावा किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के लिए कोई राजनीतिक माहौल नहीं बचा।
रजा ने अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा को 'राजनीतिक वापसी नहीं, अंतिम यात्रा' बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का परंपरागत यादव-मुस्लिम वोट बैंक अब उससे दूर हो रहा है।
2017 के बाद कानून-व्यवस्था सुधरने, निवेश बढ़ने और अल्पसंख्यक योजनाओं का हवाला देकर BJP की 2027 में प्रचंड जीत का दावा।
रजा ने संकेत दिया कि सपा का मौजूदा ढाँचा टूटने पर नेता नए नाम से नई पार्टी बना सकते हैं।

उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मोहसिन रजा ने 24 सितंबर 2026 को लखनऊ में दावा किया कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) के पक्ष में कोई राजनीतिक माहौल नहीं बचा है और 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रचंड बहुमत से सत्ता में वापस आएगी। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।

पीडीए रथ यात्रा पर हमला

रजा ने अखिलेश यादव की पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) रथ यात्रा को राजनीतिक वापसी की नहीं, बल्कि 'अंतिम यात्रा' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने अतीत में रथ यात्राओं का विरोध किया था, इसलिए उसके नेताओं को नैतिक रूप से यह यात्रा निकालने का अधिकार नहीं है। रजा ने यह भी कहा कि जिस पार्टी के शासनकाल में अयोध्या जाने वाले कारसेवकों पर कथित तौर पर गोलियाँ चलाई गई थीं, वह आज रथ यात्रा नहीं निकाल सकती।

सपा की पिछली बस यात्रा का उल्लेख करते हुए रजा ने व्यंग्यात्मक लहज़े में कहा कि 'पिछली बार भी बस रास्ते में रुक गई थी और इस बार भी प्रदेश की जनता इस यात्रा को पंचर कर देगी।'

सपा का वोट बैंक टूट रहा है: रजा का दावा

रजा ने दावा किया कि सपा का परंपरागत यादव-मुस्लिम वोट बैंक अब उसके साथ नहीं रहा। उनके अनुसार मुस्लिम समुदाय भी धीरे-धीरे सपा से दूर हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पसमांदा मुसलमानों की बात उठाई, मदरसा आधुनिकीकरण को बढ़ावा दिया और अल्पसंख्यक समुदाय के लिए शिक्षा व रोज़गार से जुड़ी योजनाएँ लागू कीं, जिनका लाभ ज़मीनी स्तर पर मिला।

रजा ने आरोप लगाया कि सपा ने मुस्लिम वोट लेकर केवल अपने परिवार को राजनीतिक रूप से मज़बूत किया। उन्होंने सपा और कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र को एक जैसा बताया और कहा कि 'जनता दोनों पार्टियों की राजनीति को अब पूरी तरह समझ चुकी है।'

2017 के बाद से बेहतर हुए हालात: रजा

रजा ने कहा कि 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश की जनता खुद को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस कर रही है। उनके अनुसार पिछली सरकार में भ्रष्टाचार, अराजकता और कथित गुंडाराज था, जबकि योगी सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था सुधरी, व्यापार और निवेश बढ़ा और योजनाएँ बिना भेदभाव के लागू हुईं। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा ने मतदाताओं को कथित तौर पर गुमराह किया, लेकिन जनता अब उनके 'भ्रम और बहकावे' में नहीं आएगी।

2027 में भाजपा की प्रचंड जीत का दावा

रजा ने विश्वास जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता 2017 को दोहराएगी और भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब कानून-व्यवस्था, विकास और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है। रजा ने यह भी संकेत दिया कि यदि सपा का मौजूदा राजनीतिक स्वरूप समाप्त होता है, तो उसके नेता किसी नए नाम से नई पार्टी खड़ी करने की कोशिश कर सकते हैं।

गौरतलब है कि अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे को सपा के 2027 चुनाव अभियान की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है, जहाँ पार्टी पीडीए गठबंधन के ज़रिए पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। रजा के बयान इसी रणनीति को काटने की राजनीतिक कवायद के रूप में आए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि ज़मीनी समीकरण उतने एकतरफा नहीं हैं जितना भाजपा नेता चित्रित करते हैं। मुस्लिम समुदाय के 'सपा से दूर होने' का दावा अभी तक किसी स्वतंत्र सर्वेक्षण से प्रमाणित नहीं हुआ है। 2027 अभी दूर है और रथ यात्रा जैसे जन-संपर्क अभियानों का असर चुनाव से पहले पूरी तरह मापना कठिन है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहसिन रजा कौन हैं और उन्होंने यह बयान क्यों दिया?
मोहसिन रजा उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष और भाजपा नेता हैं। उन्होंने 24 सितंबर 2026 को लखनऊ में सपा की पीडीए रथ यात्रा और अखिलेश यादव के रायबरेली दौरे के जवाब में यह बयान दिया।
पीडीए रथ यात्रा क्या है और इसका 2027 चुनाव से क्या संबंध है?
पीडीए यानी पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक — यह समाजवादी पार्टी की 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सामाजिक गठबंधन रणनीति है। अखिलेश यादव इस यात्रा के ज़रिए इन तीनों वर्गों तक पहुँचकर अपना वोट बैंक मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
रजा ने सपा के मुस्लिम वोट बैंक के बारे में क्या कहा?
रजा ने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय अब सपा से दूर हो रहा है क्योंकि भाजपा और योगी सरकार ने पसमांदा मुसलमानों, मदरसा आधुनिकीकरण और अल्पसंख्यक रोज़गार योजनाओं पर काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने मुस्लिम वोट लेकर केवल अपने परिवार को फायदा पहुँचाया।
2027 उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर रजा का क्या अनुमान है?
रजा ने दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश की जनता 2017 की पुनरावृत्ति करेगी और भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी। उन्होंने कानून-व्यवस्था में सुधार, बढ़ते निवेश और बिना भेदभाव के लागू कल्याणकारी योजनाओं को इसकी वजह बताया।
रजा ने सपा की रथ यात्रा पर नैतिक सवाल क्यों उठाए?
रजा ने कहा कि सपा ने अतीत में रथ यात्राओं का विरोध किया था और कारसेवकों पर कथित गोलीबारी की बात उठाई। उनका तर्क था कि ऐसे इतिहास वाली पार्टी को रथ यात्रा निकालने का नैतिक अधिकार नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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