भूपेंद्र चौधरी का हमला: सपा-कांग्रेस का एजेंडा हिंदू धर्म अपमान, पीडीए यानी 'परिवार विकास प्राधिकरण'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने 9 जुलाई को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर कड़ा प्रहार किया। अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद की पृष्ठभूमि में उन्होंने कहा कि इन दोनों दलों का एकमात्र एजेंडा हिंदू धर्म को बदनाम करना रहा है। साथ ही उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के 'पीडीए' नारे पर तंज कसते हुए इसे 'परिवार विकास प्राधिकरण' करार दिया।
मंत्री का सीधा आरोप
चौधरी ने कहा, 'समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का हमेशा से यही एजेंडा रहा है कि हिंदू धर्म का अपमान किया जाए, उसे बदनाम किया जाए और हिंदू धर्म के प्रति जितना हो सके अविश्वास पैदा किया जाए। उन्होंने हमेशा सनातन परंपरा और हिंदू आस्था का अपमान करने का काम किया है।'
उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए आरोप लगाया कि सपा ने राम मंदिर निर्माण को रोकने के लिए अदालतों में प्रयास किए और कारसेवकों पर गोलियाँ चलवाईं। कांग्रेस पर उन्होंने कहा कि उस पार्टी ने सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दायर कर भगवान राम को 'काल्पनिक' बताया था।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद और एसआईटी
श्रीराम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद पर चौधरी ने विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि ये दल बाबरी मस्जिद और मदरसों के लिए इकट्ठा हुए चंदे का हिसाब नहीं माँगते। उन्होंने बताया कि सरकार ने निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने के लिए एक एसआईटी (विशेष जाँच दल) का गठन किया है। चौधरी के अनुसार, विपक्ष का एजेंडा नकारात्मक है और वे समाज में धार्मिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा करना चाहते हैं।
पीडीए पर पलटवार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के 'पीडीए' (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर निशाना साधते हुए चौधरी ने कहा, 'वे पीडीए की बात करते हैं लेकिन पीडीए का मतलब है परिवार विकास प्राधिकरण। सब कुछ उनके परिवार के इर्द-गिर्द ही घूमता है।' उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सपा सत्ता में आती है तो उसका वास्तविक एजेंडा क्या होगा।
जनता ने दिया जवाब, सपा को मिली हार
चौधरी ने कहा कि सपा का दोहरा चरित्र उत्तर प्रदेश की जनता भलीभाँति समझ चुकी है और इसीलिए जनता ने लगातार चुनावों में इस पार्टी को पराजित किया है। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी चुनावों में भी जनता का यही फैसला रहेगा।