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हिमाचल प्रदेश जल कानून संकलन जारी: CM सुक्खू ने की जल शक्ति विभाग की पहल की सराहना

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हिमाचल प्रदेश जल कानून संकलन जारी: CM सुक्खू ने की जल शक्ति विभाग की पहल की सराहना

सारांश

हिमाचल प्रदेश ने जल शासन में एक नई मिसाल कायम की है — CM सुक्खू ने जल शक्ति विभाग का पहला व्यापक 'जल कानून संकलन' जारी किया, जो दशकों के अधिनियमों, नियमों और परिपत्रों को एक दस्तावेज़ में समेटता है। यह ऐसे राज्य की पहल है जिसने 99.9% घरों तक नल का पानी पहुँचाकर 2026 का राष्ट्रीय जल पुरस्कार जीता।

मुख्य बातें

CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 9 जुलाई 2026 को शिमला में 'हिमाचल प्रदेश के जल कानून' संकलन का विमोचन किया।
यह जल शक्ति विभाग द्वारा तैयार अपनी तरह का पहला संकलन है, जिसमें सभी अधिनियम, नियम, अधिसूचनाएँ और परिपत्र एक खंड में हैं।
हिमाचल प्रदेश ने जल जीवन मिशन के तहत 99.9% घरों तक नल का पानी पहुँचाया है।
राज्य को सतत जल प्रबंधन के लिए 2026 में राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
संकलन अधिकारियों, ठेकेदारों और नागरिकों को एकल-खिड़की संदर्भ उपलब्ध कराएगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 9 जुलाई 2026 को शिमला में 'हिमाचल प्रदेश के जल कानून' नामक संकलन का विमोचन किया — जो जल शक्ति विभाग द्वारा तैयार किया गया अपनी तरह का पहला दस्तावेज़ है। इस एकल खंड में राज्य के जल प्रबंधन को नियंत्रित करने वाले सभी प्रमुख अधिनियम, नियम, नीतिगत अधिसूचनाएँ, तकनीकी नियमावली और प्रशासनिक परिपत्र एक साथ संकलित किए गए हैं।

संकलन में क्या है

यह प्रकाशन कई दशकों में विकसित हुए कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक प्रावधानों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है। इसमें जल शुल्क संबंधी जानकारी, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के अंतर्गत सेवा गारंटियाँ, निविदा प्रक्रियाएँ, भर्ती मानदंड, मंजूरी देने वाले अधिकारियों की वित्तीय शक्तियाँ और मान्यता प्राप्त जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं की सूची शामिल है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह संकलन अधिकारियों, इंजीनियरों, ठेकेदारों और नागरिकों — सभी के लिए एक प्रामाणिक संदर्भ दस्तावेज़ के रूप में काम करेगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर ज़ोर

मुख्यमंत्री के अनुसार, यह प्रकाशन राज्य भर में जल आपूर्ति, सीवरेज और सिंचाई सेवाओं के वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को बढ़ाएगा। विभिन्न प्रभागों, सर्किलों और क्षेत्रों में तैनात अधिकारी अब वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए जमीनी स्तर पर सोच-समझकर निर्णय ले सकेंगे।

ठेकेदारों को निविदा और मंजूरी प्रक्रियाओं में अधिक स्पष्टता मिलेगी, जबकि नागरिकों को जल सेवाओं से जुड़ी जानकारी एकल-खिड़की प्रारूप में सुलभ होगी।

जल जीवन मिशन में हिमाचल की उपलब्धि

मुख्यमंत्री सुक्खू ने इस अवसर पर बताया कि हिमाचल प्रदेश, जल जीवन मिशन को लागू करने में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है — राज्य के 99.9 प्रतिशत घरों तक नल का पानी पहुँचाया जा चुका है। सतत जल प्रबंधन और सार्वजनिक सेवा वितरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को 2026 में राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

गौरतलब है कि यह पुरस्कार ऐसे समय में मिला है जब देश के कई राज्य जल संकट और अनियमित आपूर्ति से जूझ रहे हैं।

आगे की राह

मुख्यमंत्री सुक्खू ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल सुशासन को मजबूत करने, सेवा वितरण में सुधार लाने और जल शक्ति विभाग के कामकाज में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने में दीर्घकालिक योगदान देगी। संस्थागत संदर्भ ढाँचे को मज़बूत करने वाला यह संकलन राज्य की जल नीति को एक नई दिशा देने का प्रयास है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन होगी — दस्तावेज़ीकरण और ज़मीनी पारदर्शिता के बीच की खाई अक्सर बड़ी होती है। हिमाचल का 99.9% नल-जल कवरेज और राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रभावशाली हैं, परंतु सिंचाई और सीवरेज सेवाओं की गुणवत्ता पर स्वतंत्र डेटा अभी भी सीमित है। यह संकलन तब सार्थक होगा जब इसे विभागीय प्रशिक्षण और नागरिक शिकायत निवारण से जोड़ा जाए — अन्यथा यह केवल एक और सरकारी प्रकाशन बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'हिमाचल प्रदेश के जल कानून' संकलन क्या है?
यह जल शक्ति विभाग द्वारा तैयार किया गया अपनी तरह का पहला दस्तावेज़ है, जिसमें राज्य के जल प्रबंधन से जुड़े सभी प्रमुख अधिनियम, नियम, नीतिगत अधिसूचनाएँ, तकनीकी नियमावली और प्रशासनिक परिपत्र एक ही खंड में संकलित हैं। इसे CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 9 जुलाई 2026 को शिमला में जारी किया।
इस संकलन से किसे फायदा होगा?
यह संकलन अधिकारियों और इंजीनियरों को वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन में, ठेकेदारों को निविदा प्रक्रियाओं और वित्तीय शक्तियों की जानकारी में, तथा नागरिकों को जल शुल्क और सेवा गारंटियों से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त करने में मदद करेगा।
हिमाचल प्रदेश को 2026 का राष्ट्रीय जल पुरस्कार क्यों मिला?
हिमाचल प्रदेश को सतत जल प्रबंधन और सार्वजनिक सेवा वितरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 2026 में राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राज्य ने जल जीवन मिशन के तहत 99.9 प्रतिशत घरों तक नल का पानी पहुँचाकर देश में अग्रणी स्थान हासिल किया है।
हिमाचल प्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 का इस संकलन से क्या संबंध है?
इस अधिनियम के अंतर्गत नागरिकों को जल सेवाओं की समयबद्ध गारंटी दी जाती है। संकलन में इस अधिनियम के प्रावधान शामिल किए गए हैं, ताकि नागरिक अपने अधिकारों और सेवा मानकों के बारे में सीधे जानकारी प्राप्त कर सकें।
यह संकलन जल शासन को कैसे बेहतर बनाएगा?
यह दस्तावेज़ एकल-खिड़की संदर्भ के रूप में काम करेगा, जिससे जल आपूर्ति, सीवरेज और सिंचाई सेवाओं के वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। विभिन्न प्रभागों और क्षेत्रों में तैनात अधिकारी इसके माध्यम से सूचित और वैधानिक रूप से अनुपालित निर्णय ले सकेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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