एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026: सेतु मिश्रा की दौड़ से भारत को मिक्स्ड 4x400m रिले में गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय एथलेटिक्स टीम ने 9 जुलाई 2026 को चीन के ओर्डोस में आयोजित एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 के मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत में बिहार के एथलीट सेतु मिश्रा की भूमिका अहम रही, जिन्होंने अपने प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया।
मुख्य घटनाक्रम
भारतीय रिले टीम ने 3:18.64 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया। चीन की टीम 3:18.74 सेकंड के साथ दूसरे और फिलीपींस 3:25.28 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रही। भारत और चीन के बीच का अंतर महज 0.10 सेकंड रहा, जो इस जीत को और भी रोमांचक बनाता है।
विजेता भारतीय टीम में सेतु मिश्रा, आस्तिक प्रधान, सैंड्रामोल साबू और श्रावणी सचिन सांगले शामिल थे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बधाई
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सेतु मिश्रा और भारतीय टीम को बधाई दी। उन्होंने लिखा, 'बिहार के बेटे ने बढ़ाया भारत का मान। चीन में आयोजित एशियन अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 4×400 मीटर मिक्स्ड रिले इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का गौरव बढ़ाने वाले बिहार के प्रतिभाशाली एथलीट सेतु मिश्रा और भारतीय टीम के सभी सदस्यों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।'
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सेतु मिश्रा की यह उपलब्धि 'देश और बिहार के युवाओं और एथलीट्स के लिए प्रेरणा का स्रोत है।'
प्रतियोगिता के अन्य पदक
चैंपियनशिप के पहले दिन भारत ने कई इवेंट में पोडियम फिनिश दर्ज की। पुरुषों की 5,000 मीटर दौड़ में शिवाजी परशुराम ने 14:08.19 सेकंड के साथ सिल्वर और विनोद सिंह ने 14:23.57 सेकंड के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह दौड़ जापान के रुई सुजुकी ने 14:01.24 सेकंड में जीती।
महिलाओं की 3,000 मीटर स्टीपलचेज में भारत की प्राची अंकुश देवकर ने 10:32.69 सेकंड के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। चीन की यांग यिटिंग (10:14.68 सेकंड) ने गोल्ड और लियू युक्सिन (10:25.51 सेकंड) ने सिल्वर जीता।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि बिहार, जो परंपरागत रूप से क्रिकेट और कुश्ती के लिए जाना जाता है, अब ट्रैक एंड फील्ड में भी राष्ट्रीय और एशियाई स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। सेतु मिश्रा की यह सफलता राज्य के युवा एथलीटों के लिए एक नई दिशा और प्रेरणा का संदेश लेकर आई है।
क्या होगा आगे
भारतीय टीम का प्रदर्शन चैंपियनशिप के शेष दिनों में भी जारी रहेगा। इस प्रतियोगिता में मिली सफलता भारतीय युवा एथलेटिक्स के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है और आगामी एशियाई तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए टीम का मनोबल बढ़ाती है।