भारतीय छात्रों के लिए ऑस्ट्रेलिया के दरवाज़े खुले रहेंगे: विक्रम मिस्री का मेलबर्न में भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 9 जुलाई 2026 को मेलबर्न में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान भारतीय छात्रों की वीज़ा प्रक्रिया में हुए बदलावों और आवेदन निपटाने में हो रही देरी पर ऑस्ट्रेलियाई नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा हुई। मिस्री ने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने भारत को आश्वस्त किया है कि सख्त जाँच प्रक्रिया के बावजूद योग्य भारतीय छात्रों के लिए अवसर कम नहीं होंगे।
वीज़ा रोक की खबरें बेबुनियाद
मिस्री ने उन मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज किया जिनमें दावा किया जा रहा था कि ऑस्ट्रेलिया नए भारतीय छात्र वीज़ा आवेदनों पर रोक लगाने की तैयारी में है। उन्होंने कहा, 'मुझे यह भी जानकारी है कि कुछ खबरों में कहा जा रहा है कि लोग आवेदन ही नहीं कर पाएंगे, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इन खबरों में कोई सच्चाई है।' गौरतलब है कि हाल के महीनों में ऑस्ट्रेलिया ने अंतरराष्ट्रीय छात्र वीज़ा की जाँच प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक कड़ा किया है, जिससे भारतीय छात्रों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना था।
मुख्य घटनाक्रम: क्या बोले विदेश सचिव
मिस्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'छात्र वीज़ा से जुड़े मुद्दे पर हमें पता है कि भारतीय छात्रों के बीच कुछ चिंताएँ हैं। वीज़ा जाँच प्रक्रिया में बदलाव हुए हैं और कुछ आवेदनों को पूरा होने में ज़्यादा समय लग रहा है।' उन्होंने आगे कहा, 'यह माना गया है कि कुछ प्रक्रियाएँ पहले से थोड़ी ज़्यादा सख्त हो गई हैं, लेकिन साथ ही यह भरोसा भी दिया गया है कि इससे भारत के असली छात्रों के लिए अवसर कम नहीं होंगे।'
विदेश सचिव ने स्पष्ट किया कि भारत को पूरा विश्वास है कि ऑस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा के अवसर खुले और निष्पक्ष रखेगा तथा योग्य छात्रों का स्वागत करता रहेगा।
अल्बनीज का भारतीय समुदाय को संदेश
मेलबर्न में आयोजित 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय समुदाय की मेहनत और योगदान ऑस्ट्रेलिया के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय स्वास्थ्य और आईटी जैसे ज़रूरी क्षेत्रों में कुशल जनशक्ति की कमी को पूरा कर रहा है, छोटे कारोबारों को बढ़ावा दे रहा है और शिक्षा व्यवस्था को भी मज़बूत बना रहा है।
अल्बनीज ने विशेष रूप से विक्टोरिया राज्य का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत से आने वाले कई छात्र ऑस्ट्रेलिया को अपनी पढ़ाई और भविष्य में निवेश के लिए चुनते हैं।
आम जनता और छात्रों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलिया में अध्ययनरत या वहाँ जाने के इच्छुक हज़ारों भारतीय छात्र वीज़ा प्रक्रिया में देरी और नई जाँच शर्तों को लेकर चिंतित थे। मिस्री के बयान से यह संकेत मिलता है कि द्विपक्षीय स्तर पर यह मुद्दा उठाया गया और ऑस्ट्रेलिया ने सकारात्मक आश्वासन दिया है। हालाँकि, प्रक्रिया में सख्ती बने रहने की बात स्वीकार की गई है, जिसका अर्थ है कि आवेदकों को पहले से अधिक दस्तावेज़ और समय की तैयारी रखनी होगी।
क्या होगा आगे
दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संबंधों को और मज़बूत करने की प्रतिबद्धता जताई गई है। भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा और कौशल साझेदारी को व्यापक द्विपक्षीय संबंधों के केंद्र में रखा जाएगा। आने वाले समय में वीज़ा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और आवेदन निपटान में तेज़ी लाने पर ज़ोर रहने की उम्मीद है।