8 जुलाई 2026
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PM मोदी का मेलबर्न में भव्य स्वागत, भारतीय समुदाय ने गढ़वाली में किया अभिनंदन; वीजा नियमों में राहत की उम्मीद

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PM मोदी का मेलबर्न में भव्य स्वागत, भारतीय समुदाय ने गढ़वाली में किया अभिनंदन; वीजा नियमों में राहत की उम्मीद

सारांश

इंडोनेशिया के बाद PM मोदी मेलबर्न पहुँचे तो भारतीय प्रवासी समुदाय ने गढ़वाली में उनका अभिनंदन किया। लेकिन स्वागत के पीछे एक अहम माँग भी है — वीजा शुल्क में तीन गुना बढ़ोतरी और छात्र वीजा की संख्या सीमा से परेशान समुदाय को राहत की दरकार है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 जुलाई को इंडोनेशिया यात्रा के बाद मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया पहुँचे।
पौड़ी गढ़वाल मूल के एक प्रवासी सदस्य ने गढ़वाली भाषा में प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
भारतीय समुदाय ने बताया कि पिछले तीन-चार वर्षों में वीजा शुल्क दो से तीन गुना बढ़ चुका है।
ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों में प्रवेश के इच्छुक भारतीय छात्रों पर वीजा संख्या सीमा से परेशानी बताई गई।
'वन नेशन पॉलिसी' के कारण वीजा प्रतिबंधों में हुई कड़ाई पर समुदाय ने चिंता जताई।
देहरादून–दिल्ली यात्रा समय 8-10 घंटे से घटकर ढाई घंटे होने को उत्तराखंड विकास का उदाहरण बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया की यात्रा संपन्न करके 8 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुँचे, जहाँ भारतीय प्रवासी समुदाय ने उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया। समुदाय के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि इस दौरे से भारत और ऑस्ट्रेलिया के द्विपक्षीय संबंध और प्रगाढ़ होंगे तथा भारतीय छात्रों एवं प्रवासियों के लिए वीजा नियमों में राहत मिलेगी।

गढ़वाली में गूँजा स्वागत संदेश

मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी और मेलबर्न में बसे एक भारतीय समुदाय सदस्य ने भावुक होते हुए कहा, 'मोदी जी, तुम्हारो मेलबर्न में बहुत-बहुत स्वागत च।' उन्होंने बताया कि वे छह वर्ष पूर्व ऑस्ट्रेलिया आए थे और तब से भारत की वैश्विक छवि में उल्लेखनीय सुधार देखा है।

उन्होंने कहा, 'आज दुनिया के कई देशों में भारतीयों को बहुत सकारात्मक नज़रिए से देखा जाता है। भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की शीर्ष पाँच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गई है।'

उत्तराखंड के विकास पर आभार

देहरादून से ताल्लुक रखने वाले इस समुदाय सदस्य ने उत्तराखंड में हुए बुनियादी ढाँचे के विकास की सराहना की। उन्होंने बताया कि पहले देहरादून से दिल्ली का सफर 8 से 10 घंटे में पूरा होता था, जो अब घटकर मात्र ढाई घंटे रह गया है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारतीय समुदाय के लिए 'गर्व का पल' है — 'ऐसा लगता है जैसे वह अपने साथ पूरे भारत को लेकर यहाँ आ रहे हैं।'

वीजा शुल्क और छात्र वीजा सीमा पर चिंता

स्वागत के साथ-साथ समुदाय ने अपनी व्यावहारिक चिंताएँ भी साझा कीं। समुदाय सदस्य ने बताया कि पिछले तीन-चार वर्षों में वीजा शुल्क दो से तीन गुना तक बढ़ चुका है। उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए इन शुल्कों में रियायत की माँग की।

इसके अलावा, उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों में प्रवेश के इच्छुक भारतीय छात्रों पर लागू वीजा संख्या सीमा पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय तो अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं का स्वागत करना चाहते हैं, लेकिन वीजा प्रतिबंध नए छात्रों की राह में बाधा बन रहे हैं।

'वन नेशन पॉलिसी' और वीजा प्रतिबंध

समुदाय सदस्य ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में चर्चित 'वन नेशन पॉलिसी' के कारण वीजा पर कड़ी सीमाएँ लगाई गई हैं, जिससे भारतीय छात्रों को विशेष रूप से परेशानी हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर भी ध्यान दिया जाएगा और वीजा प्रतिबंधों में ढील दिलाने की दिशा में कोई सकारात्मक पहल होगी।

आगे की राह

प्रधानमंत्री मोदी की मेलबर्न यात्रा भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई ऊँचाई देने का अवसर मानी जा रही है। भारतीय समुदाय को उम्मीद है कि द्विपक्षीय वार्ता में शिक्षा, व्यापार और प्रवासी कल्याण जैसे मुद्दों पर ठोस परिणाम सामने आएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह दौरा ठोस नीतिगत बदलाव लाता है। वीजा शुल्क में तीन गुना बढ़ोतरी और छात्र वीजा सीमा जैसी व्यावहारिक समस्याएँ वर्षों से अनसुली हैं। ऑस्ट्रेलिया की 'वन नेशन पॉलिसी' और भारत-ऑस्ट्रेलिया मुक्त व्यापार समझौते के बीच यह तनाव दर्शाता है कि द्विपक्षीय संबंधों की गर्मजोशी जमीनी स्तर पर हमेशा नहीं उतरती। समुदाय का उत्साह वास्तविक है, पर उनकी माँगें भी उतनी ही वास्तविक हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी मेलबर्न क्यों गए हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया की यात्रा के बाद 8 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुँचे। यह दौरा भारत-ऑस्ट्रेलिया द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
मेलबर्न में भारतीय समुदाय ने मोदी का स्वागत कैसे किया?
मेलबर्न के भारतीय प्रवासी समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत किया। पौड़ी गढ़वाल मूल के एक सदस्य ने गढ़वाली भाषा में कहा — 'मोदी जी, तुम्हारो मेलबर्न में बहुत-बहुत स्वागत च।'
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों को वीजा से क्या परेशानी है?
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों के लिए वीजा की संख्या पर सीमा लगाई गई है, जिससे विश्वविद्यालयों में प्रवेश के इच्छुक छात्रों को कठिनाई हो रही है। इसके अलावा, पिछले तीन-चार वर्षों में वीजा शुल्क दो से तीन गुना तक बढ़ चुका है।
'वन नेशन पॉलिसी' का भारतीय प्रवासियों पर क्या असर है?
ऑस्ट्रेलिया में चर्चित 'वन नेशन पॉलिसी' के कारण वीजा नियमों में कड़ाई आई है, जिससे नए भारतीय छात्रों और प्रवासियों को अधिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय समुदाय ने मोदी की यात्रा के दौरान इन प्रतिबंधों में ढील की उम्मीद जताई है।
क्या मोदी की इस यात्रा से भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध बेहतर होंगे?
भारतीय समुदाय के सदस्यों ने उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री मोदी की मेलबर्न यात्रा से दोनों देशों के बीच संबंध और मज़बूत होंगे। विशेष रूप से शिक्षा, व्यापार और प्रवासी कल्याण के क्षेत्रों में सकारात्मक परिणामों की अपेक्षा है।
राष्ट्र प्रेस
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