PM मोदी की मेलबर्न यात्रा: भारतीय प्रवासियों को व्यापार, वीजा और इमिग्रेशन सुधार की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार, 8 जुलाई को मेलबर्न पहुँचने वाले हैं, और उनकी इस यात्रा को लेकर ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय में उत्साह और उम्मीद का माहौल है। समुदाय के सदस्यों ने अपेक्षा जताई है कि इस दौरे से भारत-ऑस्ट्रेलिया के व्यापारिक और द्विपक्षीय संबंधों को नई मज़बूती मिलेगी।
प्रवासी समुदाय की प्रमुख माँगें
भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बानीज से अपील की है कि दोनों देशों के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में समावेशिता, विदेशी छात्रों के लिए वीजा कैप हटाने और आव्रजन से जुड़े अन्य मुद्दों को प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा, भारतीय कारोबारियों के लिए वीजा और व्यापार नियमों को सरल बनाने की माँग भी उठाई गई है।
व्यापारिक जगत की अपेक्षाएँ
ऑस्ट्रेलिया इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स (AICC) की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी निकिता कौर चोपड़ा ने कहा, 'मैं पिछले सात वर्षों से ऑस्ट्रेलिया में रह रही हूँ। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री व्यापारिक अवसरों, सहयोग और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को मज़बूत करने पर ज़ोर दे रहे हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'हम भारतीयों के लिए वीजा प्रक्रिया में अधिक सहूलियत, बेहतर इमिग्रेशन व्यवस्था और दोनों देशों के बीच मज़बूत कारोबारी संबंधों की उम्मीद कर रहे हैं।' निकिता कौर चोपड़ा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान वह सीईओ फोरम में भी शामिल होंगी, जहाँ ऑस्ट्रेलिया में भारतीय कारोबारियों के लिए कारोबारी सुगमता पर चर्चा होगी।
नस्लीय भेदभाव और समावेशिता का मुद्दा
निकिता कौर चोपड़ा ने दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों से अपील की कि वे अपनी बातचीत में भारतीयों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव (रेसिज्म) जैसे संवेदनशील आव्रजन मुद्दों को भी शामिल करें। उन्होंने कहा, 'समाज में सभी को स्वीकार्यता मिलनी चाहिए।' यह माँग ऐसे समय में आई है जब ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के निवासियों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है।
वीजा शुल्क और छात्र वीजा कैप पर चिंता
भारतीय समुदाय के एक अन्य सदस्य ने बताया कि पिछले तीन-चार वर्षों में वीजा शुल्क दो से तीन गुना तक बढ़ चुका है, जो प्रवासियों और विद्यार्थियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा, 'यदि इसमें कुछ राहत मिलती है तो भारतीय समुदाय के लिए यह बहुत अच्छा होगा।' उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों पर लागू वीजा कैप हटाने की माँग भी रखी।
भारत की वैश्विक छवि और प्रवासियों का गर्व
समुदाय के उसी सदस्य ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 'फ्रैजाइल फाइव' से निकलकर अब दुनिया की शीर्ष पाँच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुकी है, जिससे विश्व भर में भारतीयों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाने लगा है। उन्होंने कहा, 'ऐसा लगता है जैसे प्रधानमंत्री मोदी अपने साथ पूरे भारत को यहाँ लेकर आए हैं।' यह यात्रा भारतीय समुदाय के लिए गर्व का क्षण बताई जा रही है। आगामी द्विपक्षीय वार्ता के परिणाम तय करेंगे कि ये उम्मीदें किस हद तक साकार होती हैं।