8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उच्च शिक्षा में ऐतिहासिक रिकॉर्ड: 4.50 करोड़ नामांकन, छात्राओं का GER 31.2 पर पहुंचा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उच्च शिक्षा में ऐतिहासिक रिकॉर्ड: 4.50 करोड़ नामांकन, छात्राओं का GER 31.2 पर पहुंचा

सारांश

भारत में उच्च शिक्षा नामांकन 4.50 करोड़ के नए रिकॉर्ड पर पहुंचा — और इस उपलब्धि की असली नायक छात्राएँ हैं। GPI लगातार सातवें साल 1 से ऊपर, STEM में 44% हिस्सेदारी और SC/ST/OBC नामांकन में ऐतिहासिक उछाल — यह रिपोर्ट एक बदलते भारत की तस्वीर पेश करती है।

मुख्य बातें

भारत में उच्च शिक्षा नामांकन 2023-24 में 4.50 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, जो 2014-15 के 3.42 करोड़ से 1 करोड़ से अधिक की वृद्धि है।
छात्राओं का नामांकन 1.57 करोड़ से बढ़कर 2.24 करोड़ — 42% से अधिक की वृद्धि; उनका GER 31.2 पर पहुंचा।
लैंगिक समानता सूचकांक (GPI) 1.08 — लगातार सात वर्षों से 1 से ऊपर ।
SC नामांकन 46.07 लाख से 69.72 लाख ; ST नामांकन 16.41 लाख से 28.83 लाख ; OBC नामांकन 1.13 करोड़ से 1.80 करोड़ ।
STEM में कुल नामांकन 1.02 करोड़ ; इनमें छात्राओं की हिस्सेदारी 44% ।
देश में 17.32 लाख शिक्षक कार्यरत, जिनमें 45% महिलाएं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) 2023-24 के अनुसार, भारत में उच्च शिक्षा नामांकन 4.50 करोड़ के नए शिखर पर पहुंच गया है — और इस उपलब्धि में सबसे बड़ी भूमिका छात्राओं की रही है। 2014-15 में जहाँ कुल नामांकन 3.42 करोड़ था, वहीं एक दशक में यह संख्या 1 करोड़ से अधिक बढ़ चुकी है।

नामांकन में एक दशक की छलांग

AISHE 2022-23 और 2023-24 की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2014-15 से 2023-24 के बीच उच्च शिक्षा में कुल नामांकन 3.42 करोड़ से बढ़कर 4.50 करोड़ हो गया। यह वृद्धि दर्शाती है कि भारत की उच्च शिक्षा प्रणाली अब समाज के व्यापक तबकों तक अपनी पहुँच बना रही है। गौरतलब है कि यह वृद्धि केवल संस्थानों की संख्या बढ़ने से नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से वंचित वर्गों और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से भी संभव हुई है।

छात्राओं की अग्रणी भूमिका

रिपोर्ट के सबसे उल्लेखनीय तथ्यों में से एक यह है कि छात्राओं का नामांकन 1.57 करोड़ से बढ़कर 2.24 करोड़ हो गया — यानी 42 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि। सकल नामांकन अनुपात (GER) के मामले में भी छात्राएँ आगे हैं: उनका GER 31.2 तक पहुंच गया है, जो छात्रों के GER से अधिक है। लैंगिक समानता सूचकांक (GPI) 2023-24 में 1.08 दर्ज किया गया, और यह लगातार सात वर्षों से 1 से ऊपर बना हुआ है — जो इस बात का प्रमाण है कि उच्च शिक्षा में महिलाओं की उपस्थिति पुरुषों से अधिक है।

सामाजिक समावेशन की तस्वीर

रिपोर्ट सामाजिक समावेशन के मोर्चे पर भी सकारात्मक संकेत देती है। अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों का नामांकन 46.07 लाख से बढ़कर 69.72 लाख हो गया है। अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की संख्या 16.41 लाख से बढ़कर 28.83 लाख तक पहुंच गई है। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों का नामांकन 1.13 करोड़ से बढ़कर 1.80 करोड़ हो गया है। ये आँकड़े संकेत देते हैं कि उच्च शिक्षा अब पहले की तुलना में कहीं अधिक समावेशी हो रही है।

STEM में बढ़ती रुचि, महिलाओं की हिस्सेदारी 44%

विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्रों में युवाओं की रुचि उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। इन विषयों में कुल नामांकन 1.02 करोड़ तक पहुंच गया है। विशेष बात यह है कि STEM पाठ्यक्रमों में छात्राओं की हिस्सेदारी बढ़कर 44 प्रतिशत हो गई है — जो तकनीकी शिक्षा में बदलती सामाजिक सोच का स्पष्ट संकेत है।

शिक्षक संख्या में भी वृद्धि, महिला शिक्षकों की बड़ी भूमिका

उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की संख्या भी बढ़ी है। 2023-24 में देश में 17.32 लाख शिक्षक कार्यरत थे, जिनमें लगभग 45 प्रतिशत महिलाएं हैं। महिला शिक्षकों की संख्या एक दशक में 5.69 लाख से बढ़कर 7.78 लाख हो गई है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार ये आँकड़े उच्च शिक्षा के विस्तार और नई शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों की दिशा में हुई प्रगति के प्रमाण हैं। आने वाले वर्षों में GER को और ऊपर ले जाने के लिए नीतिगत प्रयास जारी रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह संख्यात्मक विस्तार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोज़गार योग्यता में भी तब्दील हो रहा है। GER 30 तक पहुंचना एक पड़ाव है, मंज़िल नहीं — NEP 2020 का लक्ष्य 2035 तक GER को 50 तक ले जाना है, जो अभी भी दूर है। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सामाजिक बदलाव का संकेत देती है, परंतु STEM में 44% हिस्सेदारी के बावजूद तकनीकी क्षेत्र में महिलाओं के नेतृत्व और वेतन समानता के आँकड़े अभी भी चिंताजनक हैं। SC/ST/OBC नामांकन में वृद्धि सराहनीय है, किंतु इन वर्गों के लिए ड्रॉपआउट दर और पूर्णता दर के आँकड़े सामने आने चाहिए — प्रवेश और स्नातक के बीच की खाई ही असली परीक्षा है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

AISHE 2023-24 रिपोर्ट के अनुसार भारत में उच्च शिक्षा नामांकन कितना है?
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की AISHE 2023-24 रिपोर्ट के अनुसार भारत में उच्च शिक्षा नामांकन 4.50 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह 2014-15 के 3.42 करोड़ की तुलना में एक दशक में 1 करोड़ से अधिक की वृद्धि है।
उच्च शिक्षा में छात्राओं की स्थिति क्या है?
2023-24 में छात्राओं का नामांकन 2.24 करोड़ हो गया है, जो 2014-15 के 1.57 करोड़ से 42% से अधिक की वृद्धि है। छात्राओं का GER 31.2 पर पहुंचा है, जो छात्रों से अधिक है, और लैंगिक समानता सूचकांक (GPI) लगातार सातवें साल 1.08 पर बना हुआ है।
SC, ST और OBC विद्यार्थियों के नामांकन में क्या बदलाव आया है?
अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों का नामांकन 46.07 लाख से बढ़कर 69.72 लाख, अनुसूचित जनजाति का 16.41 लाख से 28.83 लाख और OBC का 1.13 करोड़ से 1.80 करोड़ हो गया है। ये आँकड़े उच्च शिक्षा के सामाजिक समावेशन में हुई प्रगति को दर्शाते हैं।
भारत में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात (GER) क्या है?
2023-24 में भारत का उच्च शिक्षा GER लगभग 30 हो गया है, जो 2014-15 में 23.7 था। इसका अर्थ है कि 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक 100 युवाओं में से अब 30 युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
STEM पाठ्यक्रमों में नामांकन की स्थिति क्या है?
STEM विषयों में कुल नामांकन 1.02 करोड़ तक पहुंच गया है, जिसमें छात्राओं की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत है। यह तकनीकी शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और बदलती सामाजिक सोच का संकेत माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले