पुलवामा पुलिस ने लस्सीपोरा में 10 जेसीबी मशीनें जब्त कीं, जम्मू-कश्मीर में अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
पुलवामा पुलिस ने 10 अगस्त 2026 को लस्सीपोरा के पंजरां गांव में छापेमारी कर अवैध खनन में प्रयुक्त 10 जेसीबी मशीनें जब्त कीं, जो जम्मू-कश्मीर में खनिज संसाधनों की अनधिकृत लूट के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और पूरे जिले में ऐसी गतिविधियों पर नकेल कसी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलवामा पुलिस ने लस्सीपोरा स्थित पंजरां गांव में विशेष अभियान चलाकर 10 जेसीबी मशीनें कब्जे में लीं। ये मशीनें अवैध खनन कार्यों में इस्तेमाल की जा रही थीं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्ति और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
बारामूला में पूर्व कार्रवाइयाँ
यह कार्रवाई अकेली नहीं है। इससे पहले बारामूला जिले में 15 जुलाई को झेलम नदी के किनारे अवैध रेत खनन के विरुद्ध बड़ा अभियान चलाया गया था। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), बारामूला के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में 10 नावें, 4 पानी के पंप, 2 ड्रेजर और 1 बोट पुशर जब्त किए गए थे। अधिकारियों के अनुसार, इन उपकरणों का उपयोग नदी की तलहटी से बड़े पैमाने पर रेत निकालने के लिए किया जा रहा था, जिससे पर्यावरण और नदी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुँचने की आशंका थी।
23 जून को भी बारामूला में इसी तरह की कार्रवाई की गई थी, जब बाबातेंग पट्टन के पास नाका चेकिंग के दौरान बिना वैध अनुमति के रेत और बजरी ले जा रहे 5 डंपर और 4 टिपर जब्त किए गए थे। इसके अतिरिक्त, नवान मोड क्रीरी के पास एक अलग ऑपरेशन में 1 डंपर और 2 टिपर भी पकड़े गए थे। उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध एमएमडीआर (खान और खनिज विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की गई थी।
पर्यावरण पर असर
गौरतलब है कि अवैध रेत और खनिज खनन न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि नदी तंत्र की पारिस्थितिकी को भी बाधित करता है। नदी तलहटी से अनियंत्रित रेत निकासी से बाढ़ का खतरा बढ़ता है और जलीय जीवन प्रभावित होता है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन पर्यावरण संरक्षण को लेकर अधिक सक्रिय नीति अपना रहा है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के विरुद्ध यह अभियान पूरे जम्मू-कश्मीर में जारी रहेगा। जब्त मशीनरी और वाहनों के संबंध में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन का लक्ष्य सार्वजनिक प्राकृतिक संसाधनों को संगठित अवैध खनन नेटवर्क से बचाना है।