NIA की जम्मू-कश्मीर में 10 ठिकानों पर छापेमारी, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी सीमापार आतंकी साजिश का भंडाफोड़
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शनिवार, 12 सितंबर 2026 को जम्मू-कश्मीर के 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स और उनके स्थानीय 'ओवरग्राउंड वर्कर्स' (OGW) नेटवर्क से जुड़ी एक बड़ी सीमापार आतंकी साजिश के सिलसिले में की गई। जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने इस अभियान में NIA की सहायता की।
कहाँ-कहाँ हुई छापेमारी
तलाशी अभियान कुपवाड़ा, कुलगाम, बांदीपोरा, बारामूला और सोपोर समेत कई संवेदनशील ज़िलों में चलाया गया। इन स्थानों पर उन लोगों की गतिविधियों की पड़ताल की गई, जो कथित तौर पर घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों को लॉजिस्टिक सहायता, पनाह और रेकी जैसी सुविधाएँ मुहैया करा रहे थे।
मामले की पृष्ठभूमि
यह पूरा मामला 31 मार्च की देर रात एक चेकपॉइंट पर हुई गिरफ्तारी से शुरू हुआ, जब लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक कथित ओवरग्राउंड वर्कर को पकड़ा गया। उसके पास से एक हैंड ग्रेनेड और जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। शुरुआत में जकूरा पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई, जिसे बाद में NIA ने अपने हाथ में लेते हुए गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 23, आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 7 और 25, और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट, 1908 की धारा 4 के तहत पुनः दर्ज किया।
जांच में अब तक क्या सामने आया
आगे की जांच में साजिश से जुड़े पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी हुई और स्थानीय सपोर्ट नेटवर्क के सदस्यों की पहचान की गई। अधिकारियों के अनुसार, इन स्थानीय सहयोगियों का इस्तेमाल घुसपैठियों से संपर्क, उनकी आवाजाही, उन्हें छिपाने, रेकी और अन्य लॉजिस्टिकल मदद के लिए किया जा रहा था। गौरतलब है कि यह जम्मू-कश्मीर में LeT से जुड़े OGW नेटवर्क के ख़िलाफ़ NIA की हालिया महीनों में सबसे व्यापक कार्रवाइयों में से एक है।
वित्तीय और हथियार सप्लाई चेन की जांच
NIA वर्तमान में पूरे नेटवर्क के दायरे और गतिविधियों को समझने के लिए फाइनेंशियल ट्रेल, संचार के तरीकों, आरोपियों की आवाजाही के पैटर्न और हथियारों एवं विस्फोटकों की सोर्सिंग व सप्लाई चेन की गहन पड़ताल कर रही है। शनिवार की तलाशी के दौरान मामले से जुड़े अतिरिक्त आपत्तिजनक सामान भी जब्त किए गए, जिनका पहले से एकत्र साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है।
आगे क्या कार्रवाई संभव
NIA साजिश में शामिल सभी तत्वों की पहचान और उनकी सटीक भूमिकाओं का निर्धारण करने के लिए जांच जारी रखे हुए है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे गिरफ्तारियाँ और बरामदगियाँ होने की संभावना है। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब सीमापार आतंकवाद को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता पहले से काफ़ी बढ़ा दी गई है, और OGW नेटवर्क को ध्वस्त करना प्राथमिकता बन चुका है।