एनआईए का कश्मीर में बड़ा तलाशी अभियान, पूर्व जमात-ए-इस्लामी प्रमुख के घर समेत कई ठिकानों पर छापे
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार, 25 मई 2026 को श्रीनगर और शोपियां जिलों में एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई कथित आतंकी गतिविधियों और राष्ट्र-विरोधी नेटवर्क से जुड़ी जारी जांच के तहत की गई। एनआईए, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के संयुक्त दलों ने यह अभियान संचालित किया।
कहाँ-कहाँ हुई छापेमारी
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के प्रमुख ठिकानों में इमामसाहिब स्थित जामिया सिराज उल उलूम शामिल रहा, जिस पर केंद्र सरकार पहले ही कथित आतंकी संबंधों और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के आरोपों के चलते प्रतिबंध लगा चुकी है। इसके अतिरिक्त, एनआईए की एक अलग टीम ने शोपियां जिले के मोलू चित्रगाम इलाके में पूर्व जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर प्रमुख शहजादा औरंगजेब के आवास पर भी तलाशी ली।
जांच की प्रकृति और हिरासत की स्थिति
अधिकारियों ने अब तक मामले की विशिष्ट प्रकृति सार्वजनिक नहीं की है। सूत्रों ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि तलाशी के दौरान किसी को हिरासत में लिया गया या नहीं। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियाँ प्रतिबंधित संगठनों के नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज़ कर रही हैं।
जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध की पृष्ठभूमि
फरवरी 2024 में केंद्र सरकार ने जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर को गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 3(1) के तहत अगले पाँच वर्षों के लिए 'गैरकानूनी संगठन' घोषित किया था। इससे पहले, फरवरी 2019 में — जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने से कुछ महीने पूर्व — इस संगठन पर पहली बार प्रतिबंध लगाया गया था।
गौरतलब है कि 1941 में स्थापित इस संगठन पर सुरक्षा एजेंसियाँ लंबे समय से आतंकवाद को बढ़ावा देने, भारत-विरोधी प्रचार फैलाने और अलगाववादी विचारधारा को प्रोत्साहित करने के आरोप लगाती रही हैं।
सरकार का रुख
पिछले वर्ष प्रतिबंध की निरंतरता की घोषणा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के अनुरूप है। मौजूदा तलाशी अभियान उसी नीतिगत दिशा की अगली कड़ी प्रतीत होती है।
आगे क्या
एनआईए ने अभी तक इस जांच से जुड़ी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की है। सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान बरामद सामग्री की जाँच जारी है और आगे की कार्रवाई उसी के आधार पर तय होगी।