9 जुलाई 2026
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एनआईए का कश्मीर में बड़ा तलाशी अभियान, पूर्व जमात-ए-इस्लामी प्रमुख के घर समेत कई ठिकानों पर छापे

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एनआईए का कश्मीर में बड़ा तलाशी अभियान, पूर्व जमात-ए-इस्लामी प्रमुख के घर समेत कई ठिकानों पर छापे

सारांश

एनआईए ने 25 मई को श्रीनगर और शोपियां में एक साथ छापे मारे — निशाने पर प्रतिबंधित जामिया सिराज उल उलूम और पूर्व जमात-ए-इस्लामी प्रमुख का आवास। यह कार्रवाई 2024 में लगाए गए प्रतिबंध के बाद जारी दबाव की अगली कड़ी है।

मुख्य बातें

एनआईए ने 25 मई 2026 को श्रीनगर और शोपियां जिलों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया।
पूर्व जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर प्रमुख शहजादा औरंगजेब के मोलू चित्रगाम स्थित आवास पर छापा पड़ा।
इमामसाहिब की जामिया सिराज उल उलूम पर भी तलाशी ली गई, जो पहले से केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित है।
छापेमारी एनआईए , जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त दलों ने की।
केंद्र सरकार ने फरवरी 2024 में जमात-ए-इस्लामी को UAPA 1967 की धारा 3(1) के तहत पाँच वर्षों के लिए गैरकानूनी घोषित किया था।
अधिकारियों ने अब तक किसी की हिरासत या मामले की विशिष्ट प्रकृति की पुष्टि नहीं की है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार, 25 मई 2026 को श्रीनगर और शोपियां जिलों में एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई कथित आतंकी गतिविधियों और राष्ट्र-विरोधी नेटवर्क से जुड़ी जारी जांच के तहत की गई। एनआईए, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के संयुक्त दलों ने यह अभियान संचालित किया।

कहाँ-कहाँ हुई छापेमारी

सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के प्रमुख ठिकानों में इमामसाहिब स्थित जामिया सिराज उल उलूम शामिल रहा, जिस पर केंद्र सरकार पहले ही कथित आतंकी संबंधों और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के आरोपों के चलते प्रतिबंध लगा चुकी है। इसके अतिरिक्त, एनआईए की एक अलग टीम ने शोपियां जिले के मोलू चित्रगाम इलाके में पूर्व जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर प्रमुख शहजादा औरंगजेब के आवास पर भी तलाशी ली।

जांच की प्रकृति और हिरासत की स्थिति

अधिकारियों ने अब तक मामले की विशिष्ट प्रकृति सार्वजनिक नहीं की है। सूत्रों ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि तलाशी के दौरान किसी को हिरासत में लिया गया या नहीं। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियाँ प्रतिबंधित संगठनों के नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज़ कर रही हैं।

जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध की पृष्ठभूमि

फरवरी 2024 में केंद्र सरकार ने जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर को गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 3(1) के तहत अगले पाँच वर्षों के लिए 'गैरकानूनी संगठन' घोषित किया था। इससे पहले, फरवरी 2019 में — जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने से कुछ महीने पूर्व — इस संगठन पर पहली बार प्रतिबंध लगाया गया था।

गौरतलब है कि 1941 में स्थापित इस संगठन पर सुरक्षा एजेंसियाँ लंबे समय से आतंकवाद को बढ़ावा देने, भारत-विरोधी प्रचार फैलाने और अलगाववादी विचारधारा को प्रोत्साहित करने के आरोप लगाती रही हैं।

सरकार का रुख

पिछले वर्ष प्रतिबंध की निरंतरता की घोषणा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के अनुरूप है। मौजूदा तलाशी अभियान उसी नीतिगत दिशा की अगली कड़ी प्रतीत होती है।

आगे क्या

एनआईए ने अभी तक इस जांच से जुड़ी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की है। सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान बरामद सामग्री की जाँच जारी है और आगे की कार्रवाई उसी के आधार पर तय होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईए ने 25 मई को कश्मीर में किन स्थानों पर छापेमारी की?
एनआईए ने श्रीनगर और शोपियां जिलों में कई स्थानों पर तलाशी ली। इनमें इमामसाहिब स्थित जामिया सिराज उल उलूम और शोपियां के मोलू चित्रगाम में पूर्व जमात-ए-इस्लामी प्रमुख शहजादा औरंगजेब का आवास शामिल हैं।
जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर पर प्रतिबंध कब और क्यों लगाया गया?
केंद्र सरकार ने फरवरी 2024 में UAPA 1967 की धारा 3(1) के तहत जमात-ए-इस्लामी जम्मू-कश्मीर को पाँच वर्षों के लिए गैरकानूनी संगठन घोषित किया। इससे पहले फरवरी 2019 में भी इस पर प्रतिबंध लगाया गया था। सुरक्षा एजेंसियाँ इस पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाती रही हैं।
क्या इस छापेमारी में किसी को हिरासत में लिया गया?
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने अब तक किसी की हिरासत की पुष्टि नहीं की है। मामले की विशिष्ट प्रकृति भी सार्वजनिक नहीं की गई है।
इस तलाशी अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
यह अभियान एनआईए, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के संयुक्त दलों द्वारा संचालित किया गया।
जामिया सिराज उल उलूम पर प्रतिबंध क्यों है?
केंद्र सरकार ने इमामसाहिब स्थित जामिया सिराज उल उलूम पर कथित आतंकी संबंधों और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के आरोपों के चलते प्रतिबंध लगाया था। 25 मई की छापेमारी इसी संस्थान से जुड़ी जारी जांच का हिस्सा बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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