पुंछ में एनआईए ने आतंकी फंडिंग मामले में की छापेमारी, स्थानीय पुलिस का सहयोग
सारांश
Key Takeaways
- एनआईए ने आतंकी फंडिंग से जुड़े मामले में छापेमारी की।
- स्थानीय पुलिस ने एनआईए का सहयोग किया।
- वित्तीय लेन-देन और संचार रिकॉर्ड की जांच की गई।
- आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
- इससे पहले भी एनआईए ने कई ऑपरेशन किए हैं।
पुंछ, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आज सुबह जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में आतंकी गतिविधियों और आतंकी फंडिंग से जुड़े मामलों में कई स्थानों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में स्थानीय पुलिस का भी सहयोग प्राप्त हुआ।
जानकारी के अनुसार, यह तलाशी अभियान उन परिसरों पर केंद्रित था, जिनका संबंध कथित रूप से आतंकवादी गतिविधियों और फंडिंग नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों से है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ये छापेमारी क्षेत्र में सक्रिय आतंकी संगठनों को वित्तीय सहायता और समर्थन से जुड़े मामलों की चल रही जांच का हिस्सा है। एनआईए की टीमों ने स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों की मदद से तलाशी अभियान चलाया और वित्तीय लेन-देन, संचार रिकॉर्ड तथा अन्य साक्ष्य जुटाने की कोशिश की। यह अभियान तड़के जिले के विभिन्न स्थानों पर चलाया गया। सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ताओं ने ऐसे दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री की जांच की, जो आतंकी फंडिंग गतिविधियों से संबंधित होने की आशंका थी।
आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए एनआईए और स्थानीय प्रशासन लगातार सक्रिय हैं और विभिन्न कार्रवाई कर रहे हैं।
इससे पूर्व, 2 फरवरी को एनआईए ने श्रीनगर, सोपोर, बांदीपोरा और बारामूला में आईएसआईए से जुड़े आतंकी षड्यंत्र के मामले में सर्च ऑपरेशन चलाया था। टीम ने जेल में बंद सहयोगियों और संदिग्धों के ठिकानों की तलाशी ली थी। 3 फरवरी को श्रीनगर के रैनावारी इलाके में एक गैर सरकारी संगठन से जुड़े मामले में संदिग्ध के घर की तलाशी एनआई ने ली थी।
4 मार्च को पुंछ जिले के भीमबेर गली सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सेना के जवानों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था। आर्मी की नगरोटा हेडक्वार्टर वाली व्हाइट नाइट कोर को इंटेलिजेंस इनपुट और लगातार सर्विलांस पर कार्रवाई करते हुए 4 मार्च की सुबह लाइन ऑफ कंट्रोल के पास भीमबेर गली के जनरल एरिया में आतंकवादियों की मूवमेंट का पता चला। इस पर व्हाइट नाइट कोर के अलर्ट सैनिकों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए घुसपैठ की कोशिश को अंजाम तक पहुँचने से रोका। कोऑर्डिनेटेड ग्राउंड एक्शन से दुश्मन के मंसूबों को प्रभावी तरीके से नाकाम कर दिया गया था।