बारामूला में 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर' अभियान: पुलिस ने सोचीपोरा और क्रेरी में जंगली भांग की खेती नष्ट की
सारांश
मुख्य बातें
बारामूला पुलिस ने 17 मई 2026 को 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत सोचीपोरा और अस्तान मोहल्ला, क्रेरी इलाकों में जंगली भांग की अवैध खेती को नष्ट करने का व्यापक अभियान चलाया। स्थानीय निवासियों और नागरिक समाज की सक्रिय भागीदारी से संचालित इस अभियान को पुलिस के नशा-विरोधी प्रयासों की अब तक की सबसे बड़ी ज़मीनी कार्रवाइयों में से एक बताया जा रहा है।
अभियान का विवरण
पुलिस टीमों ने खुले इलाकों और आस-पास की ज़मीन पर उगी जंगली भांग के बड़े-बड़े हिस्सों को नष्ट किया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान' के तहत नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध मादक खेती के खिलाफ चलाए जा रहे निरंतर प्रयासों की कड़ी है। अभियान में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी को पुलिस ने सामुदायिक जागरूकता का सकारात्मक संकेत बताया।
जनभागीदारी और सामुदायिक संवाद
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया और उनसे अपील की कि वे अपने इलाकों में अवैध खेती या नशीली दवाओं से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में बढ़ती जनभागीदारी इस बात का प्रमाण है कि समाज इस खतरे को गंभीरता से ले रहा है।
उपराज्यपाल की प्रतिबद्धता
गौरतलब है कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बारामूला कस्बे में 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर' अभियान में स्वयं भाग लिया था। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रशासन ड्रग तस्करों की हर संपत्ति, हर रुपए और हर फर्जी कंपनी का पीछा करेगा और युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाई जाएगी।
उपराज्यपाल ने अपील की: 'मैं विद्यालयों, मस्जिदों, मंदिरों, गुरुद्वारों और गैर सरकारी संगठनों से आग्रह करता हूँ कि वे जागरूकता के माध्यम से इस पहल को मजबूत करने के लिए प्रति सप्ताह एक घंटा समर्पित करें।' उन्होंने कहा कि यह एक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली की तरह काम करेगा और नशे के जोखिम वाले क्षेत्रों को पूरी तरह नशामुक्त बनाएगा।
युवाओं पर फोकस और आगे की राह
बारामूला पुलिस के अनुसार यह अभियान विशेष रूप से युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशीली दवाओं को किसी भी रूप में बढ़ावा देने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। यह अभियान जम्मू-कश्मीर में नशे के बढ़ते प्रसार को रोकने की दिशा में एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें प्रशासन, पुलिस और समाज तीनों की साझेदारी पर जोर दिया जा रहा है।