महासमुंद में अवैध रेत खनन पर बड़ी कार्रवाई: जोंक नदी से 2 मशीनें व 7 वाहन जब्त
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में 23 मई 2026 को केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता और जिला खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान जोंक नदी में चल रहे अवैध रेत उत्खनन को पकड़ा और 2 चैन माउंटेन मशीनें तथा 7 वाहन जब्त किए। पिथौरा तहसील के ग्राम बल्दीडीह में हुई इस कार्रवाई में संबंधित पक्ष कोई वैध अनुमति या दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं कर सके।
मुख्य घटनाक्रम
प्रातःकाल हुए इस औचक निरीक्षण में टीम ने पाया कि 2 चैन माउंटेन मशीनें स्वीकृत खदान क्षेत्र की सीमा से बाहर जोंक नदी में उत्खनन कर रही थीं। इसके साथ ही 3 हाइवा और 4 ट्रैक्टर बिना किसी वैध अभिवाहन पास के रेत परिवहन करते हुए पकड़े गए। मौके पर ही अवैध खनन कार्य बंद कराया गया।
जब्ती और कानूनी कार्रवाई
दोनों चैन माउंटेन मशीनों को तत्काल जब्त कर सील कर दिया गया और आगामी आदेश तक उन्हें खदान मुंशी की अभिरक्षा में सौंपा गया। 3 हाइवा और 4 ट्रैक्टर को जब्त कर समीपस्थ पुलिस थाना साकरा के परिसर में खड़ा कराया गया है। संबंधित खदान संचालक को नोटिस जारी कर तामील भी करा दी गई है।
पूर्व की कार्रवाइयाँ
गौरतलब है कि इससे पहले खनिज विभाग ने मंदिर हसौद क्षेत्र में भी बड़ी कार्रवाई की थी। सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव के नेतृत्व में टीम ने दो चूना पत्थर (क्रेशर) खदानों को सील किया था और अवैध परिवहन में लिप्त 7 हाइवा वाहन भी जब्त किए गए थे। यह ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध खनन के विरुद्ध राज्यव्यापी अभियान तेज़ किया है।
विभाग का रुख
खनिज साधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे। विभाग की मैदानी टीमें जिलेभर में सक्रिय निगरानी कर रही हैं।
आम जनता और खनन कारोबार पर असर
इस कार्रवाई के बाद महासमुंद और आसपास के क्षेत्रों में खनन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की औचक जाँच नियमित रूप से जारी रही तो अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लग सकता है। आने वाले दिनों में विभाग द्वारा और भी जिलों में इसी तरह के अभियान चलाए जाने की संभावना है।