बारामूला पुलिस ने 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत क्रीरी, पल्हालन और गोशबुग में जंगली भांग की फसल नष्ट की
सारांश
मुख्य बातें
बारामूला पुलिस ने रविवार, 28 जून 2026 को जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में 'नशा मुक्त भारत अभियान' के अंतर्गत व्यापक स्तर पर जंगली भांग (कैनाबिस) उन्मूलन अभियान चलाया। क्रीरी, पल्हालन और गोशबुग क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर उगे अवैध भांग के पौधों को मौके पर ही उखाड़कर पूरी तरह नष्ट किया गया। यह कार्रवाई मादक पदार्थों के स्रोत को जड़ से समाप्त करने की दिशा में पुलिस की बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है।
अभियान का विस्तार और प्रभावित क्षेत्र
पुलिस के अनुसार, यह उन्मूलन अभियान बंगदरा क्रीरी, रायपोरा पल्हालन और बाटावारी गोशबुग — तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ संचालित किया गया। रायपोरा पल्हालन में यह कार्रवाई वेलफेयर सोसाइटी पल्हालन के सक्रिय सहयोग से की गई, जो पुलिस और नागरिक समाज की साझेदारी का उल्लेखनीय उदाहरण है।
पुलिस ने बताया कि सरकारी भूमि पर लगभग 1.5 कनाल क्षेत्र में फैली जंगली भांग की पहचान की गई और उसे पूरी तरह नष्ट किया गया। बंगदरा क्रीरी और बाटावारी गोशबुग में भी चिन्हित सभी भांग के पौधों को समाप्त कर दिया गया।
अभियान का उद्देश्य और सामुदायिक भागीदारी
बारामूला पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मूल उद्देश्य मादक पदार्थों के स्रोत को ही खत्म करना, उनके दुरुपयोग को रोकना और आम जनता को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है। अभियान शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ, जिसमें स्थानीय निवासियों और नागरिक समाज की सक्रिय भागीदारी देखी गई।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को कहीं भी अवैध रूप से भांग या अन्य मादक पौधों की खेती की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते कानूनी कार्रवाई हो सके।
नार्को-टेरर नेटवर्क के खिलाफ एसआईए की कार्रवाई
गौरतलब है कि इस अभियान से एक दिन पहले, शनिवार को कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एसआईए) ने एक भगोड़े आरोपी के खिलाफ उद्घोषणा की कार्रवाई शुरू की थी। यह आरोपी पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क द्वारा संचालित सीमा पार नार्को-टेरर मामले में शामिल बताया गया है।
एसआईए की यह कार्रवाई सक्षम अदालत के आदेशों के पालन में की गई। फरार अभियुक्त बिलाल शब्बीर अवान — जो कुपवाड़ा जिले की करनाह तहसील के दिलदार का निवासी है — के पैतृक घर पर कार्यकारी मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में उद्घोषणा की गई।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला जनवरी 2025 में श्रीनगर के परिम्पोरा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था, जब श्रीनगर के बरथाना में नाका चेकिंग के दौरान भारी मात्रा में हेरोइन जब्त की गई थी। जांच के क्रम में मामला एसआईए कश्मीर को सौंपा गया, जिसने एक सुनियोजित सीमा-पार नार्को-टेरर नेटवर्क का पर्दाफाश किया — जो जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को वित्त पोषित करने के लिए नशीले पदार्थों की तस्करी का उपयोग कर रहा था।
आगे की दिशा
बारामूला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा मुक्त बारामूला के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे। घाटी में नशे और आतंकवाद के गठजोड़ के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की यह समन्वित कार्रवाई आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है।