लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसोलो न्यांती नई दिल्ली पहुंचीं, जयशंकर से होगी मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसोलो न्यांती 13 अगस्त 2026 को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचीं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस यात्रा को अफ्रीकी देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। दौरे के दौरान वह हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगी।
स्वागत और राजनयिक संदेश
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसोलो न्यांती का नई दिल्ली पहुंचने पर हार्दिक स्वागत। उनका दौरा भारत और लाइबेरिया के बीच गहरे और करीबी रिश्तों को और सुदृढ़ करने का अवसर देता है।' यह बयान भारत की उस व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत ग्लोबल साउथ के देशों के साथ संबंधों को प्राथमिकता दी जा रही है।
संसदीय प्रतिनिधिमंडल का समानांतर दौरा
न्यांती के दौरे से ठीक पहले, विदेश मंत्री जयशंकर ने आईबीसीए-वित्तपोषित पीयर-लर्निंग कार्यक्रम के अंतर्गत भारत आए लाइबेरिया के संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और ग्लोबल साउथ साझेदारी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। इसी क्रम में एलेन ए. अट्टोह-रेह के नेतृत्व में 15 सदस्यीय लाइबेरियाई प्रतिनिधिमंडल 10 से 15 अगस्त तक भारत में है, जो यूएन विमेन के सहयोग से आयोजित साउथ-साउथ पीयर लर्निंग मिशन का हिस्सा है।
इस प्रतिनिधिमंडल में लाइबेरिया की सीनेट, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सचिवालय के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह मिशन 'विमेन लेजिस्लेटर्स इन लाइबेरिया: प्रमोटिंग वॉइस, सस्टेनेबल डेवलपमेंट, लीडरशिप एंड जेंडर-रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस' परियोजना के तहत संचालित है। इसे यूएन विमेन लाइबेरिया ने लाइबेरिया के विमेंस लेजिस्लेटिव कॉकस के सहयोग से लागू किया है और आईबीएसए फंड (भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका) के माध्यम से वित्त पोषित किया गया है।
भारत-लाइबेरिया संबंधों की पृष्ठभूमि
दोनों देश व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और संयुक्त राष्ट्र मंचों पर दीर्घकालिक सहयोग साझा करते हैं। पीएमओ अभिलेखागार में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारत ग्लोबल साउथ साझेदारी के अंतर्गत लाइबेरिया के विकास और क्षमता निर्माण में निरंतर योगदान देता रहा है। इसके अतिरिक्त, दोनों देश अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट अलायंस (IBCA) जैसे बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से भी आपसी सहयोग बढ़ा रहे हैं।
आगे क्या
न्यांती का यह दौरा ऐसे समय में आया है जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को व्यवस्थित रूप से विस्तार दे रहा है। गौरतलब है कि यह यात्रा लाइबेरियाई संसदीय और कार्यपालिका दोनों स्तरों पर एक साथ हो रही है, जो द्विपक्षीय जुड़ाव की गहराई को दर्शाती है। दोनों पक्षों के बीच होने वाली वार्ता के नतीजे आने वाले दिनों में सामने आने की उम्मीद है।