जयशंकर से मिलीं लाइबेरिया की विदेश मंत्री न्यांती, नई दिल्ली में लाइबेरियाई दूतावास का उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसोलो न्यांती के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और नई दिल्ली में लाइबेरिया के नवनिर्मित दूतावास के उद्घाटन पर उन्हें बधाई दी। न्यांती दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुँची हैं, जो भारत-लाइबेरिया संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
द्विपक्षीय वार्ता में क्या हुआ
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों मंत्रियों ने तकनीक, कृषि, स्वास्थ्य, खनन, ऊर्जा, व्यापार एवं निवेश, शिक्षा, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच आपसी संपर्क सहित भारत-लाइबेरिया द्विपक्षीय संबंधों के समग्र दायरे की समीक्षा की। बातचीत में वाणिज्यिक शिपिंग, रक्षा एवं सुरक्षा प्रशिक्षण तथा जल प्रबंधन के क्षेत्रों में सहयोग को भी प्रमुखता दी गई।
बहुपक्षीय सहयोग और UNSC सुधार
दोनों नेताओं ने ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मज़बूत करने और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग गहरा करने पर विशेष चर्चा की। इस संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार के महत्व को रेखांकित किया गया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने शांति और टिकाऊ विकास के लिए बहुपक्षवाद को और प्रभावी बनाने की ज़रूरत पर सहमति जताई।
जयशंकर ने एक्स पर क्या लिखा
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, 'लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेसोलो न्यांती से मिलकर बहुत खुशी हुई। नई दिल्ली में लाइबेरिया की नई एम्बेसी के उद्घाटन पर उन्हें बधाई दी।' उन्होंने आगे कहा, 'कमर्शियल शिपिंग, माइनिंग, स्वास्थ्य, कृषि, पानी और ट्रेनिंग की रक्षा और सुरक्षा पर अच्छी बातचीत हुई। हमारी मीटिंग में यूएनएससी के बहुत ज़रूरी सुधारों पर भी फोकस रहा। मुझे यकीन है कि हमारा दक्षिण-दक्षिण सहयोग और मज़बूत होता रहेगा।'
व्यापार और निवेश की ज़मीन
विदेश मंत्रालय के अनुसार, लाइबेरिया भारत की शुल्क-मुक्त टैरिफ वरीयता योजना का लाभार्थी है, जिससे लकड़ी, वनस्पति तेल, रबर और अन्य वस्तुओं का लाइबेरियाई निर्यात भारत तक आसानी से पहुँच सकता है। वर्तमान में 200 से अधिक भारतीय कंपनियाँ लाइबेरिया में ऑटोमोबाइल, खनन, स्वास्थ्य सेवा, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिकल्स सहित विविध क्षेत्रों में सक्रिय हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपने आर्थिक और कूटनीतिक संबंध तेज़ी से विस्तारित कर रहा है। गौरतलब है कि लाइबेरिया अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन का भी सदस्य है, जो भारत की अगुवाई में स्थापित एक प्रमुख बहुपक्षीय ऊर्जा मंच है।
आगे की राह
नई दिल्ली में लाइबेरियाई दूतावास का उद्घाटन दोनों देशों के बीच स्थायी राजनयिक उपस्थिति की दिशा में एक ठोस कदम है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा भारत और लाइबेरिया के बीच गहरे और करीबी रिश्तों को और मज़बूत करने का अवसर प्रदान करती है। दोनों पक्षों के बीच दक्षिण-दक्षिण सहयोग के ढाँचे में आने वाले महीनों में और ठोस पहलों की उम्मीद जताई जा रही है।