जयशंकर का CELAC मंत्रियों से संबोधन: भारत की आर्थिक ताकत 'ग्लोबल साउथ' की समृद्धि में सहायक
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 23 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र में लैटिन अमेरिका और कैरिबियन राज्यों के समुदाय (CELAC) के विदेश मंत्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में भारत का उभरना उसे 'ग्लोबल साउथ' के देशों की साझा समृद्धि की दिशा में ठोस योगदान देने में सक्षम बनाता है। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत वैश्विक दक्षिण के साथ अपने संबंधों को नई गहराई देने की कोशिश में जुटा है।
मुख्य वक्तव्य और आर्थिक संदर्भ
जयशंकर ने कहा, 'पिछले दशक में भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है। हमारी जीडीपी दोगुनी से अधिक हो गई है और विकास दर मजबूत बनी हुई है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज भारत के पास 'बड़ी और तेजी से कुशल हो रही मानव संसाधन क्षमता, बढ़ती हुई क्षमताएं, एक बढ़ता हुआ बाजार, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बढ़ती ताकत' मौजूद है।
विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि 'ग्लोबल साउथ' के साथ भारत का जुड़ाव संकीर्ण राष्ट्रीय हितों से प्रेरित नहीं, बल्कि 'हमारी एकजुटता और साझा समृद्धि के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।'
भारत की क्षेत्रीय सहायता के उदाहरण
जयशंकर ने लैटिन अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र में भारत की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने जमैका में हरिकेन मेलिसा के दौरान और वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत द्वारा प्रदान की गई मदद का उल्लेख किया। इसके अलावा, कैरिबियन में विकास कार्यक्रमों को समर्थन और लैटिन अमेरिकी देशों को दवाइयों की आपूर्ति का भी जिक्र किया।
बैठक की अध्यक्षता और सहयोग क्षेत्र
विदेश मंत्री जयशंकर ने उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन के साथ मिलकर 33 सदस्यीय CELAC के विदेश मंत्रियों की इस बैठक की सह-अध्यक्षता की। बैठक के पश्चात उन्होंने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि मंत्री स्वास्थ्य और फार्मा, खाद्य और कृषि, ऊर्जा और संसाधन, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में सहयोग पर सहमत हुए।
भारत की वैश्विक पहलों को समर्थन
बैठक में CELAC मंत्रियों ने भारत की अगुवाई वाली कई अंतरराष्ट्रीय पहलों के प्रति समर्थन व्यक्त किया। इनमें इंटरनेशनल सोलर अलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (CDRI), इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस, ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस और मिशन लाइफ शामिल हैं। गौरतलब है कि ये सभी पहलें वैश्विक स्तर पर जलवायु, आपदा प्रबंधन और टिकाऊ विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने में भारत की केंद्रीय भूमिका को दर्शाती हैं।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब भारत संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर द्विपक्षीय और बहुपक्षीय कूटनीति में सक्रिय रूप से जुटा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-CELAC सहयोग के नए अध्याय से दक्षिण-दक्षिण सहयोग को ठोस रूप मिल सकता है, बशर्ते कि सहमत क्षेत्रों में त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।