जयशंकर ने न्यूयॉर्क में CARICOM देशों के विदेश मंत्रियों से की बैठक, भारत कैरिबियन संबंध मजबूत करने पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 24 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में कैरिबियाई क्षेत्र के 15 देशों के समूह कैरिबियन समुदाय (CARICOM) के विदेश मंत्रियों के साथ बैठक की। इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने, विकास सहयोग, चिकित्सा सहायता और स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी पर केंद्रित चर्चा हुई। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र के दौरान आयोजित की गई।
बैठक का विवरण और प्रमुख संदेश
बैठक के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए जयशंकर ने कहा, "आज न्यूयॉर्क में भारत कैरिकॉम विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए कैरिबियन के सहयोगियों के साथ शामिल होकर खुशी हुई।" उन्होंने बैठक के संचालन के लिए CARICOM महासचिव डॉ. कार्ला बार्नेट और सूरीनाम के विदेश मंत्री मेल्विन बौवा का विशेष आभार जताया।
जयशंकर ने बैठक में इस बात पर बल दिया कि भारत और कैरिबियाई देशों के बीच साझा औपनिवेशिक इतिहास तथा विकासशील देश होने की साझी चुनौतियाँ दोनों पक्षों को एकजुट करती हैं। सूरीनाम, त्रिनिदाद और गुयाना में भारतीय मूल के लोगों की उल्लेखनीय आबादी इस संबंध को और अधिक मज़बूत आधार देती है।
विकास परियोजनाएँ और चिकित्सा सहायता
बैठक में भारत द्वारा कैरिबियाई देशों में पूरी की जा चुकी और जारी परियोजनाओं की समीक्षा की गई। कई कैरिबियाई देशों में लघु एवं मध्यम उद्यम (SME) और त्वरित प्रभाव परियोजनाएँ (QIP) या तो पूरी हो चुकी हैं या प्रगति पर हैं। QIP उन परियोजनाओं के लिए धन और संसाधन उपलब्ध कराती है, जिन्हें शीघ्र क्रियान्वित कर सामुदायिक स्तर पर ठोस प्रभाव डाला जा सके।
चिकित्सा क्षेत्र में भारत ने कृत्रिम अंग शिविर आयोजित किए, हीमोडायलिसिस यूनिट्स उपहार में दीं, और कुछ CARICOM साझेदारों को 'भीष्म क्यूब' पोर्टेबल अस्पताल इकाइयाँ प्रदान कीं। 'भीष्म क्यूब' भारत द्वारा विकसित एक पोर्टेबल अस्पताल प्रणाली है जिसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल तैनात किया जा सकता है।
प्रशिक्षण और डिजिटल सहयोग
जयशंकर ने CARICOM देशों से भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रशिक्षण स्लॉट का पूरा उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने इन देशों की रुचि के क्षेत्रों के अनुसार अनुकूलित प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करने का प्रस्ताव भी दिया। भारत वैश्विक दक्षिण के देशों को विशेष रूप से डिजिटल प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराता है।
सौर ऊर्जा और जलवायु सहयोग
भारत CARICOM सहयोग के तहत क्षेत्र में सौर ऊर्जा स्थापना को भी बल मिला है। जयशंकर ने कैरिबियाई देशों से अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन में शामिल होने पर विचार करने का अनुरोध किया। इन दोनों संगठनों का मुख्यालय भारत में है और ये जलवायु परिवर्तन से निपटने तथा टिकाऊ विकास के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक दक्षिण के साथ अपनी कूटनीतिक पहुँच को व्यापक आधार देने में जुटा है। CARICOM के साथ बढ़ते जुड़ाव से भारत की 'ग्लोबल साउथ' नीति को और पुष्टि मिलती है, और आने वाले समय में दोनों पक्षों के बीच प्रशिक्षण, स्वास्थ्य तथा स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग के और विस्तार की उम्मीद है।