विदेश मंत्री जयशंकर की ऐतिहासिक जमैका यात्रा: 3 MoU, 10 भीष्म यूनिट और UNSC समर्थन — द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 2 से 4 मई 2026 तक जमैका की ऐतिहासिक तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा की — जो किसी भारतीय विदेश मंत्री की पहली द्विपक्षीय जमैका यात्रा थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा में 3 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर हुए, 10 भीष्म मेडिकल यूनिट्स सौंपी गईं और जमैका ने 2028–29 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की उम्मीदवारी का समर्थन किया।
उच्चस्तरीय बैठकें और वार्ता
जयशंकर ने जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होल्नेस से मुलाकात की और विदेश मंत्री कामिना जॉनसन स्मिथ के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई और सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की गई। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी ग्लोबल साउथ कूटनीति को तेज़ी से विस्तार दे रहा है।
MoU और प्रमुख समझौते
यात्रा के दौरान तीन MoU पर हस्ताक्षर हुए — स्वास्थ्य सहयोग, ह्यूग लॉसन शीयरर बिल्डिंग का सोलराइजेशन और ब्रॉडकास्टिंग के क्षेत्र में। इसके अलावा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, संस्कृति, खेल और डिजिटल भुगतान जैसे क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की भी समीक्षा की गई। दोनों देशों ने स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, शिक्षा, पर्यटन और डिजिटलीकरण में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
भारत की विकास सहायता और उपहार
भारत ने जमैका को 10 भीष्म मेडिकल यूनिट्स सौंपीं और 30 डायलिसिस यूनिट्स देने की घोषणा की। साथ ही 40 मछली पकड़ने वाली नौकाएँ और 200 GPS डिवाइस देने का वादा किया गया। तूफान 'मेलिसा' के बाद जमैका के पुनर्निर्माण में सहयोग जारी रखने का भी आश्वासन दिया गया। भारत ने खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के सहयोग से चलाई गई