जयशंकर ने जमैका के ओल्ड हार्बर का दौरा किया, 180 साल पुराने भारतीय प्रवासी इतिहास से हुए रूबरू
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने कैरेबियाई दौरे के अंतर्गत 3 मई 2026 को जमैका के ऐतिहासिक स्थल ओल्ड हार्बर का दौरा किया — वह स्थान जहाँ 180 वर्ष से भी अधिक पहले पहले भारतीय श्रमिक जमैका की धरती पर पहुँचे थे। इस यात्रा के दौरान उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की और उनकी सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं तथा पहचान को सहेजने के प्रयासों की सराहना की।
ओल्ड हार्बर का ऐतिहासिक महत्व
ओल्ड हार्बर जमैका में भारतीय गिरमिटिया मजदूरों के आगमन का प्रतीक स्थल है। 19वीं सदी के मध्य और अंत में ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के दौरान हजारों भारतीय मजदूरों को 'एग्रीमेंट' — जिसे स्थानीय उच्चारण में 'गिरमिट' कहा जाता था — के तहत काम के लिए कैरेबियाई देशों में भेजा गया था। इन्हें ही गिरमिटिया कहा जाता है। इनमें से अनेक लोग बाद में वहीं बस गए और आज उनके वंशज जमैका, सूरीनाम तथा त्रिनिदाद और टोबैगो में एक सुदृढ़ सांस्कृतिक पहचान बनाए हुए हैं।
जयशंकर ने क्या कहा
जयशंकर ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर लिखा,