26 जून 2026
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जयशंकर ने जमैका के ओल्ड हार्बर का दौरा किया, 180 साल पुराने भारतीय प्रवासी इतिहास से हुए रूबरू

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जयशंकर ने जमैका के ओल्ड हार्बर का दौरा किया, 180 साल पुराने भारतीय प्रवासी इतिहास से हुए रूबरू

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर का जमैका के ओल्ड हार्बर दौरा महज एक कूटनीतिक पड़ाव नहीं — यह 180 साल पुराने उस दर्दनाक और गौरवशाली इतिहास से साक्षात्कार था जब भारतीय गिरमिटिया मजदूर कैरेबियाई तटों पर पहुँचे थे। 2 से 10 मई की इस तीन-देशीय यात्रा में भारत अपने प्रवासी समुदायों से रिश्ता और कैरेबियाई देशों से द्विपक्षीय संबंध दोनों एक साथ मजबूत कर रहा है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 3 मई 2026 को जमैका के ओल्ड हार्बर का दौरा किया, जो भारतीय गिरमिटिया इतिहास से जुड़ा प्रतीक स्थल है।
ओल्ड हार्बर वह स्थान है जहाँ 180 वर्ष से भी अधिक पहले पहले भारतीय जमैका पहुँचे थे।
जयशंकर 2 से 10 मई 2026 तक जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद एवं टोबैगो की आधिकारिक यात्रा पर हैं।
इस दौरे में तीनों देशों के नेताओं एवं समकक्ष मंत्रियों से द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी।
जमैका के पर्यटन मंत्री एडमंड बार्टलेट और मंत्री ओलिविया

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने कैरेबियाई दौरे के अंतर्गत 3 मई 2026 को जमैका के ऐतिहासिक स्थल ओल्ड हार्बर का दौरा किया — वह स्थान जहाँ 180 वर्ष से भी अधिक पहले पहले भारतीय श्रमिक जमैका की धरती पर पहुँचे थे। इस यात्रा के दौरान उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की और उनकी सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं तथा पहचान को सहेजने के प्रयासों की सराहना की।

ओल्ड हार्बर का ऐतिहासिक महत्व

ओल्ड हार्बर जमैका में भारतीय गिरमिटिया मजदूरों के आगमन का प्रतीक स्थल है। 19वीं सदी के मध्य और अंत में ब्रिटिश औपनिवेशिक काल के दौरान हजारों भारतीय मजदूरों को 'एग्रीमेंट' — जिसे स्थानीय उच्चारण में 'गिरमिट' कहा जाता था — के तहत काम के लिए कैरेबियाई देशों में भेजा गया था। इन्हें ही गिरमिटिया कहा जाता है। इनमें से अनेक लोग बाद में वहीं बस गए और आज उनके वंशज जमैका, सूरीनाम तथा त्रिनिदाद और टोबैगो में एक सुदृढ़ सांस्कृतिक पहचान बनाए हुए हैं।

जयशंकर ने क्या कहा

जयशंकर ने अपने आधिकारिक 'एक्स' अकाउंट पर लिखा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा व्यापार, दक्षिण-दक्षिण सहयोग और CARICOM के साथ ठोस समझौतों में होगी। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक दक्षिण में अपनी नेतृत्व भूमिका को विस्तार दे रहा है — कैरेबियाई देशों तक पहुँच इसी बड़ी कूटनीतिक पुनर्संतुलन की कड़ी है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एस. जयशंकर की जमैका यात्रा का उद्देश्य क्या है?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर 2 से 10 मई 2026 तक जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद एवं टोबैगो की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरे का उद्देश्य इन देशों के नेताओं से मिलना, द्विपक्षीय संबंध मजबूत करना और भारतीय प्रवासी समुदाय से संवाद स्थापित करना है।
ओल्ड हार्बर, जमैका का भारत से क्या संबंध है?
ओल्ड हार्बर वह ऐतिहासिक स्थल है जहाँ 180 वर्ष से भी अधिक पहले पहले भारतीय गिरमिटिया मजदूर जमैका पहुँचे थे। यह स्थान भारत-जमैका के साझा इतिहास और प्रवासी विरासत का प्रतीक है।
गिरमिटिया समुदाय कौन थे?
गिरमिटिया वे भारतीय मजदूर थे जो 19वीं सदी के मध्य और अंत में ब्रिटिश औपनिवेशिक काल में 'एग्रीमेंट' (जिसे 'गिरमिट' कहा जाता था) के तहत कैरेबियाई और अन्य देशों में काम करने गए थे। इनमें से अनेक बाद में वहीं स्थायी रूप से बस गए।
जयशंकर ने जमैका में किन अधिकारियों से मुलाकात की?
विदेश मंत्री जयशंकर ने जमैका के पर्यटन मंत्री एडमंड बार्टलेट और मंत्री ओलिविया 'बब्सी' ग्रेंज से मुलाकात की तथा उनका धन्यवाद किया। उन्होंने भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की।
इस कैरेबियाई दौरे से भारत को क्या लाभ होगा?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत और कैरेबियाई देशों के बीच राजनीतिक संबंधों को मजबूत करेगी, दीर्घकालिक मैत्री संबंधों को आगे बढ़ाएगी और दक्षिण-दक्षिण सहयोग तथा विकास को बढ़ावा देगी।
राष्ट्र प्रेस
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