इल्तिजा मुफ्ती ने की उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की तारीफ, J&K में नशे के खिलाफ व्यापक पुनर्वास की माँग

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इल्तिजा मुफ्ती ने की उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की तारीफ, J&K में नशे के खिलाफ व्यापक पुनर्वास की माँग

सारांश

इल्तिजा मुफ्ती ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नशा-विरोधी अभियान की तारीफ की, लेकिन साथ ही व्यापक पुनर्वास कार्यक्रम और शराब की लत के खिलाफ भी कार्रवाई की माँग रखी। श्रीनगर के TRC स्टेडियम से हज़ारों लोगों ने नार्को-टेररिज्म के खिलाफ संकल्प लिया।

Key Takeaways

इल्तिजा मुफ्ती ने एक्स (X) पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नशा-विरोधी अभियान की सराहना की। उन्होंने सरकार से व्यापक पुनर्वास कार्यक्रम शुरू करने की माँग की। इल्तिजा ने अभियान को शराब की लत के खिलाफ भी विस्तारित करने का आग्रह किया। उपराज्यपाल ने श्रीनगर के TRC स्टेडियम से हज़ारों लोगों के साथ नशे के खिलाफ मार्च का नेतृत्व किया। सिन्हा ने इसे प्रशासन की नहीं, बल्कि जनता के सामूहिक संकल्प की अभिव्यक्ति बताया।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में नशे की बढ़ती समस्या पर गहरी चिंता जताते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नशा-विरोधी अभियान की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि नशे की लत ने घाटी में अनगिनत परिवारों को तबाह कर दिया है और यह संकट समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है।

इल्तिजा ने सोशल मीडिया पर क्या कहा

इल्तिजा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के उन प्रयासों की सराहना की, जो नशे की लत और इससे जुड़ी नार्को इकोनॉमी पर लगाम लगाने के लिए किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ चल रही यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन इसके साथ-साथ सरकार को एक व्यापक पुनर्वास कार्यक्रम भी शुरू करना चाहिए।

उनका कहना था कि जो लोग नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं, उनके इलाज और पुनर्वास की ज़िम्मेदारी भी प्रशासन की है। इल्तिजा ने यह भी माँग की कि यह अभियान केवल ड्रग्स तक सीमित न रहे, बल्कि इसे शराब की लत के खिलाफ भी विस्तारित किया जाए, ताकि समाज को इस समस्या से व्यापक राहत मिल सके।

उपराज्यपाल का जनसंदेश और TRC मार्च

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के टीआरसी (TRC) स्टेडियम से नशे के खिलाफ एक बड़ा जनसंदेश दिया। उन्होंने बताया कि घाटी में हज़ारों लोगों ने एकजुट होकर मार्च निकाला और नशे की लत तथा नार्को-टेररिज्म को हराने का संकल्प लिया। उनके अनुसार यह जनआंदोलन इस उम्मीद को मज़बूत करता है कि जम्मू-कश्मीर को नशे की गिरफ्त से मुक्त किया जा सकता है।

उपराज्यपाल की भावनात्मक अपील

सिन्हा ने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल सड़कों पर नहीं, बल्कि घर-घर में लड़ी जा रही है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा,

Point of View

क्योंकि PDP और केंद्र प्रशासित प्रशासन के बीच अक्सर तनाव रहा है। यह संकेत देता है कि नशे की समस्या इतनी गहरी हो चुकी है कि राजनीतिक विभाजन से ऊपर उठकर सहमति बन रही है। हालाँकि, पुनर्वास कार्यक्रम की माँग यह भी दर्शाती है कि केवल कार्रवाई से समस्या हल नहीं होगी — जब तक नशे के शिकार लोगों के इलाज की ठोस व्यवस्था नहीं होगी, तब तक यह अभियान अधूरा रहेगा। जम्मू-कश्मीर में नार्को-टेररिज्म का आयाम इस मुद्दे को और जटिल बनाता है, जिसके लिए सुरक्षा और सामाजिक नीति दोनों स्तरों पर समन्वित प्रयास ज़रूरी हैं।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

इल्तिजा मुफ्ती ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की तारीफ क्यों की?
इल्तिजा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में नशे की बढ़ती समस्या और नार्को इकोनॉमी पर लगाम लगाने के प्रयासों के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह बात कही।
इल्तिजा मुफ्ती ने सरकार से क्या माँग की?
उन्होंने सरकार से एक व्यापक पुनर्वास कार्यक्रम शुरू करने की माँग की, ताकि नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों का इलाज और पुनर्वास हो सके। साथ ही उन्होंने यह अभियान शराब की लत के खिलाफ भी विस्तारित करने का आग्रह किया।
TRC स्टेडियम श्रीनगर में क्या हुआ?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के TRC स्टेडियम से नशे के खिलाफ एक बड़ा जनसंदेश दिया, जहाँ हज़ारों लोगों ने एकजुट होकर मार्च निकाला और नार्को-टेररिज्म को हराने का संकल्प लिया।
जम्मू-कश्मीर में नशे की समस्या कितनी गंभीर है?
इल्तिजा मुफ्ती के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में नशे की बढ़ती समस्या ने लोगों की जिंदगी तबाह कर दी है और कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं। नार्को-टेररिज्म का आयाम इस संकट को और गंभीर बनाता है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नशे के खिलाफ क्या कहा?
उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि नशे को जड़ से खत्म करने का संकल्प केवल प्रशासन की घोषणा नहीं, बल्कि जनता का सामूहिक संकल्प है। उन्होंने इसे उन माताओं और पिताओं की पुकार बताया जिन्होंने अपने बच्चों को नशे में बर्बाद होते देखा है।
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