UNSC में भारत की 2028-29 उम्मीदवारी को कैरीकॉम का समर्थन, न्यूयॉर्क में जयशंकर की अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 24 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में कैरीकॉम देशों के अपने समकक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें कैरीकॉम समूह ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत की उम्मीदवारी को औपचारिक समर्थन देने की घोषणा की। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान हुई, जो वैश्विक कूटनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
बैठक की पृष्ठभूमि और नेतृत्व
इस भारत-कैरीकॉम विदेश मंत्रियों की बैठक की संयुक्त अध्यक्षता डॉ. एस. जयशंकर और सूरीनाम के विदेश मामलों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सहयोग मंत्री मेल्विन डब्ल्यू. जे. बौवा ने की। यह बैठक नवंबर 2024 में गुयाना में आयोजित दूसरी भारत-कैरीकॉम शिखर बैठक के बाद की कड़ी के रूप में हुई, जिसकी सह-अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैरीकॉम देशों के नेताओं ने की थी।
गौरतलब है कि यह बैठक भारत और कैरीबियाई देशों के बीच नियमित उच्च-स्तरीय संवाद की उस परंपरा को आगे बढ़ाती है, जो हाल के वर्षों में काफी मज़बूत हुई है।
कौन-कौन हुए शामिल
बैठक में बारबाडोस, डोमिनिका, बहामास, गुयाना, जमैका, सेंट विंसेंट एंड द ग्रेनेडाइंस, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, सूरीनाम, हैती, सेंट लूसिया, सेंट किट्स एंड नेविस और एंटीगुआ एंड बारबुडा के विदेश मंत्री शामिल हुए। ग्रेनेडा के वित्त मंत्री, बेलीज के विदेश मंत्रालय के सीईओ और कैरीकॉम की महासचिव डॉ. कार्ला नताली बार्नेट भी इस बैठक में उपस्थित रहीं।
UNSC उम्मीदवारी और जयशंकर का आभार
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह रहा कि कैरीकॉम सह-अध्यक्ष ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि समूह ने UNSC में 2028-29 के कार्यकाल के लिए भारत की अस्थायी सीट की उम्मीदवारी का समर्थन करने का निर्णय लिया है। विदेश मंत्री जयशंकर ने इस विश्वास और समर्थन के लिए कैरीकॉम के सभी सदस्य देशों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत ग्लोबल साउथ की एक सशक्त आवाज़ बना रहेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी बहुपक्षीय कूटनीति को नई ऊँचाई देने में जुटा है और UNSC में स्थायी सीट की माँग को व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की दिशा में काम कर रहा है।
द्विपक्षीय सहयोग के अहम क्षेत्र
बैठक में दोनों पक्षों ने परस्पर बढ़ते सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। चर्चा के प्रमुख क्षेत्रों में राजनीतिक संपर्क, व्यापार और निवेश, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, जलवायु परिवर्तन के प्रति अनुकूलन क्षमता और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग शामिल रहे। कैरीकॉम नेताओं ने क्षेत्र में भारत की विकास साझेदारी की सराहना की और ग्लोबल साउथ के देशों के बीच आपसी सहयोग को प्रोत्साहित करने में भारत की भूमिका को अहम बताया।
वैश्विक मुद्दों पर साझा रुख
दोनों पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलकर काम करने पर सहमत हुए। इसमें संयुक्त राष्ट्र में सुधार, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला, आतंकवाद के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई और सीमा-पार अपराधों से निपटने जैसे वैश्विक मुद्दे शामिल थे। यह बैठक इस बात की पुष्टि करती है कि भारत और कैरीकॉम देश न केवल द्विपक्षीय, बल्कि बहुपक्षीय स्तर पर भी अपनी साझेदारी को और गहरा करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। आने वाले महीनों में दोनों पक्षों के बीच और ठोस पहलों की उम्मीद की जा सकती है।