23 जुलाई 2026
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जयशंकर की मनीला में व्यापक कूटनीति: श्रीलंका, बांग्लादेश, EU और क्वाड समकक्षों से मुलाकात

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जयशंकर की मनीला में व्यापक कूटनीति: श्रीलंका, बांग्लादेश, EU और क्वाड समकक्षों से मुलाकात

सारांश

मनीला में आसियान समिट के इतर विदेश मंत्री जयशंकर ने एक ही दौरे में श्रीलंका, बांग्लादेश, EU, अमेरिका, रूस, चीन समेत एक दर्जन से अधिक देशों के समकक्षों से मुलाकात की — और क्वाड बैठक में हिंद-प्रशांत की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। यह भारत की बहुआयामी कूटनीति का जीवंत प्रदर्शन है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 22-23 जुलाई 2026 को मनीला, फिलीपींस में आसियान फ्रेमवर्क की बैठकों में भाग लिया।
ARF बैठक के दौरान श्रीलंका के विजिथा हेराथ और बांग्लादेश के खलीलुर रहमान से द्विपक्षीय मुलाकात हुई।
EU की उच्च प्रतिनिधि काजा कैलास से भी अलग बैठक की।
क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिंद-प्रशांत की समीक्षा और नई दिल्ली बैठक के नतीजों पर फॉलोअप हुआ।
अमेरिका ( मार्को रुबियो ), रूस ( सर्गेई लावरोव ), चीन ( वांग यी ) समेत 10 से अधिक देशों के समकक्षों से द्विपक्षीय बातचीत।
2026 को आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष घोषित किया गया है।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 22-23 जुलाई 2026 को मनीला, फिलीपींस में आसियान फ्रेमवर्क की बैठकों के दौरान एक सघन कूटनीतिक अभियान चलाया। उन्होंने यूरोपीय संघ (EU) की उच्च प्रतिनिधि एवं उपाध्यक्ष काजा कैलास, श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ और बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत आसियान के साथ गहरे होते जुड़ाव का प्रतीक है।

आसियान बैठकों में भागीदारी

डॉ. जयशंकर ने मनीला में आसियान-इंडिया, ईस्ट एशिया समिट (EAS) और आसियान रीजनल फोरम (ARF) की विदेश मंत्री स्तरीय बैठकों में हिस्सा लिया। उन्होंने ARF बैठक के इतर श्रीलंकाई और बांग्लादेशी समकक्षों से मुलाकात की और तस्वीरें साझा करते हुए एक्स पर लिखा, 'एआरएफ मीटिंग के दौरान श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ और बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से मिलकर खुशी हुई।' गौरतलब है कि 2026 को आसियान-भारत समुद्री सहयोग का वर्ष घोषित किया गया है, जिससे इन बैठकों का महत्व और बढ़ जाता है।

क्वाड और प्रमुख वैश्विक नेताओं से संवाद

जयशंकर ने मनीला में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भाग लिया। एक्स पर अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'हिंद-प्रशांत माहौल की समीक्षा और हाल के विकास पर चर्चा हुई। नई दिल्ली में हुई पिछली मीटिंग के नतीजों पर फॉलोअप किया। आसियान सेंट्रलिटी को पहचानते हुए एक आज़ाद और खुले हिंद-प्रशांत के लिए प्रतिबद्ध।' इसके अलावा उन्होंने EU की काजा कैलास से भी मुलाकात की और उसे 'अच्छा' बताया।

द्विपक्षीय बैठकों की विस्तृत श्रृंखला

आसियान बैठकों से इतर, विदेश मंत्री ने अनेक देशों के अपने समकक्षों से अलग-अलग द्विपक्षीय बातचीत की। इनमें फिलीपींस की विदेश मंत्री मा. थेरेसा पी. लाजारो, ऑस्ट्रेलिया की सीनेटर पेनी वोंग, चीन के वांग यी, अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो, रूस के सर्गेई लावरोव, सिंगापुर के विवियान बालाकृष्णन, कनाडा की अनिता आनंद, थाईलैंड के सिहासक फुआंगकेटकेओ, न्यूजीलैंड के विंस्टन पीटर्स और आसियान के महासचिव डॉ. काओ किम होर्न शामिल रहे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को व्यापक रूप से सुदृढ़ कर रहा है।

एक्ट ईस्ट पॉलिसी का विस्तार

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह दौरा एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत आसियान के साथ भारत के गहरे होते जुड़ाव को रेखांकित करता है और आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आने वाले हफ्तों में इन द्विपक्षीय बैठकों के परिणाम और ठोस समझौतों की रूपरेखा सामने आने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

रूस, चीन, EU और पड़ोसी देशों के साथ एक साथ बैठकें करना भारत की 'सबके साथ, सबके हित' वाली बहुध्रुवीय कूटनीति की व्यावहारिक अभिव्यक्ति है। यह ऐसे समय में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जब हिंद-प्रशांत में शक्ति-संतुलन तेज़ी से बदल रहा है और आसियान देश बड़ी शक्तियों के बीच अपनी केंद्रीयता बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हालाँकि, इन बैठकों के ठोस परिणाम — खासकर बांग्लादेश और श्रीलंका के साथ — अभी सामने नहीं आए हैं, जो असली कसौटी होगी। समुद्री सहयोग वर्ष की घोषणा प्रतीकात्मक रूप से सशक्त है, लेकिन बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर में ठोस परियोजनाओं के बिना यह महज़ एक कूटनीतिक लेबल बनकर रह सकती है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर मनीला में किन बैठकों में शामिल हुए?
डॉ. जयशंकर ने 22-23 जुलाई 2026 को मनीला में आसियान-इंडिया, ईस्ट एशिया समिट (EAS) और आसियान रीजनल फोरम (ARF) की विदेश मंत्री स्तरीय बैठकों में भाग लिया। इसके अलावा उन्होंने क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लिया।
जयशंकर ने श्रीलंका और बांग्लादेश के समकक्षों से किस संदर्भ में मुलाकात की?
ARF बैठक के दौरान जयशंकर ने श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ और बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से द्विपक्षीय बातचीत की। यह पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को मज़बूत करने की भारत की नीति का हिस्सा है।
क्वाड बैठक में क्या चर्चा हुई?
मनीला में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई और नई दिल्ली में हुई पिछली बैठक के नतीजों पर फॉलोअप हुआ। जयशंकर ने आसियान की केंद्रीयता को स्वीकार करते हुए एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
इस दौरे का भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी से क्या संबंध है?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत आसियान के साथ भारत के गहरे होते जुड़ाव को दर्शाता है। 2026 को आसियान-भारत समुद्री सहयोग का वर्ष घोषित किया गया है, जिससे इस दौरे का रणनीतिक महत्व और बढ़ जाता है।
मनीला में जयशंकर ने कितने देशों के समकक्षों से मुलाकात की?
आसियान बैठकों के इतर जयशंकर ने फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया, चीन, अमेरिका, रूस, सिंगापुर, कनाडा, थाईलैंड, न्यूजीलैंड और आसियान महासचिव समेत 10 से अधिक देशों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों से अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें कीं।
राष्ट्र प्रेस
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