22 जुलाई 2026
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क्वाड विदेश मंत्रियों की मनीला बैठक: मुक्त हिंद-प्रशांत पर सहमति, आसियान साझेदारी और मजबूत होगी

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क्वाड विदेश मंत्रियों की मनीला बैठक: मुक्त हिंद-प्रशांत पर सहमति, आसियान साझेदारी और मजबूत होगी

सारांश

मनीला में क्वाड की यह बैठक महज़ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं थी — यह हिंद-प्रशांत में बहुपक्षीय ढाँचे को ज़मीन पर उतारने की कोशिश थी। जयशंकर, रूबियो, वोंग और मोतेगी की एकजुटता ने स्पष्ट संदेश दिया कि क्वाड आसियान को दरकिनार नहीं, बल्कि उसके साथ मिलकर क्षेत्रीय स्थिरता बनाना चाहता है।

मुख्य बातें

भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों ने 22 जुलाई को मनीला में क्वाड बैठक की।
मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
आसियान आउटलुक ऑन द इंडो-पैसिफिक (AOIP) के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर सहमति बनी।
समुद्री सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियाँ और मानवीय सहायता साझा प्राथमिकता वाले क्षेत्र घोषित।
जयशंकर ने एक्स पर बैठक के विवरण साझा किए और आसियान की केंद्रीय भूमिका को स्वीकार किया।

मनीला में 22 जुलाई को आसियान शिखर बैठक के समानांतर क्वाड के चारों विदेश मंत्रियों ने एक अहम बैठक की और मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए संयुक्त बयान जारी किया। भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने आसियान की एकता और केंद्रीय भूमिका के प्रति अपना अटूट समर्थन स्पष्ट किया।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुए

यह संयुक्त बयान भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो की ओर से जारी किया गया। चारों नेताओं ने बुधवार को मनीला में मिलकर क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्य घटनाक्रम और साझा प्राथमिकताएँ

विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा साझा किए गए संयुक्त बयान के अनुसार, क्वाड देशों ने आसियान आउटलुक ऑन द इंडो-पैसिफिक (AOIP) के व्यावहारिक क्रियान्वयन को मजबूत बनाने पर सहमति जताई। इसमें समुद्री एवं अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ, तथा मानवीय सहायता एवं आपदा प्रतिक्रिया जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

बयान में स्पष्ट किया गया कि हिंद-प्रशांत के समुद्री क्षेत्र में शांति और स्थिरता ही पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और समृद्धि की आधारशिला है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण चीन सागर में तनाव और क्षेत्रीय शक्ति-संतुलन पर वैश्विक ध्यान केंद्रित है।

जयशंकर का एक्स पर संदेश

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मनीला में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होकर खुशी हुई।' उन्होंने आगे लिखा कि बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई और हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा हुई। साथ ही, नई दिल्ली में हाल ही में हुई क्वाड बैठक के निर्णयों और उनके क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।

जयशंकर ने कहा कि क्वाड ने आसियान की केंद्रीय भूमिका को स्वीकार करते हुए मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पुनः दोहराई।

आसियान साझेदारी का महत्व

गौरतलब है कि क्वाड देश आसियान के व्यापक रणनीतिक साझेदार हैं। चारों देशों ने आसियान और उसके सदस्य देशों के साथ सहयोग को और सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता जताई। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज़ हो रही है और बहुपक्षीय सहयोग की ज़रूरत पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।

आगे की राह

इस बैठक के बाद क्वाड की साझा कार्ययोजना के क्रियान्वयन पर ज़ोर दिए जाने की उम्मीद है। नई दिल्ली में हुई पिछली क्वाड बैठक के निर्णयों की समीक्षा यह संकेत देती है कि चारों देश अपनी प्रतिबद्धताओं को ठोस रूप देने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। आने वाले महीनों में AOIP के तहत साझा परियोजनाओं पर अमल तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी AOIP के क्रियान्वयन में होगी — जो अब तक मुख्यतः घोषणाओं तक सीमित रहा है। आसियान की 'केंद्रीय भूमिका' को स्वीकार करना रणनीतिक चतुराई है, क्योंकि कई आसियान सदस्य चीन के साथ आर्थिक संबंधों के कारण क्वाड से सावधान दूरी बनाए रखते हैं। जयशंकर की मनीला उपस्थिति भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति की निरंतरता दिखाती है, पर सवाल यह है कि साझा प्राथमिकताओं के ये वादे ठोस परियोजनाओं में कब तब्दील होंगे।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्वाड की मनीला बैठक में क्या तय हुआ?
22 जुलाई को मनीला में हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मजबूत बनाने और आसियान की केंद्रीय भूमिका के प्रति समर्थन की पुष्टि की गई। चारों देशों ने AOIP के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर सहमति जताई।
क्वाड में कौन से देश शामिल हैं?
क्वाड में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं। इस बैठक में क्रमशः विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, मार्को रूबियो, पेनी वोंग और तोशिमित्सु मोतेगी ने भाग लिया।
AOIP क्या है और इसका क्वाड से क्या संबंध है?
AOIP यानी आसियान आउटलुक ऑन द इंडो-पैसिफिक, आसियान का वह ढाँचा है जो हिंद-प्रशांत में सहयोग, समावेश और स्थिरता को परिभाषित करता है। क्वाड ने इस बैठक में AOIP के व्यावहारिक क्रियान्वयन को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई, जो आसियान को केंद्र में रखकर क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने की रणनीति है।
जयशंकर ने मनीला बैठक में किन मुद्दों पर बात की?
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, हालिया घटनाक्रम और नई दिल्ली में हुई पिछली क्वाड बैठक के निर्णयों के क्रियान्वयन पर चर्चा की। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर आसियान की केंद्रीय भूमिका और मुक्त हिंद-प्रशांत के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।
क्वाड और आसियान के बीच साझेदारी क्यों महत्वपूर्ण है?
क्वाड देश आसियान के व्यापक रणनीतिक साझेदार हैं और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति व स्थिरता के लिए दोनों का सहयोग अहम माना जाता है। समुद्री सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में साझा काम से क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
राष्ट्र प्रेस
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