क्वाड विदेश मंत्रियों की नई दिल्ली बैठक: जयशंकर, रुबियो, वोंग और मोतेगी इंडो-पैसिफिक एजेंडे पर
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 27 मई 2025 को नई दिल्ली में क्वाड (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल हुए। यह बैठक 1 जुलाई 2025 को वाशिंगटन डीसी में हुई चर्चाओं की अगली कड़ी है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच हो रही है।
बैठक का एजेंडा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को और मज़बूत करने पर केंद्रित चर्चा हुई। एजेंडे में समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, नई तकनीक, सप्लाई चेन को सुदृढ़ बनाना, जलवायु कार्रवाई, बुनियादी ढाँचा विकास, मानवीय सहायता और आपदा राहत शामिल रहे। इसके अलावा पश्चिम एशिया और यूक्रेन की स्थिति जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
आधिकारिक बयान में कहा गया कि 'फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक' के क्वाड विजन के तहत चारों मंत्री प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और चल रही पहलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। रिपोर्टों के अनुसार, क्वाड देश आर्थिक सुरक्षा और तकनीकी साझेदारी को मज़बूत करने के लिए कुछ नए कदमों की घोषणा कर सकते हैं।
भारत-जापान द्विपक्षीय बैठक
क्वाड बैठक से एक दिन पहले, 26 मई 2025 को, विदेश मंत्री जयशंकर ने जापान के विदेश मंत्री मोतेगी से द्विपक्षीय मुलाकात की। इस बैठक में जयशंकर ने कहा, 'भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है। हमारे संबंधों का बड़ा महत्व और व्यापक प्रभाव है। इसका एक उदाहरण मंगलवार को होने वाली क्वाड बैठक होगी, जहाँ हम फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।' नई दिल्ली दौरे के दौरान जापान के विदेश मंत्री मोतेगी सहित अन्य मंत्रियों के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की भी संभावना बताई गई।
अमेरिका-भारत रणनीतिक एकजुटता
बैठक से पहले रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर रणनीतिक रूप से एकजुट हैं — इनमें महत्वपूर्ण खनिज, सप्लाई चेन और आतंकवाद शामिल हैं। उन्होंने भारत को अमेरिका का 'दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारों में से एक' बताया।
विदेश मंत्री जयशंकर के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में रुबियो ने कहा, 'मुझे अमेरिका की जनता को हर फैसले का कारण बताना पड़ता है कि वह हमारे देश के लिए क्यों अच्छा है... इसी तरह भारत में भी नेताओं को जनता को बताना पड़ता है कि अमेरिका के साथ साझेदारी या किसी भी मुद्दे पर उनका रुख देश के हित में क्यों है।' उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों ने वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क के कारण नुकसान झेला है और दोनों लोकतांत्रिक देश होने के नाते पारदर्शिता के महत्व को समझते हैं।
व्यापक संदर्भ और महत्व
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की भू-राजनीतिक स्थिति लगातार बदल रही है। गौरतलब है कि क्वाड — जिसमें भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं — पिछले कुछ वर्षों में एक अनौपचारिक संवाद मंच से एक सक्रिय नीति-निर्माण मंच के रूप में विकसित हुआ है। चारों सदस्य देश साझा क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
आने वाले समय में द्विपक्षीय बैठकों और संभावित संयुक्त घोषणाओं से यह स्पष्ट होगा कि क्वाड की साझेदारी किस दिशा में आगे बढ़ती है।