क्वाड विदेश मंत्री बैठक 26 मई को नई दिल्ली में: जापान के मोटेगी, रुबियो, जयशंकर और पेनी वोंग होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी 24 से 27 मई तक नई दिल्ली के दौरे पर रहेंगे और 26 मई को आयोजित होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। जापानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी शामिल होंगे। चीन के बढ़ते सैन्य और आर्थिक प्रभाव की पृष्ठभूमि में यह बैठक विशेष महत्व रखती है।
बैठक का एजेंडा और प्रमुख मुद्दे
सूत्रों के अनुसार, 26 मई की क्वाड बैठक में चारों देशों के विदेश मंत्री जरूरी खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर सहयोग की पुष्टि करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब चीन ने दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर नियंत्रण कड़ा किया है, जो वैश्विक तकनीकी और रक्षा उद्योगों के लिए अनिवार्य हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री मुद्दे और नई प्रौद्योगिकी में सहयोग भी एजेंडे में शामिल होने की उम्मीद है।
रुबियो का पहला भारत दौरा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 23 मई को भारत पहुँचेंगे — यह उनका पहला आधिकारिक भारत दौरा है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पुष्टि की कि रुबियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। रुबियो की यात्रा 23 से 26 मई तक रहेगी, जिसमें वे कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली का दौरा करेंगे।
अमेरिकी राज्य विभाग के अनुसार, रुबियो भारतीय अधिकारियों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और रक्षा सहयोग पर चर्चा करेंगे। भारत दौरे से पहले रुबियो 22 मई को हेलसिंगबोर्ग, स्वीडन में नाटो विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे, जहाँ रक्षा निवेश बढ़ाने और बोझ के न्यायसंगत वितरण पर विचार होगा।
स्वीडन में रुबियो का कार्यक्रम
अमेरिकी राज्य विभाग के बयान के अनुसार, रुबियो हेलसिंगबोर्ग में आर्कटिक सात देशों के अपने समकक्षों से मिलकर आर्कटिक क्षेत्र में साझा आर्थिक और सुरक्षा हितों पर चर्चा करेंगे। वे स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन और नाटो महासचिव मार्क रूट के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
राजदूत गोर की प्रतिक्रिया और भारत-अमेरिका संबंध
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "अपने अच्छे दोस्त सचिव रुबियो का भारत में स्वागत करने का इंतजार है। अमेरिका भारत के साथ हमारी बढ़ती साझेदारी को बहुत महत्व देता है और हम और भी मजबूत संबंध बनाने के लिए उत्साहित हैं, जिससे हमारे देशों और दुनिया दोनों को फायदा होगा।" रुबियो ने स्वयं भारत रवाना होने से पहले कहा, "मुझे उम्मीद है कि सब ठीक रहेगा। हम (भारत के लिए) निकलने वाले हैं।"
गौरतलब है कि यह यात्रा हिंद-प्रशांत और मध्य-पूर्व में बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच हो रही है। वाशिंगटन और नई दिल्ली दोनों क्वाड गठबंधन को और सुदृढ़ करने के साथ-साथ द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को नई गहराई देने के इच्छुक हैं।
क्वाड की बढ़ती प्रासंगिकता
क्वाड — जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं — पिछले कुछ वर्षों में एक अनौपचारिक संवाद मंच से एक सक्रिय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग ढाँचे में परिवर्तित हो चुका है। 26 मई की यह बैठक इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।