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क्या विदेश मंत्री एस जयशंकर आज मार्को रुबियो से मुलाकात करेंगे?

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क्या विदेश मंत्री एस जयशंकर आज मार्को रुबियो से मुलाकात करेंगे?

सारांश

क्या आज विदेश मंत्री एस. जयशंकर और मारको रुबियो के बीच महत्वपूर्ण मुलाकात होगी? दोनों देशों के बीच हाल के विवादों को सुलझाने के लिए यह बैठक बेहद अहम है। जानें इस मुलाकात के पीछे की मुख्य बातें और क्या हो सकता है इसके परिणाम।

मुख्य बातें

एस. जयशंकर और मारको रुबियो के बीच मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में प्रयास 50 प्रतिशत टैरिफ का प्रभाव एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ने से चिंताएँ व्यापार वार्ता में पीयूष गोयल की उपस्थिति

न्यूयॉर्क, 22 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर सोमवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) सत्र से इतर यूएस सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मारको रुबियो से मुलाकात करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह बातचीत द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच आए मतभेदों को सुलझाने के लिए होगी।

जयशंकर और रुबियो के बीच यह इस वर्ष की तीसरी मुलाकात है। उनकी पिछली बातचीत 1 जुलाई को वाशिंगटन में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई थी। इससे पहले, जनवरी में जयशंकर ने रुबियो से उनके पदभार ग्रहण करने के कुछ दिन बाद मुलाकात की थी।

भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने से नाराज अमेरिका ने भारी व्यापार शुल्क लगा दिया है, और तभी से दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। यह पहली मुलाकात है जब विवाद शुरू होने के बाद जयशंकर और मार्को रुबियो आमने-सामने होंगे।

अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जो कि 27 अगस्त से लागू हो गया है।

यह बैठक उस समय हो रही है जब वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल वाशिंगटन में व्यापार वार्ता के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।

जयशंकर की रुबियो के साथ होने वाली यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर ट्रंप प्रशासन के हालिया निर्णय के संदर्भ में, जिसमें एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

ट्रंप के आदेश ने एच-1बी वीजा के लिए आवेदन शुल्क को 100,000 डॉलर तक बढ़ा दिया है, जिससे टेक इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया है और इस वीजा प्रोग्राम पर निर्भर कर्मचारियों में अनिश्चितता उत्पन्न हो गई है।

हालांकि, समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में व्हाइट हाउस ने कहा है कि यह एक बार की फीस है जो केवल नए वीजा पर लागू होती है, न कि वीजा नवीनीकरण या मौजूदा वीजा धारकों पर।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी एक्स पर पोस्ट किया कि जिन लोगों के पास पहले से एच-1बी वीजा है और जो इस समय देश से बाहर हैं, उनसे दोबारा प्रवेश के लिए 100,000 डॉलर नहीं लिए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह बैठक भारत और अमेरिका के बीच संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों में सुधार और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। इस मुलाकात से हमें दोनों देशों के बीच वर्तमान तनाव को कम करने की उम्मीद है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयशंकर और मार्को रुबियो के बीच यह मुलाकात क्यों है?
यह मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और हाल के मतभेदों को सुलझाने के लिए है।
अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर कितना टैरिफ लगाया है?
अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है।
क्या एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाने से भारतीय कर्मचारियों पर असर पड़ेगा?
हाँ, एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ने से टेक इंडस्ट्री में अनिश्चितता पैदा हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
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