रूबियो की भारत यात्रा से पहले बोले — भारतीय साझेदारों संग मनाएंगे अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अपनी भारत यात्रा से पहले जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि वे भारतीय साझेदारों के साथ अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ मनाने को लेकर उत्साहित हैं। यह संदेश 20 मई को साझा किया गया, जबकि रूबियो की भारत यात्रा 23 से 26 मई के बीच निर्धारित है।
रूबियो का संदेश
वीडियो संदेश में रूबियो ने कहा, 'अमेरिका अपनी 250वीं वर्षगांठ मनाने की तैयारी कर रहा है और मैं इसे अपने भारतीय साझेदारों के साथ मनाने के लिए उत्सुक हूं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, और हम दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्रों में से हैं। इसलिए, हम इसे साथ में मनाने के लिए तत्पर हैं।' इस वीडियो को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए भारत में अमेरिकी दूतावास ने कहा, 'हम आपके साथ इस अवसर को मनाने के लिए उत्साहित हैं, सचिव!'
गौरतलब है कि अमेरिका 4 जुलाई को स्वतंत्रता घोषणा पत्र की 250वीं वर्षगांठ के रूप में यह अवसर मनाएगा।
यात्रा का कार्यक्रम
रूबियो की भारत यात्रा 23 से 26 मई तक निर्धारित है, जिसमें वे कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली का दौरा करेंगे। इससे पहले वे 22 मई को स्वीडन के हेलसिंबोर्ग में नाटो विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे।
एजेंडे पर प्रमुख मुद्दे
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टोमी पिगॉट ने बताया कि रूबियो वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और रक्षा सहयोग पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, रूबियो क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भाग लेंगे, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल होंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब हिंद-प्रशांत और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।
मोदी-ट्रंप वार्ता की पृष्ठभूमि
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच टेलीफोनिक बातचीत हुई थी। 14 अप्रैल को एक्स पर मोदी ने लिखा था, 'मेरे मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत हुई। हमने विभिन्न क्षेत्रों में हमारी द्विपक्षीय सहयोग में हासिल की गई प्रगति की समीक्षा की। हम अपने व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को सभी क्षेत्रों में और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' उन्होंने यह भी कहा था कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर चर्चा की।
आगे क्या
रूबियो की यह यात्रा भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने के लिहाज से अहम मानी जा रही है। क्वाड बैठक के नतीजे और द्विपक्षीय वार्ता के एजेंडे पर सभी की निगाहें टिकी होंगी।