6 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक 26 मई को नई दिल्ली में: जयशंकर के निमंत्रण पर रुबियो, वोंग और मोतेगी आएंगे भारत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक 26 मई को नई दिल्ली में: जयशंकर के निमंत्रण पर रुबियो, वोंग और मोतेगी आएंगे भारत

सारांश

26 मई 2026 को नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक होगी — रुबियो, वोंग और मोतेगी जयशंकर के निमंत्रण पर आएंगे। होर्मुज़ संकट और बदलती इंडो-पैसिफिक भू-राजनीति के बीच यह बैठक क्वाड को एक नई रणनीतिक धार देने का मौका है।

मुख्य बातें

26 मई 2026 को नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक होगी।
जयशंकर के निमंत्रण पर मार्को रुबियो (अमेरिका), पेनी वोंग (ऑस्ट्रेलिया) और तोशिमित्सु मोतेगी (जापान) भारत आएंगे।
बैठक में 1 जुलाई 2025 को वाशिंगटन डीसी में हुई क्वाड चर्चाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
तीनों विदेश मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
रुबियो ने भारत को 'महान सहयोगी' और 'महान साझेदार' बताते हुए ऊर्जा संबंधों के विस्तार की इच्छा जताई।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के निमंत्रण पर 26 मई 2026 को नई दिल्ली में 'क्वाड' विदेश मंत्रियों की अहम बैठक आयोजित होगी, जिसमें अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल होंगे। भारत की अध्यक्षता में हो रही यह बैठक हिंद-प्रशांत क्षेत्र की बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच क्वाड साझेदारी को नई मज़बूती देने का अवसर है।

बैठक का एजेंडा

विदेश मंत्रालय के अनुसार, चारों देशों के शीर्ष राजनयिक 1 जुलाई 2025 को वाशिंगटन डीसी में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाएंगे। बैठक में एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए क्वाड के साझा दृष्टिकोण के अनुरूप प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही हिंद-प्रशांत में हाल के घटनाक्रमों और आपसी चिंता के अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विमर्श होगा।

द्विपक्षीय बैठकें और PM मोदी से मुलाकात

अपनी नई दिल्ली यात्रा के दौरान रुबियो, वोंग और मोतेगी तीनों के विदेश मंत्री जयशंकर के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करने की संभावना है। इसके अलावा, तीनों विदेश मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे, जो इस यात्रा को महज़ बहुपक्षीय मंच से आगे ले जाती है।

रुबियो का भारत पर बयान

भारत यात्रा से पूर्व रुबियो ने कहा कि वाशिंगटन नई दिल्ली के साथ ऊर्जा संबंधों का विस्तार करना चाहता है और क्वाड के ज़रिए समन्वय को गहरा करना चाहता है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़ी वैश्विक आपूर्ति बाधाओं के संदर्भ में उन्होंने भारत को एक 'महान सहयोगी' और 'महान साझेदार' बताया — जो भारत-अमेरिका संबंधों की मौजूदा गर्मजोशी को रेखांकित करता है।

भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र की भू-राजनीतिक गतिशीलता तेज़ी से बदल रही है। गौरतलब है कि क्वाड — जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं — पिछले कुछ वर्षों में एक अनौपचारिक संवाद मंच से एक सक्रिय रणनीतिक साझेदारी में तब्दील हुआ है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह यात्रा क्वाड साझेदारों के बीच लगातार उच्च-स्तरीय जुड़ाव को दर्शाती है।

आगे क्या होगा

बैठक के बाद संयुक्त बयान या साझा एजेंडे की घोषणा की संभावना है। क्वाड की अगली शिखर-स्तरीय बैठक की रूपरेखा भी इस विदेश मंत्री-स्तरीय चर्चा में तय हो सकती है। भारत की अध्यक्षता में यह बैठक नई दिल्ली की इंडो-पैसिफिक कूटनीति में बढ़ती केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक अनिवार्य स्तंभ मान रहा है। लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्वाड की ये उच्च-स्तरीय बैठकें ठोस क्रियान्वयन में बदलती हैं या केवल साझा बयानों तक सीमित रहती हैं — क्योंकि अब तक की कई क्वाड पहलें घोषणाओं से आगे धीमी गति से बढ़ी हैं।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक 2026 कब और कहाँ होगी?
यह बैठक 26 मई 2026 को नई दिल्ली में होगी। भारत इस बैठक की अध्यक्षता करेगा और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर मेज़बान होंगे।
क्वाड बैठक में कौन-कौन से देशों के विदेश मंत्री शामिल होंगे?
बैठक में अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल होंगे। चारों देश मिलकर क्वाड समूह बनाते हैं।
इस क्वाड बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों, क्वाड की चल रही पहलों की प्रगति और आपसी चिंता के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। 1 जुलाई 2025 को वाशिंगटन डीसी में हुई चर्चाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
क्या विदेश मंत्री PM मोदी से भी मिलेंगे?
हाँ, नई दिल्ली प्रवास के दौरान तीनों विदेश मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा प्रत्येक मंत्री जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे।
रुबियो ने भारत के बारे में क्या कहा?
भारत यात्रा से पहले रुबियो ने भारत को 'महान सहयोगी' और 'महान साझेदार' बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ ऊर्जा संबंधों का विस्तार करना और क्वाड के ज़रिए समन्वय को गहरा करना चाहता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले