क्वाड विदेश मंत्री बैठक: रूबियो ने समुद्री सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और ऊर्जा पर नई पहलों का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने मंगलवार, 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की संयुक्त प्रेस वार्ता में समुद्री सुरक्षा, बंदरगाह ढाँचे, क्रिटिकल मिनरल्स और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की। रूबियो ने कहा कि क्वाड के चारों सदस्य देश — भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान — मिलकर दुनिया की लगभग एक-तिहाई जीडीपी और करीब दो अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
क्वाड की नई दिशा: बैठकों से ज़मीनी काम तक
रूबियो ने स्पष्ट किया कि 16 महीने पहले विदेश मंत्री का पदभार संभालने के बाद से सभी क्वाड देशों ने मिलकर तय किया था कि यह मंच केवल चर्चाओं तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा, "हम चाहते थे कि यह सिर्फ बैठकों तक सीमित न रहे, बल्कि एक ऐसा समूह बने, जो ज़मीन पर काम करे।" भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, ऑस्ट्रेलिया की पेनी वोंग और जापान के तकेशी मोटेगी के साथ संयुक्त प्रेस बयान में रूबियो ने इसे 'काम करने वाली साझेदारी' बताया।
यह ऐसे समय में आया है जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती समुद्री सक्रियता को लेकर चारों देशों के बीच रणनीतिक समन्वय को गहरा करने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं।
समुद्री सुरक्षा: दो बड़ी पहलें
रूबियो ने इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम सर्विलांस कोऑपरेशन पहल और इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस पहल के विस्तार की घोषणा की। पहली पहल के तहत क्वाड देश अपनी समुद्री निगरानी क्षमताओं का उपयोग करते हुए सूचनाएँ साझा करेंगे, जबकि दूसरी पहल के विस्तार से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के देशों को लगभग रियल-टाइम समुद्री जानकारी उपलब्ध होगी।
रूबियो ने यह भी बताया कि भारत अगले 'क्वाड एट सी' मिशन की मेज़बानी करेगा, जिसमें चारों देशों के कोस्ट गार्ड संयुक्त अभियान चलाएँगे। उन्होंने रेखांकित किया कि दुनिया का लगभग 60 प्रतिशत समुद्री व्यापार इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से होकर गुज़रता है, जो इस पहल की वैश्विक अहमियत को और बढ़ाता है।
बंदरगाह ढाँचा और क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क
बंदरगाह विकास के मोर्चे पर रूबियो ने बताया कि क्वाड देश फिजी के साथ मिलकर वहाँ के बंदरगाह ढाँचे को बेहतर बनाने की दिशा में काम करने की योजना बना रहे हैं। गौरतलब है कि प्रशांत द्वीपीय देशों में बुनियादी ढाँचे के विकास को लेकर क्वाड देशों और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में क्वाड क्रिटिकल मिनरल फ्रेमवर्क की घोषणा की गई। इसका उद्देश्य आर्थिक नीतियों और निवेश के ज़रिए महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत करना है। इस फ्रेमवर्क में खनन, प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।
ऊर्जा सुरक्षा: फ्यूल सिक्योरिटी फोरम की घोषणा
रूबियो ने इंडो-पैसिफिक ऊर्जा सुरक्षा पहल की भी घोषणा की, जिसका लक्ष्य क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता को सुदृढ़ करना है। उन्होंने बताया कि अमेरिका इस वर्ष के अंत में क्वाड देशों के लिए एक 'फ्यूल सिक्योरिटी फोरम' आयोजित करेगा। इस पहल के तहत तकनीक, नीति प्रबंधन, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार विश्लेषण और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ तलाशी जाएँगी।
रूबियो ने क्वाड को अमेरिका की वैश्विक रणनीति का एक अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि यह साझेदारी मज़बूत लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है और आर्थिक विकास सहित कई मुद्दों पर इन देशों की सोच समान है। आने वाले महीनों में इन पहलों के क्रियान्वयन की रूपरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद है।