11 जुलाई 2026
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चार दशक बाद भारतीय PM की न्यूज़ीलैंड यात्रा: JDU प्रवक्ता राजीव रंजन ने बताया ऐतिहासिक कदम

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चार दशक बाद भारतीय PM की न्यूज़ीलैंड यात्रा: JDU प्रवक्ता राजीव रंजन ने बताया ऐतिहासिक कदम

सारांश

चार दशकों के अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूज़ीलैंड यात्रा महज़ एक राजनयिक औपचारिकता नहीं — यह इंडो-पैसिफिक में भारत की बढ़ती रणनीतिक महत्वाकांक्षा का संकेत है। JDU प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने इसे व्यापार, रणनीति और आर्थिक सहयोग के नए द्वार खोलने वाला कदम बताया।

मुख्य बातें

JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने 11 जुलाई 2025 को पटना में PM मोदी की न्यूज़ीलैंड यात्रा को ऐतिहासिक करार दिया।
पिछले चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने न्यूज़ीलैंड का दौरा नहीं किया था।
भारत-न्यूज़ीलैंड के बीच संभावित संयुक्त घोषणापत्र से व्यापार और रणनीतिक सहयोग में सकारात्मक परिणामों की उम्मीद।
प्रसाद ने आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक साझेदारी को समय की माँग बताया।
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी के उम्मीदवार बदलने को प्रसाद ने राजनीतिक अपरिपक्वता कहा।

जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने 11 जुलाई 2025 को पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित न्यूज़ीलैंड यात्रा को ऐतिहासिक करार दिया, यह कहते हुए कि पिछले चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने न्यूज़ीलैंड का दौरा नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने के लिहाज़ से यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इंडो-पैसिफिक में भारत की बढ़ती भूमिका

राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। उनके अनुसार, भारत के लिए इस क्षेत्र के देशों के साथ व्यापार, रणनीति और आर्थिक सहयोग की बड़ी संभावनाएँ हैं, और इन्हें साकार करना राष्ट्रीय हित में है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उससे भारत को पहले ही काफी लाभ मिल चुका है।

न्यूज़ीलैंड यात्रा का महत्व

JDU प्रवक्ता ने बताया कि दोनों देशों के बीच पारंपरिक रूप से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं, परंतु चार दशकों की कूटनीतिक निष्क्रियता के बाद यह यात्रा द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच संभावित संयुक्त घोषणापत्र से कई सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका को और विस्तार देने की कोशिश में है।

आतंकवाद पर वैश्विक सहयोग की ज़रूरत

आतंकवाद के मुद्दे पर राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि कोई भी देश इस खतरे से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करके ही आतंकवाद की चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है। उन्होंने इसे समय की माँग बताया।

बांकीपुर उपचुनाव और प्रशांत किशोर

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी द्वारा उम्मीदवार बदलने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रसाद ने कहा कि यह कदम उनकी राजनीतिक अपरिपक्वता को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का मजबूत गढ़ है और वहाँ राजनीतिक पकड़ बनाना आसान नहीं होगा। गौरतलब है कि प्रशांत किशोर के सामने अपनी राजनीतिक विश्वसनीयता साबित करने की बड़ी चुनौती है।

असम बजट और बिहार का रुख

असम के बजट पर पूछे गए सवाल पर प्रसाद ने कहा कि यह असम सरकार का अपना फैसला है। बिहार के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की NDA सरकार फिलहाल ऐसे किसी एजेंडे पर काम नहीं कर रही है और न ही इस तरह के किसी प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। आगे देखना होगा कि मोदी की न्यूज़ीलैंड यात्रा से द्विपक्षीय व्यापार और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में कौन-से ठोस परिणाम सामने आते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सत्तारूढ़ दल के प्रवक्ता का बयान स्वाभाविक रूप से सरकार के पक्ष में झुका हुआ है — इसे संतुलित नज़रिए से परखना ज़रूरी है। इंडो-पैसिफिक में भारत की सक्रियता वास्तविक रणनीतिक ज़रूरत है, किंतु ऑस्ट्रेलिया यात्रा से हुए 'काफी लाभ' के दावे का कोई ठोस आँकड़ा सामने नहीं आया। असली कसौटी यह होगी कि न्यूज़ीलैंड के साथ संभावित संयुक्त घोषणापत्र में व्यापार और रोज़गार के कितने मापनीय लक्ष्य तय होते हैं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी की न्यूज़ीलैंड यात्रा क्यों ऐतिहासिक मानी जा रही है?
पिछले चार दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने न्यूज़ीलैंड का दौरा नहीं किया था, इसलिए यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है। JDU प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद के अनुसार, यह भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच व्यापार, रणनीति और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देगी।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की रणनीति क्या है?
भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रमुख देशों के साथ व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। JDU प्रवक्ता के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के बाद न्यूज़ीलैंड के साथ संभावित संयुक्त घोषणापत्र इसी दिशा में अगला कदम है।
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी ने उम्मीदवार क्यों बदला?
इस बारे में प्रशांत किशोर की पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। JDU प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने इसे राजनीतिक अपरिपक्वता करार दिया और कहा कि बांकीपुर NDA का मजबूत गढ़ है।
आतंकवाद पर भारत का वैश्विक रुख क्या है?
JDU प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद के अनुसार, कोई भी देश आतंकवाद के खतरे से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और इसका मुकाबला केवल मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ही किया जा सकता है। उन्होंने वैश्विक साझेदारी को समय की माँग बताया।
बिहार की NDA सरकार किस नए एजेंडे पर काम कर रही है?
JDU प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि बिहार की NDA सरकार फिलहाल किसी नए विशेष एजेंडे पर काम नहीं कर रही है और न ही किसी ऐसे प्रस्ताव पर विचार हो रहा है। असम के बजट संबंधी सवाल पर उन्होंने इसे असम सरकार का अपना निर्णय बताया।
राष्ट्र प्रेस
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