ट्रंप की हत्या की ईरानी साजिश की खुफिया चेतावनी, तुर्किए से वापसी पर पुराने एयर फोर्स वन से कराई गई यात्रा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी अधिकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की ईरान की कथित साजिश से जुड़ी उस खुफिया जानकारी की जाँच कर रहे हैं, जो इजरायल ने हाल ही में साझा की है — यह जानकारी द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने 11 जुलाई को अपनी रिपोर्ट में दी। इसी सुरक्षा चेतावनी के मद्देनज़र तुर्किए से वापसी के दौरान ट्रंप को यात्रा के एक हिस्से में अधिक सुरक्षित माने जाने वाले पुराने एयर फोर्स वन विमान से ले जाने का निर्णय लिया गया।
खुफिया जानकारी की प्रकृति और विश्वसनीयता
द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, इस खुफिया जानकारी में संकेत मिले हैं कि ईरान ट्रंप को निशाना बनाने की नई योजना पर विचार कर रहा है। हालाँकि, कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने इस जानकारी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि खुफिया जानकारी में तेहरान के कट्टरपंथी हलकों में ट्रंप की हत्या को लेकर 'सामान्य चर्चा' का उल्लेख था, न कि किसी सुनिश्चित या विशिष्ट साजिश का।
यह चेतावनी ऐसे समय में सामने आई जब राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाज़ों पर ईरानी हमलों के बाद ईरान के विरुद्ध अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया था। इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि तेहरान पश्चिम एशिया में अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ जवाबी कदम उठा सकता है।
एयर फोर्स वन में बदलाव का फैसला
राष्ट्रपति ट्रंप कतर द्वारा डोनेट किए गए और अमेरिकी एयर फोर्स द्वारा संशोधित बोइंग 747 विमान में सवार होकर अंकारा में नाटो समिट में गए थे। वापसी के दौरान उन्होंने यात्रा के एक चरण के लिए पुराने एयर फोर्स वन में स्विच किया — पहले ब्रिटेन के लिए उड़ान भरी और फिर वाशिंगटन के लिए नए विमान में सवार हुए।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, यह निर्णय इस चिंता को दर्शाता है कि डोनेट किए गए विमान में कुछ रक्षात्मक क्षमताओं की कमी थी, जो बढ़ते खतरे के माहौल में सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक थीं।
ट्रंप की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (अमेरिकी समयानुसार) उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि इजरायल ने उनकी हत्या की ईरानी साजिश से संबंधित खुफिया जानकारी अमेरिका को दी है। ट्रंप ने कहा, "मैं लंबे समय से ईरान की हिट लिस्ट में नंबर-1 पर हूँ और ज़िंदगी ऐसी ही होती है। मैंने स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि अगर मेरे साथ कुछ भी होता है, तो ईरान पर ऐसे स्तर का बमबारी हमला किया जाए, जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा होगा।"
ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी सरकार द्वारा ईरान को युद्धविराम समाप्त होने की सूचना दिए जाने के बावजूद अमेरिका तेहरान के साथ बातचीत जारी रखेगा।
व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि यह घटनाक्रम अमेरिका-ईरान संबंधों में गहराते तनाव की पृष्ठभूमि में सामने आया है। होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी हमलों के बाद अमेरिकी सैन्य जवाब और अब हत्या की कथित साजिश की खबरें — दोनों मिलकर एक ऐसे माहौल का संकेत देती हैं जिसमें दोनों देशों के बीच तनाव नए स्तर पर पहुँच रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, यदि यह खुफिया जानकारी सही साबित होती है, तो यह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव का एक अत्यंत गंभीर संकेत होगा।
आने वाले दिनों में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की जाँच के नतीजे और ट्रंप प्रशासन की कूटनीतिक व सैन्य रणनीति पर सबकी नज़र रहेगी।