ट्रंप ने ईरानी हत्या साजिश की इजरायली चेतावनी को खारिज किया, बोले — 'ईरान पर ऐसी बमबारी होगी जो पहले कभी नहीं देखी'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार, 11 जुलाई को उन मीडिया रिपोर्टों को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि इजरायली खुफिया एजेंसियों ने अमेरिका को ईरान की एक नई हत्या साजिश की जानकारी दी है, जिसका निशाना स्वयं ट्रंप हैं। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके साथ कोई भी घटना होती है, तो ईरान को अभूतपूर्व सैन्य हमले का सामना करना पड़ेगा।
ट्रंप का बयान और चेतावनी
ट्रंप ने कहा, 'मैं लंबे समय से ईरान की हिट लिस्ट में नंबर-1 पर हूं और ज़िंदगी ऐसी ही होती है। मैंने स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि अगर मेरे साथ कुछ भी होता है, तो ईरान पर ऐसे स्तर का बमबारी हमला किया जाए, जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा होगा।' यह बयान उन्होंने नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोहराया, जहाँ उन्होंने स्वीकार किया कि वे तेहरान के 'प्रमुख निशाने' पर बने हुए हैं।
मीडिया रिपोर्टों का आधार
द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने गुरुवार, 10 जुलाई को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि इजरायल ने हाल ही में अमेरिका के साथ ऐसी खुफिया जानकारी साझा की, जिसमें संकेत था कि ईरान ट्रंप की हत्या की नई योजना पर विचार कर रहा है। अखबार के अनुसार, यदि यह सही साबित होता है, तो यह दोनों देशों के बीच तनाव में एक गंभीर इजाफा होगा।
सीएनएन ने भी मामले से जुड़े दो सूत्रों के हवाले से बताया कि इजरायल ने यह चेतावनी अमेरिकी अधिकारियों तक पहुँचाई थी। हालाँकि उल्लेखनीय है कि इजरायली जानकारी मिलने से पहले अमेरिकी एजेंसियों ने स्वतंत्र रूप से इस खुफिया सूचना की पुष्टि नहीं की थी।
व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया
जब इन रिपोर्टों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया माँगी गई, तो व्हाइट हाउस ने दोनों समाचार संस्थानों को ट्रंप के हालिया सार्वजनिक बयान का हवाला दिया। प्रशासन ने न तो रिपोर्टों की पुष्टि की और न ही उन्हें पूरी तरह नकारा — व्हाइट हाउस ने ट्रंप के बयान को ही अपना आधिकारिक जवाब माना।
ईरान के साथ बातचीत जारी
इन घटनाक्रमों के बीच ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार द्वारा ईरान को युद्धविराम समाप्त होने की सूचना दिए जाने के बाद भी अमेरिका तेहरान के साथ कूटनीतिक बातचीत जारी रखेगा। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान संबंध पहले से ही अत्यंत तनावपूर्ण हैं और परमाणु वार्ता की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप पर ईरानी खतरे की बात सामने आई हो। 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी जनरल क़ासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ट्रंप ईरान के निशाने पर बताए जाते रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने तब से कई बार ऐसी साजिशों को विफल करने का दावा किया है। इजरायल की भूमिका — अमेरिका को खुफिया जानकारी देने वाले सहयोगी के रूप में — इस घटनाक्रम में एक नया आयाम जोड़ती है, जो तीनों देशों के बीच रणनीतिक समीकरण को और जटिल बनाती है।