11 जुलाई 2026
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ट्रंप ने ईरानी हत्या साजिश की इजरायली चेतावनी को खारिज किया, बोले — 'ईरान पर ऐसी बमबारी होगी जो पहले कभी नहीं देखी'

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ट्रंप ने ईरानी हत्या साजिश की इजरायली चेतावनी को खारिज किया, बोले — 'ईरान पर ऐसी बमबारी होगी जो पहले कभी नहीं देखी'

सारांश

ट्रंप ने इजरायली खुफिया चेतावनी को खारिज किया, लेकिन माना कि वे ईरान की 'हिट लिस्ट में नंबर-1' हैं — और साथ में दे दी अभूतपूर्व बमबारी की धमकी। कूटनीति और टकराव एक साथ चल रहे हैं।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 जुलाई को उन रिपोर्टों को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि इजरायल ने ईरानी हत्या साजिश की जानकारी अमेरिका को दी।
ट्रंप ने स्वीकार किया कि वे ईरान की हिट लिस्ट में नंबर-1 हैं और पहले से निर्देश दे चुके हैं कि उनके साथ कुछ होने पर ईरान पर अभूतपूर्व बमबारी की जाए।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल और सीएनएन ने दावा किया कि इजरायली खुफिया एजेंसियों ने अमेरिका को ईरान की नई साजिश की चेतावनी दी।
अमेरिका ने इजरायली जानकारी मिलने से पहले इस खुफिया सूचना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की थी।
व्हाइट हाउस ने रिपोर्टों पर सीधा जवाब देने की बजाय ट्रंप के सार्वजनिक बयान का हवाला दिया।
ट्रंप ने यह भी कहा कि युद्धविराम समाप्ति की सूचना के बावजूद अमेरिका तेहरान से बातचीत जारी रखेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार, 11 जुलाई को उन मीडिया रिपोर्टों को सार्वजनिक रूप से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि इजरायली खुफिया एजेंसियों ने अमेरिका को ईरान की एक नई हत्या साजिश की जानकारी दी है, जिसका निशाना स्वयं ट्रंप हैं। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके साथ कोई भी घटना होती है, तो ईरान को अभूतपूर्व सैन्य हमले का सामना करना पड़ेगा।

ट्रंप का बयान और चेतावनी

ट्रंप ने कहा, 'मैं लंबे समय से ईरान की हिट लिस्ट में नंबर-1 पर हूं और ज़िंदगी ऐसी ही होती है। मैंने स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि अगर मेरे साथ कुछ भी होता है, तो ईरान पर ऐसे स्तर का बमबारी हमला किया जाए, जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा होगा।' यह बयान उन्होंने नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोहराया, जहाँ उन्होंने स्वीकार किया कि वे तेहरान के 'प्रमुख निशाने' पर बने हुए हैं।

मीडिया रिपोर्टों का आधार

द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने गुरुवार, 10 जुलाई को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि इजरायल ने हाल ही में अमेरिका के साथ ऐसी खुफिया जानकारी साझा की, जिसमें संकेत था कि ईरान ट्रंप की हत्या की नई योजना पर विचार कर रहा है। अखबार के अनुसार, यदि यह सही साबित होता है, तो यह दोनों देशों के बीच तनाव में एक गंभीर इजाफा होगा।

सीएनएन ने भी मामले से जुड़े दो सूत्रों के हवाले से बताया कि इजरायल ने यह चेतावनी अमेरिकी अधिकारियों तक पहुँचाई थी। हालाँकि उल्लेखनीय है कि इजरायली जानकारी मिलने से पहले अमेरिकी एजेंसियों ने स्वतंत्र रूप से इस खुफिया सूचना की पुष्टि नहीं की थी।

व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया

जब इन रिपोर्टों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया माँगी गई, तो व्हाइट हाउस ने दोनों समाचार संस्थानों को ट्रंप के हालिया सार्वजनिक बयान का हवाला दिया। प्रशासन ने न तो रिपोर्टों की पुष्टि की और न ही उन्हें पूरी तरह नकारा — व्हाइट हाउस ने ट्रंप के बयान को ही अपना आधिकारिक जवाब माना।

ईरान के साथ बातचीत जारी

इन घटनाक्रमों के बीच ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार द्वारा ईरान को युद्धविराम समाप्त होने की सूचना दिए जाने के बाद भी अमेरिका तेहरान के साथ कूटनीतिक बातचीत जारी रखेगा। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान संबंध पहले से ही अत्यंत तनावपूर्ण हैं और परमाणु वार्ता की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप पर ईरानी खतरे की बात सामने आई हो। 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी जनरल क़ासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ट्रंप ईरान के निशाने पर बताए जाते रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने तब से कई बार ऐसी साजिशों को विफल करने का दावा किया है। इजरायल की भूमिका — अमेरिका को खुफिया जानकारी देने वाले सहयोगी के रूप में — इस घटनाक्रम में एक नया आयाम जोड़ती है, जो तीनों देशों के बीच रणनीतिक समीकरण को और जटिल बनाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो इतनी तीखी प्रतिक्रिया क्यों? और यदि खतरा वास्तविक है, तो उसे 'खारिज' करना रणनीतिक है या राजनीतिक? व्हाइट हाउस का सीधे जवाब देने से बचना यह संकेत देता है कि प्रशासन के भीतर इस मामले पर एकमत नहीं है। इजरायल की भूमिका — खुफिया साझेदार के रूप में — यह भी उजागर करती है कि अमेरिका-इजरायल-ईरान का त्रिकोण अब सूचना-युद्ध के नए मोर्चे पर भी सक्रिय है, जहाँ हर रिपोर्ट और हर खंडन एक कूटनीतिक संदेश भी है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने किस रिपोर्ट को खारिज किया?
ट्रंप ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल और सीएनएन की उन रिपोर्टों को खारिज किया जिनमें दावा था कि इजरायली खुफिया एजेंसियों ने अमेरिका को ईरान की एक नई हत्या साजिश की चेतावनी दी है, जिसका निशाना स्वयं ट्रंप हैं। हालाँकि उन्होंने यह भी माना कि वे ईरान की हिट लिस्ट में नंबर-1 हैं।
ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी?
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पहले से निर्देश दे रखे हैं कि यदि उनके साथ कुछ भी होता है, तो ईरान पर ऐसे स्तर का बमबारी हमला किया जाए जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा होगा। यह बयान उन्होंने नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोहराया।
क्या अमेरिका ने इजरायली खुफिया जानकारी की पुष्टि की?
नहीं। सीएनएन के अनुसार, इजरायल की जानकारी मिलने से पहले अमेरिकी एजेंसियों ने स्वतंत्र रूप से इस खुफिया सूचना की पुष्टि नहीं की थी। व्हाइट हाउस ने भी रिपोर्टों पर सीधी प्रतिक्रिया देने की बजाय ट्रंप के सार्वजनिक बयान का हवाला दिया।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी भी जारी है?
हाँ। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार द्वारा ईरान को युद्धविराम समाप्त होने की सूचना दिए जाने के बाद भी अमेरिका तेहरान के साथ कूटनीतिक बातचीत जारी रखेगा। यह सैन्य चेतावनी और कूटनीति के एक साथ चलने का संकेत है।
ईरान ट्रंप को निशाना क्यों बनाना चाहता है?
2020 में ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी जनरल क़ासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ईरान ट्रंप को अपने प्रमुख निशानों में से एक मानता रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने तब से कई बार ऐसी साजिशों को विफल करने का दावा किया है।
राष्ट्र प्रेस
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